Remdesivir news- इंजेक्‍शन का प्रोडक्‍शन शुरू होने के बाद बाजार में आने में लगते हैं 21 दिन, जानें कब तक दूर होगी किल्‍लत?

प्रोडक्‍शन के 21 दिन बाद बाजार पहुंचता है इंजेक्‍शन

प्रोडक्‍शन के 21 दिन बाद बाजार पहुंचता है इंजेक्‍शन

रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्‍शन का उत्‍पादन (production) शुरू होने के बाद बाजार (market) में आने में कम से कम 21 दिन का समय लग जाता है. इस तरह इंजेक्‍शन (Injection) की किल्‍लत दूर होने में थोड़ा समय लग सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 23, 2021, 12:57 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना (corona) मरीजों के इलाज में मददगार बताए जा रहे रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्‍शन का उत्‍पादन (production) शुरू होने के बाद बाजार (market) में आने में कम से कम 21 दिन का समय लग जाता है. इस तरह बाजार में इस इंजेक्‍शन (Injection) की किल्‍लत दूर होने में थोड़ा समय लग सकता है. हालांक‍ि सरकार ने हालातों को देखते हुए रेमडेसिविर इंजेक्‍शन बनाने वाली सभी कंपनियों को प्रोडक्‍शन दोगुना करने के निर्देश दिए हैं. संभावना व्‍यक्‍त की जा रही है कि अगले माह से इंजेक्‍शन की किल्‍लत दूर हो सकेगी.

केन्‍द्रीय राज्‍य मंत्री  (Union Minister of State) मनसुख मंडविया ने न्‍यूज18 हिन्‍दी से बात करते हुए बताया कि इंजेक्‍शन के प्रोडक्‍शन शुरू होने से लेकर, बाजार में आने तक कई तरह की प्रक्रिया होती हैं, जिनसे सभी प्रोडक्‍शन कंपनियों को अनिवार्य रूप से गुजरना होता है. इन प्रक्रियाओं को बायपास नहीं किया जा सकता है. लेकिन एक बार इंजेक्‍शन बाजार में आने के बाद किसी भी तरह की किल्‍लत नहीं रहेगी.

देशभर में रेमडेसिविर का इंजेक्‍शन बनाने वाली सात कंपनियों की रोजाना प्रोडक्‍शन की क्षमता 150000 प्रतिदिन की है. सरकार ने इंजेक्‍शन की मांग को देखते हुए प्रोडक्‍शन दोगुना करने के निर्देश सभी कंपिनयों को दिए हैं. अगले माह से रोजाना 300000 इंजेक्‍शन का प्रोडक्‍शन शुरू हो जाएगा. जिससे देशभर में इंजेक्‍शन की किल्‍लत दूर हो जाएगी.

मौजूदा समय रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्‍शन का प्रोडक्‍शन सात कंपनियों की 20 यूनिट में चल रहा है. 20 और यूनिट को प्रोडक्‍शन शुरू करने की अनुमति पहले ही दी जा चुकी है. इस तरह कुल 40 यूनिटों से प्रोडक्‍शन शुरू हो जाएगा.  देश में 6 मार्च से पहले तक रेमडेसिविर (Remdesivir) इंजेक्‍शन का रोजाना प्रोडक्‍शन केवल 8000 डोज था. जिससे देशभर आपूर्ति सामान्‍य ढंग से चल रही थी, लेकिन अचानक कोरोना की रफ्तार बढ़ने की वजह से मांग बढ़ गई है.
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