केरल के बाद अब तमिलनाडु विधानसभा में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्‍ताव पेश करने की तैयारी

केरल के बाद अब तमिलनाडु विधानसभा में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्‍ताव पेश करने की तैयारी
केरल के बाद अब तमिलनाडु विधानसभा में भी सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव लाने की तैयारी चल रही है.

तमिलनाडु (Tamil Nadu) में विपक्ष के नेता एमके स्टालिन (MK Stalin) ने नागरिकता संशोधन कानून 2019 के खिलाफ केरल विधानसभा में पेश मुख्‍यमंत्री पी. विजयन (P. Vijayan) के प्रस्ताव के पारित होने का स्वागत किया था. अब डीएमके (DMK) ने नागरिकता कानून 2019 के खिलाफ विधानसभा में प्रस्‍ताव लाने की पहल की है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 2, 2020, 2:20 PM IST
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नई दिल्‍ली. केरल विधानसभा (Kerala Assembly) में नागरिकता संशोधन कानून 2019 (CAA 2019) के खिलाफ प्रस्‍ताव पारित होने के बाद अब तमिलनाडु (Tamil Nadu) में भी ऐसा ही रिजॉल्‍यूशन पेश करने की तैयारी की जा रही है. बताया जा रहा है कि डीएमके (DMK) ने इस दिशा में पहल की है. तमिलनाडु में विपक्ष के नेता एमके स्टालिन (MK Stalin) ने केरल विधानसभा में पेश मुख्‍यमंत्री पी. विजयन (CM Pinarayi Vijayan) के पेश प्रस्ताव के पारित होने का स्वागत किया था. स्टालिन ने तमिलनाडु के मुख्यमंत्री से 6 जनवरी को बुलाई गई विधानसभा में भी इसी तरह का प्रस्ताव अपनाने का आग्रह किया. उन्‍होंने कहा था, 'आम लोग चाहते हैं कि हर राज्य की विधानसभा में ऐसा प्रस्‍ताव पारित किया जाए.'

केरल के राज्‍यपाल ने कहा- वैध नहीं है विधानसभा में पारित प्रस्‍ताव
विजयन का प्रस्‍ताव पारित होने और तमिलनाडु में इसकी तैयारियों के बीच केरल के राज्‍यपाल आरिफ मोहम्‍मद खान (Governor Arif Mohammad Khan) ने बृहस्‍पतिवार को कहा कि ये कानूनी तौर पर मान्‍य नहीं होगा. उन्‍होंने कहा कि पारित प्रस्‍ताव की न तो कोई कानूनी वैधता है और न ही यह संवैधानिक है. नागरिकता केंद्र का विषय है. इससे राज्‍य का कोई लेनादेना नहीं है. इससे पहले केंद्रीय विधि मंत्री (Union Law Minister) रविशंकर प्रसाद (Ravi Shankar Prasad) ने बुधवार को कहा था कि राज्‍यों को नागरिकता कानून लागू करना ही होगा. इस दौरान उन्‍होंने राज्‍य सरकारों के लिए संवैधानिक प्रावधान भी बताए. वहीं, केरल के मुख्‍यमंत्री पी. विजयन ने कहा कि राज्‍य विधानसभाओं के अपने विशेषाधिकार हैं.

गोवा कांग्रेस के चार नेताओं ने सीएए के पक्ष में दिया पार्टी से इस्‍तीफा
इस बीच गोवा (Goa) में कांग्रेस (Congress) के चार नेताओं ने पार्टी से इस्‍तीफा दे दिया है. उनका कहना है कि नागरिकता कानून और नेशनल रजिस्‍टर ऑफ सिटिजंस (NRC) के खिलाफ कांग्रेस का रुख सही नहीं है. इसी के खिलाफ उन्‍होंने पार्टी से इस्‍तीफा दिया है. पणजी कांग्रेस ब्‍लॉक कमेटी के अध्‍यक्ष प्रसाद अमोंकर, उत्‍तरी गोवा अल्‍पसंख्‍यक सेल के प्रमुख जावेद शेख, ब्‍लॉक कमेटी सचिव दिनेश कुबल और युवा नेता शिवराज तारकर ने इस्‍तीफा देने के बाद कहा कि हम नागरिकता संशोधन कानून के पक्ष में हैं. कांग्रेस लोगों को और खासकर अल्‍पसंख्‍यकों (Minorities) को कानून के बारे में गुमराह (Mislead) कर रही है.



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