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केरल के बाद पंजाब सरकार ने भी किया नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश

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Updated: January 17, 2020, 2:51 PM IST
केरल के बाद पंजाब सरकार ने भी किया नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश
पंजाब सीएम ने कहा, यह कानून एनआरसी और एनपीआर के साथ भारतीय संविधान का उल्लंघन करता है.

अमरिंदर सिंह (Amarinder Singh) ने कहा कि वो अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के खिलाफ नहीं है लेकिन वो मुसलमानों सहित कुछ धार्मिक समुदायों के खिलाफ CAA में भेदभाव" के पूरी तरह से विरोधी थे.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 2:51 PM IST
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पंजाब. केरल के बाद पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में भी नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ एक प्रस्ताव पास कर दिया गया. इसे कैप्टन सरकार ने पेश किया. इससे पहले पंजाब सरकार ने कहा था कि इस कानून से राष्ट्र के धर्मनिरपेक्ष ताने-बाने के छिन्न-भिन्न होने का खतरा बढ़ गया है. ऐसे में सरकार नागरिकता संशोधन कानून (CAA), राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) के संबंध में सदन की इच्छा से आगे बढ़ेगी.

मंत्री ब्रह्म मोहिंद्रा ने दो दिवसीय विधानसभा सत्र के दूसरे दिन इस कानून के खिलाफ प्रस्ताव पेश किया. मोहिंद्रा ने इस प्रस्ताव को पढ़ते हुए कहा, 'संसद की ओर से पारित सीएए (CAA) से देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए. इससे लोगों में काफी गुस्सा है और सामाजिक अशांति पैदा हुई है. इस कानून के खिलाफ पंजाब में भी विरोध प्रदर्शन हुआ जो कि शांतिपूर्ण था और इसमें समाज के सभी तबके के लोगों ने हिस्सा लिया था.

अमरिंदर सिंह- विभाजन करने वाले कानून को लागू नहीं होने देंगे
पंजाब की कांग्रेस सरकार ने मंगलवार को कहा था कि वह सीएए, राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) के मुद्दे पर सदन की भावना के अनुसार आगे बढ़ेगी. मुख्यमंत्री ने हाल ही में कहा था कि उनकी सरकार विभाजन करने वाले इस कानून को लागू नहीं होने देगी. यह कानून भारतीय संविधान का उल्लंघन करता है.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सीएए को निरस्त करने के प्रस्ताव को आगे बढ़ाने पर विचार करने के लिए पंजाब विधानसभा की सराहना की.

अमरिंदर सिंह ने कहा कि वो अल्पसंख्यकों को नागरिकता देने के खिलाफ नहीं है लेकिन वो मुसलमानों सहित कुछ धार्मिक समुदायों के खिलाफ सीएए में भेदभाव" के पूरी तरह से विरोधी थे.

इससे पहले दिसंबर 2018 में, केरल विधानसभा ने हाल ही में विवादास्पद कानून को खत्म करने की मांग करते हुए एक प्रस्ताव पारित किया था, ऐसा करने वाला केरल देश का पहला राज्य बन गया था. इसने केंद्र से देशव्यापी विरोध शुरू करने वाले विवादास्पद कानून को रद्द करने के लिए कहा.

एबीवीपी के कार्यकर्ता विधानसभा के बाहर दोपहर 12 बजे इकट्ठा होकर प्रदर्शन करेंगे उनका कहना है कि ऐसा करके पंजाब सरकार नौकरी जैसे जरूरी मुद्दों से जनता का ध्यान हटाना चाहती है.

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First published: January 17, 2020, 11:50 AM IST
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