फर्जी डिग्री मामला: न्यूज18 की खबर का असर, जांच के आदेश

मानव संसाधन विकास मंत्री (HRD Minister) रमेश पोखरियाल (Ramesh Pokhriyal) ने अपने ट्वीट में कहा कि एक न्यूज चैनल में प्रसारित,कुछ संस्थाओं द्वारा डिग्रियां बेचे जाने का समाचार उनके संज्ञान में आया है.

News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 8:27 AM IST
फर्जी डिग्री मामला: न्यूज18 की खबर का असर, जांच के आदेश
मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने गुरुवार को CNN-News18 पर दिखाई गई एक्सक्लुसिव रिपोर्ट का संज्ञान लिया है.
News18Hindi
Updated: August 30, 2019, 8:27 AM IST
मानव संसाधन विकास मंत्रालय (HRD) ने गुरुवार को CNN-News18 पर दिखाई गई एक्सक्लुसिव रिपोर्ट का संज्ञान लिया, जिसमें शिक्षण संस्थानों के स्याह पक्ष को उजागर किया गया था. इस रिपोर्ट में एजेंटों ने बिना कक्षाओं में या फिर कक्षा में शामिल हुए बिना डिग्री देने का दावा किया था.

CNN-News18 ने देश के कई हिस्सों में चल रहे एक एजुकेशन रैकेट का खुलासा किया. जहां एजेंट पैसों के बदले डिग्री देने का दावा करते नजर आए. इस रिपोर्ट के बाद मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को जांच के लिए एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया है.

मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया, "समिति को तीन सप्ताह के भीतर अपनी जांच पूरी करनी है और ऐसे संस्थानों एवं व्यक्तियों की पहचान करनी है." वहीं, मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने भी ट्वीट कर कहा कि इस संबंध में संबंधित संस्थाओं को जांच के निर्देश दिए गए हैं.

एचआरडी मंत्रालय ने इस बारे में ट्वीट कर बताया कि मीडिया में आई खबरों के मद्देनजर मंत्रालय ने कुछ विश्वविद्यालयों में फर्जी डिग्रियों की ब्रिकी के आरोपों पर यूजीसी को तत्काल एक उच्च स्तरीय समिति के गठन का आदेश दिया है.

समिति करेगी दोषियों की पहचान
यह समिति उन संस्थानों एवं व्यक्तियों की पहचान करेगी जो ऐसे अवैध कार्यों में लिप्त हैं ताकि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके. वहीं, इस विषय पर मानव संसाधन विकास मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने अपने ट्वीट में कहा कि एक न्यूज चैनल में प्रसारित,कुछ संस्थाओं द्वारा डिग्रियां बेचे जाने का समाचार उनके संज्ञान में आया है.

उन्होंने कहा, "मैंने संबंधित संस्थाओं को सख्ती से जांच करने के निर्देश दिए हैं. जो कोई भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी."
Loading...

समिति में होंगे ये लोग
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एसी पांडे, राष्ट्रीय न्यायिक अकादमी भारत के अतिरिक्त निदेशक (अनुसंधान और प्रशिक्षण) डीपी वर्मा, पूर्व जेएनयू प्रोफेसर केपीएस उन्नी और यूजीसी के अतिरिक्त सचिव देव स्वरूप इस समिति के सदस्य होंगे.

सिंह की अध्यक्षता वाली समिति को यूजीसी ज्वाइन सेक्रेटरी (प्राइवेट यूनिवर्सिटीज) सुरेंद्र सिंह की मदद मिलेगी. इसकी जांच तीन सप्ताह के भीतर पूरी करने का निर्देश दिया गया है.

CNN-News18 ने किया स्टिंग ऑपरेशन
CNN-News18 के अंडरकवर पत्रकारों की एक टीम ने एक व्यक्ति से मुलाकात की जिसने नवी मुंबई में की एजुकेशन कंसलटेंसी (Key Education Consultancy) के एजेंटे होने का दावा किया. एजेंट ने अपना नाम स्वप्निल गायकवाड़ बताया और 2016 की बीए की डिग्री देने के लिए तैयार हो गया. उसने दावा किया कि वह यशवंतराव चव्हाण विश्वविद्यालय और सोलापुर विश्वविद्यालय की डिग्री दिला सकता है. ये दोनों ही विश्वविद्यालय को यूजीसी और खिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) द्वारा मान्यता प्राप्त हैं.

गायकवाड़ ने दावा किया कि वह इंजीनियरिंग, कानून और पीएचडी की डिग्री दिला सकता है, जिनके लिए 75 हजार से दो लाख तक खर्च करने होंगे.

महाराष्ट्र के उच्च शिक्षा मंत्री विनोद तावड़े ने CNN-News18 को बताया कि वह तुरंत इन फर्जी डिग्री घोटालों की जांच करेंगे. उन्होंने कहा कि यह महाराष्ट्र की प्रतिष्ठा और छात्रों के भविष्य के लिए बहुत बुरा है. 15 दिनों के भीतर जांच पूरी की जाएगी और दोषियों के खिलाफ आपराधिक मामला चलाया जाएगा.

ये भी पढ़ें: इंजीनियरिंग, लॉ की फर्जी डिग्री बेचने वाले रैकेट का भंडाफोड़, News18 ने किया खुलासा

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: August 30, 2019, 7:46 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...