राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद नए अध्यक्ष पर असमंजस में कांग्रेस, प्रियंका को बागडोर देने की उठी मांग

नए अध्यक्ष का नाम फाइनल करने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमिटी इस हफ्ते फिर से मीटिंग करेगी. ऐसे में सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अगर इस मीटिंग में भी कोई नाम तय नहीं हो पाया, तो आखिकार प्रियंका गांधी को ही नया अध्यक्ष बनाया जाएगा.

News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 11:01 AM IST
राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद नए अध्यक्ष पर असमंजस में कांग्रेस, प्रियंका को बागडोर देने की उठी मांग
अमेठी में एक रैली के दौरान प्रियंका गांधी और राहुल गांधी
News18Hindi
Updated: July 17, 2019, 11:01 AM IST
राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को नेतृत्व के लिए नए अध्यक्ष की तलाश है. पार्टी पिछले 8 हफ्ते से अध्यक्ष चुनने के लिए समय-समय पर वर्किंग कमिटी की बैठक कर रही है, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकल रहा. राहुल के बाद उनकी जगह लेने के लिए सबसे पहले प्रियंका गांधी वाड्रा का ही नाम चर्चा में था, लेकिन राहुल गांधी ने साफ कहा है कि नया अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होना चाहिए. ऐसे में पार्टी पसोपेश में है. नए अध्यक्ष का नाम फाइनल करने के लिए कांग्रेस वर्किंग कमिटी इस हफ्ते फिर से मीटिंग करेगी. ऐसे में सूत्रों के हवाले से खबर आ रही है कि अगर इस मीटिंग में भी कोई नाम तय नहीं हो पाया, तो आखिकार प्रियंका गांधी को ही नया अध्यक्ष बनाया जाएगा. प्रियंका अभी ऑल इंडिया कांग्रेस कमिटी (AICC) की महासचिव हैं.

इस्तीफे की ज़िद पर अड़े राहुल गांधी, इन नेताओं से मिलकर कहा- मेरा रिप्लेसमेंट ढूंढ लीजिए

कांग्रेस वर्किंग कमिटी की अब तक की हुई बैठकों में किसी भी सदस्य ने खुले तौर पर तो प्रियंका का नाम आगे नहीं बढ़ाया है, क्योंकि राहुल नहीं चाहते थे कि उनकी बहन को इसकी जिम्मेदारी दी जाए. राहुल ने 25 मई को हुई CWC की मीटिंग में साफ कह दिया था कि नया अध्यक्ष कोई नॉन गांधी ही होगा. लेकिन, अब CWC के कुछ सदस्य प्रियंका गांधी को आगे बढ़ाने की मांग कर रहे हैं. इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल कहते हैं, 'मेरी समझ में प्रियंका गांधी ही राहुल गांधी की सबसे परफेक्ट रिप्लेसमेंट हो सकती हैं, क्योंकि वह गांधी परिवार से आती हैं. उनमें पार्टी का नेतृत्व करने की क्षमता है. प्रियंका गतिशील नेता हैं.'

राहुल ने कब दिया था इस्तीफा

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर में कांग्रेस सहित विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया. बीजेपी 303 सीटों के साथ सत्ता में एक बार फिर वापसी की है, जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में उतरी कांग्रेस को जबरदस्त हार का मुंह देखना पड़ा. कांग्रेस 52 सीटों पर सिमट गई. लोकसभा चुनाव की करारी हार को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने 25 मई को पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी.

राहुल गांधी अब पार्टी कार्यकर्ता के तौर पर काम करना चाहते हैं.


यह भी पढ़ें :  राहुल गांधी का अध्यक्ष बने रहना क्यों सूट करता है बड़े नेताओं को?
Loading...

अध्यक्ष की रेस में हैं ये नाम
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष की रेस में सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, अशोक गहलोत और सचिन पायलट का नाम भी विचार किया जा रहा है. सूत्रों की मानें तो संगठन के साथ काम करने के अनुभव के आधार पर पार्टी ने अशोक गहलोत के नाम पर मुहर लगाने का मन बना लिया है. अब औपचारिक ऐलान होना बाकी है.

लोकसभा चुनाव में राहुल ने जी-जान से की थी मेहनत
बता दें कि कांग्रेस की खोई सियासी जमीन को तलाशने के लिए राहुल गांधी ने एड़ी चोटी का जोर लगाया. लोकसभा चुनाव में 2 माह 8 दिन के चुनाव प्रचार में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने 148 रैलियां की थीं. इस दौरान उन्होंने करीब 1.25 किमी की यात्राएं कीं, लेकिन देश भर में कांग्रेस को 52 सीटें आईं.

यह भी पढ़ें : बेटे को टिकट दिलाने पर राहुल गांधी की नाराजगी के बाद अशोक गहलोत ने तोड़ी चुप्पी, दिया ये जवाब

यूपी में कांग्रेस को मिली सिर्फ एक सीट
राहुल गांधी ने सबसे अधिक 21 रैली उत्तर प्रदेश में की थी और पार्टी वहां महज एक सीट जीत सकी है. मध्य प्रदेश में 18 रैली की एक सीट आई, राजस्थान में 13 रैली कोई सीट नहीं मिली. केरल में 12 रैली की 15 सीटें मिलीं. बिहार में 8 रैली की और एक सीट मिली. झारखंड में 4 रैलियां किया और एक सीट ही जीत सके.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 17, 2019, 10:07 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...