आजादी के इस सिपाही को 40 साल के संघर्ष के बाद मिली पेंशन

न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि लोग स्वतंत्रता सेनानियों की पीड़ा और उनके बरिदान को भूल गए हैं, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए यातनाएं झेली.

News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 12:49 PM IST
आजादी के इस सिपाही को 40 साल के संघर्ष के बाद मिली पेंशन
95 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी हीरा सिंह को चार दशक की लंबी लड़ाई लड़ने के बाद पेंशन पाने में कामयाबी मिली है.
News18Hindi
Updated: July 2, 2019, 12:49 PM IST
देश की आजादी के लिए अंग्रेजों से लड़ने वाले 95 वर्षीय स्वतंत्रता सेनानी हीरा सिंह को चार दशक की लंबी लड़ाई लड़ने के बाद पेंशन पाने में कामयाबी मिली है. दिल्ली की हाईकोर्ट ने सोमवार को केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह स्वतंत्रता सेनानी हीरा सिंह को 12 फीसदी ब्याज के साथ बकाया पेंशन और हर्जाने के तौर पर 1 लाख रुपये का भुगतान करे.

न्यायमूर्ति सी हरिशंकर की पीठ ने कहा कि लोग स्वतंत्रता सेनानियों की पीड़ा और उनके बरिदान को भूल गए हैं, जिन्होंने आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य के लिए यातनाएं झेली. बता दें कि हीरा सिंह ने स्वतंत्रता सैनिक सम्मान (एसएसएस) पेंशन योजना के तहत मार्च 1982 में आवेदन किया था. इसे हासिल करने में उन्हें 40 साल लग गए.

सरकार ने रद्द कर दिया था आवेदन

कोर्ट ने कहा कि केंद्र ने याची के आवेदन को रद्द करने में भी 25 साल लगाए और उसे जून 2007 में रद्द कर दिया. सरकार की तरफ से इस देर के लिए कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया. सिंह ने अपनी याचिका में कहा कि आजादी की लड़ाई के दौरान उन्होंने अन्य सेनानियों के साथ मिलकर एक रेलवे स्टेशन, डाकघर और पुलिस थाने पर कब्जा कर लिया था. जिससे अंग्रेजों के लिए मधुबनी से लेकर दरभंगा मुख्यालयों का संपर्क पटना से कट गया था. इसके बाद ब्रिटिश सरकार ने उनके खिलाफ आपराधिक कार्यवाही शुरू कर दी थी.

ब्रिटिश सरकार ने घोषित किया था भगोड़ा

सेनानी हीरा ने याचिका में बताया कि उन्हें अगस्त 1942 से दिसंबर 1946 तक अंडर ग्राउंड रहना पड़ा था. ब्रिटिश सरकार ने उन्हें अपराधी बताया 1944 में भगोड़ा भी घोषित कर दिया था. बता दें कि 1947 में मिली आजादी के बाद सरकार ने सेनानियों के कल्याण के लिए कई योजनाएं बनाई थीं. इनमें से एसएसएस योजना भी एक थी.

4 हफ्तों में करना होगा भुगतान
Loading...

कोर्ट ने अगले चार हफ्तों के अंदर 1 लाख के साथ पेंशन का तमाम बकाया देने के लिए कहा है. अगर सरकार निर्देश का पालन करने में विफल रहते ही तो उसे 12 फीसदी सालाना की दर से पूरी राशि पर ब्याज चुकाना होगा.

ये भी पढ़ें-

परमाणु समझौते पर ट्रंप की ईरान को चेतावनी- आग से खेलना बंद करो, वरना...
First published: July 2, 2019, 12:47 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...