कांग्रेस के हाथ से फिसला पुडुचेरी, लेकिन विपक्ष ने नहीं किया सरकार बनाने का दावा! समझें कारण

इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के पांच विधायकों में से दो ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. (फाइल फोटो)

V. Narayanasamy resigns: विपक्ष की मांग पर उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने मुख्यमंत्री से सोमवार को बहुमत साबित करने को कहा और आंकड़ें पूरे ना होने के चलते वी. नारायणसामी को इस्तीफा देना पड़ा.

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    नई दिल्ली. पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले कांग्रेस (Congress) नीत गठबंधन वाली वी. नारायणसामी (V. Narayanasamy) की सरकार गिर गई... लेकिन जिस विपक्ष की मांग पर उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री नारायणसामी को बहुमत साबित करने को कहा, उस विपक्ष की रणनीति अब क्या है? दरअसल मामला यही दिलचस्प हो जाता है! बता दें कि 17 फरवरी को पुडुचेरी (Puducherry) में राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की रैली से पहले कांग्रेस के चार विधायकों ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद रविवार को एक और कांग्रेस विधायक के. लक्ष्मीनारायणन ने भी अपना इस्तीफा विधानसभा स्पीकर को सौंप दिया. 5 कांग्रेस विधायकों के अलावा डीएमके के एक विधायक ने भी अपना इस्तीफा स्पीकर को सौंपा. इस बीच बीजेपी और विपक्ष की अन्य पार्टियों ने कहा कि मुख्यमंत्री वी. नारायणसामी के पास बहुमत नहीं है. विपक्ष की मांग पर उपराज्यपाल तमिलिसाई सौंदरराजन ने मुख्यमंत्री से सोमवार को बहुमत साबित करने को कहा और आंकड़ें पूरे ना होने के चलते वी. नारायणसामी को इस्तीफा देना पड़ा.

    बहुमत का आंकड़ा नहीं जुटा पाई कांग्रेस
    पुडुचेरी में विपक्ष की मुख्य पार्टी एनआर कांग्रेस के प्रमुख एन. रंगास्वामी ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि उन्होंने राज्य में अगली सरकार बनाने का दावा नहीं किया है, लेकिन उन्हें उपराज्यपाल के न्यौते का इंतजार है. रंगास्वामी ने कहा, "मैंने सरकार बनाने का दावा नहीं किया है, बल्कि केवल बहुमत परीक्षण की मांग की थी." राज्य विधानसभा चुनावों से तीन महीने पहले वी. नारायणसामी की कांग्रेस सरकार गिरने के बाद अब सारी निगाहें विपक्षी पार्टियों पर हैं, जिनके पास बहुमत का जरूरी आंकड़ा है. सोमवार को कांग्रेस और डीएमके की अगुवाई वाली सरकार बहुमत के जरूरी 14 विधायकों का समर्थन नहीं जुटा पाई. पुडुचेरी विधानसभा में विधायकों की कुल संख्या 26 है. गौरतलब है कि कांग्रेस के 5 और डीएमके के एक विधायक के इस्तीफा देने के बाद नारायणसामी के पास बहुमत का आंकड़ा नहीं रहा.

    बीजेपी पर बरसे वी. नारायणसामी
    सरकार गिरने से आक्रोशित वी. नारायणसामी ने बीजेपी और एनआर कांग्रेस पर मिलीभगत करके विधायकों को तोड़कर उनकी सरकार गिराने का आरोप लगाया. एनडीटीवी के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में एनआर कांग्रेस चीफ ने इस बात से इंकार किया कि उनकी बीजेपी के साथ मिलीभगत है. हालांकि उन्होंने ये जरूर कहा कि अगर उपराज्यपाल सरकार बनाने के लिए उन्हें आमंत्रित करती हैं तो वे बीजेपी के साथ अन्य सहयोगी पार्टियों से जरूर संपर्क करेंगे और इसके बाद नई सरकार के गठन पर फैसला लेंगे, जिसकी प्रासंगिकता मई महीने तक रहेगी.

    राज्यपाल के पत्र का इंतजार
    रंगास्वामी ने कहा, "अगर उपराज्यपाल की ओर से पत्र आता है तो अपने सहयोगियों के साथ विचार विमर्श करके इस पर फैसला लूंगा." गठबंधन की सरकार के सवाल पर उन्होंने कहा, अभी कुछ कहा नहीं जा सकता, सहयोगियों से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लेंगे. पुडुचेरी में बीजेपी को मजबूत बनाने के सवाल पर रंगास्वामी ने कहा कि इस सवाल का जवाब सहयोगियों के साथ चर्चा के बाद ही दिया जा सकता है. हालांकि उन्होंने कोई सीधा जवाब नहीं दिया. विधायकों को पैसे देकर खरीदने के आरोपों पर रंगास्वामी ने कहा, "उनके विधायकों ने अपने कार्यकाल के दौरान कुछ नहीं किया और उन्हें डर था कि जनता चुनावों में नकार देगी, शायद इसी डर से उन्होंने इस्तीफा दे दिया."

    पुडुचेरी में बीजेपी का विधायक नहीं!
    बता दें कि इस्तीफा देने वाले कांग्रेस के पांच विधायकों में से दो ने बीजेपी में शामिल होने का फैसला किया है. बाकियों के बारे में भी अनुमान लगाए जा रहे हैं. केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी में बीजेपी का कोई विधायक नहीं है, लेकिन केंद्र की सत्ता में विराजमान पार्टी ने अपने तीन नेताओं को विधानसभा के लिए नामित किया है और अगर राज्य में एनआर कांग्रेस की अगुवाई में सरकार बनती है, तो तीनों नेता मंत्री बन सकते हैं.

    पुडुचेरी में अप्रैल-मई में विधानसभा चुनाव होंगे.

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