मीडिया रिपोर्ट्स से नहीं, जजों के काम से तय होती है सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता: CJI

हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कुरियन जोसेफ ने पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा के कामकाज पर सवाल उठाए थे. अब मौजूदा सीजेआई रंजन गोगोई ने अपनी राय रखी है.

News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 2:06 PM IST
मीडिया रिपोर्ट्स से नहीं, जजों के काम से तय होती है सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता: CJI
जस्टिस रंजन गोगोई (बाएं) और जस्टिस दीपक मिश्रा (दाएं)
News18Hindi
Updated: December 6, 2018, 2:06 PM IST
सुप्रीम कोर्ट से हाल ही में रिटायर हुए जस्टिस कुरियन जोसेफ ने पूर्व प्रधान न्यायाधीश (CJI) दीपक मिश्रा पर चौंकाने वाला बयान दिया था. अब मौजूदा सीजेआई रंजन गोगोई ने भी शीर्ष अदालत की विश्वसनीयता पर अपनी राय रखी है. एक पीआईएल पर सुनवाई करते हुए सीजेआई गोगोई ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता मीडिया और अखबारों के रिपोर्ट्स से नहीं होती. शीर्ष अदालत की विश्वसनीयता यहां काम करने वाले लोगों से तय होती है.

CBI vs CBI: SC ने केंद्र से पूछा- रातोंरात आलोक वर्मा को हटाने की जल्दी क्यों थी?

दरअसल, वकील ने कोर्ट की विश्वसनीयता का हवाला देते हुए पीआईएल पर जल्द सुनवाई की अपील की थी, जिसपर सीजेआई ने ये टिप्पणी की. उन्होंने कहा, आपने पीआईएल फाइल करके अपना काम कर दिया है. अब हमें हमारा काम करने दीजिए. हमें कोर्ट की विश्वसनीयता के बारे में न बताएं.'

बता दें कि हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज कुरियन जोसेफ ने पूर्व सीजेआई दीपक मिश्रा के कामकाज पर सवाल उठाए थे. एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा था कि सीजेआई को कोई और कंट्रोल कर रहा था. इसलिए सुप्रीम कोर्ट के चार जजों को प्रेस कॉन्फ्रेंस करनी पड़ी. लोकतंत्र की रक्षा और सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयत बनाए रखने के लिए ऐसा करना जरूरी थी.

जस्टिस कुरियन ने कहा था कि जहां तक शीर्ष अदालत की बात है, तो उच्चतर न्यायपालिका में नियुक्तियों और स्थानान्तरण से जुड़े ‘मैमोरेंडम ऑफ प्रोसीजर’ (एमओपी) अंतिम रूप में है. ये कॉलेजियम मसौदे के अनुसार काम कर रहा है.

क्या है आर्टिकल 32, जिसके तहत SC पहुंचे CBI चीफ आलोक वर्मा

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस कुरियन जोसेफ, जस्टिस जे. चेलमेश्वर, जस्टिस लोकुर और जस्टिस रंजन गोगोई ने 12 जनवरी को प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी. इस दौरान उन्होंने कहा था कि सुप्रीम कोर्ट की आज़ादी खतरे में हैं. चारों जजों ने तत्कालीन सीजेआई दीपक मिश्रा के कामकाज पर भी सवाल उठाए थे. इन जजों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीबीआई स्पेशल जज बीएच लोया की मौत का मामला भी उठाया था.
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
-->