सूर्य, मंगल और शुक्र से लेकर गगनयान तक: चंद्रयान-2 के बाद इसरो के पास हैं ये बड़े प्रोजेक्ट

इसरो आने वाले पांच से सात सालों के अंदर ऐसे कई मिशन लॉन्च करने वाला है, जिससे भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी देश बन जाएगा. इन मिशन में मंगलयान-2 से लेकर मिशन गगनयान तक शामिल हैं.

News18Hindi
Updated: July 11, 2019, 12:12 PM IST
सूर्य, मंगल और शुक्र से लेकर गगनयान तक: चंद्रयान-2 के बाद इसरो के पास हैं ये बड़े प्रोजेक्ट
इसरो आने वाले पांच से सात सालों में अंतरिक्ष में सफलता की नई कहानी लिखने जा रहा है. (चंद्रयान-2 की तस्वीर)
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Updated: July 11, 2019, 12:12 PM IST
भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी (इसरो) 15 जुलाई को अपने महत्वकांक्षी प्रोजेक्ट चंद्रयान-2 को लॉन्च करने जा रही है. इस मिशन की सफलता के साथ ही अंतरिक्ष में भारत की कामयाबी की कहानी में एक और अध्याय जुड़ जाएगा. वहीं इसरो आने वाले पांच से सात सालों के अंदर ऐसे कई मिशन लॉन्च करने वाला है, जिससे भारत अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में अग्रणी देश बन जाएगा. कौन-कौन से हैं वो प्रोजेक्ट चलिए आपको बताते हैं.

चंद्रयान-3
चंद्रयान-2 के बाद इसरो चंद्रयान-3 अभियान लॉन्च करेगा. तीसरे चंद्र मिशन के 2020 के अंत तक पूरा होने की संभावना है. उम्मीद जताई जा रही है कि तीसरे मून मिशन में भारतीय रोबोट चांद की सतह पर उतारेगा और वहां जाकर विभिन्न प्रकार की जांच करेगा.

आदित्य- L1

चंद्रमा और मंगल पर सफलता के बाद इसरो का अगला लक्ष्य सूर्य है. सूर्य के अध्ययन के लिए आदित्य- L1 भेजा जाएगा. आदित्य L1 को 2020 के बीचोबीच लॉन्च किया जा सकता है. इस मिशन से हमें जलवायु परिवर्तन (क्लाइमेट चेंज) के बारे में जानने में भी मदद मिलेगी.



NISAR
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NISAR प्रोजेक्ट को इसरो, नासा के साथ मिलकर बना रहा है. इस पूरे प्रोजेक्ट का नाम है- NASA-Isro Synthetic Aperture Radar (NISAR). इस प्रोजेक्ट की संभावित लागत 10 हजार करोड़ रुपये होगी. यह दुनिया का सबसे महंगा ऑब्जरवेशन सैटेलाइट होगा. इस मिशन के 2021 तक पूरा होने की उम्मीद है.

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शुक्रयान
चंद्रमा और मंगल के बाद इसरो का अगल मिशन होगा शुक्र ग्रह. इसरो 2023 तक शुक्र पर मिशन भेजने की कोशिश करेगा. शुक्रयान शुक्र ग्रह के चारों तरफ नजदीक 500 किमी और दूर 60 हजार किमी की कक्षा में चक्कर लगाएगा और इसके विभिन्न राज उजागर करेगा.

मंगलयान-2
मंगलयान के बाद इसरो मंगलयान-2 अभियान की तैयारी में जुट चुका है. इस बार मंगलयान सिर्फ मंगल ग्रह का चक्कर नहीं लगाएगा, बल्कि लैंडर और रोवर मंगल की सतह पर उतरकर एक्सपेरीमेंट भी करेंगे. इस मिशन को 2021-22 तक लॉन्च किया जा सकता है.



गगनयान
15 अगस्त 2022 तक इसरो तीन यात्रियों को सात दिनों के लिए अंतरिक्ष में भेजेगा. इससे पहले दिसंबर 2020 और जुलाई 2021 में बिना इंसान के गगनयान का प्रक्षेपण किया जाएगा ताकि मिशन की सुरक्षा और सटीकता की जांच की जा सके. अब तक केवल रूस, अमेरिका और चीन ही मानव को अंतरिक्ष में भेजने में सफलता हासिल कर पाए हैं, ऐसे में भविष्य की अंतरिक्ष यात्राओं के लिए इसरो का यह पहला कदम होगा.

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First published: July 11, 2019, 11:22 AM IST
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