राहुल गांधी के बाद कांग्रेस का अध्यक्ष बनना चाहता है ये इंजीनियर, करेगा अप्लाई

लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड जीत में कांग्रेस सहित विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया. करारी हार को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी.

News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 9:04 AM IST
राहुल गांधी के बाद कांग्रेस का अध्यक्ष बनना चाहता है ये इंजीनियर, करेगा अप्लाई
लोकसभा चुनाव की करारी हार को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी.
News18Hindi
Updated: July 22, 2019, 9:04 AM IST
राहुल गांधी के इस्तीफे के बाद कांग्रेस में राष्ट्रीय अध्यक्ष का पद लंबे समय से खाली पड़ा है. नए अध्यक्ष के चुनाव के लिए कांग्रेस वर्किंग कमिटी लगातार बैठकें कर रही है. प्रियंका गांधी, अशोक गहलोत, सुशील कुमार शिंदे समेत कई नामों पर विचार भी किया गया, लेकिन अभी तक कोई नाम नहीं तय हो पाया है. इस बीच खबर है कि एक युवा इंजीनियर कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए अप्लाई करना चाहते हैं. पुणे के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियर गजानंद होसले ने ऐसी इच्छा जाहिर की है.

न्यूज़ एजेंसी PTI की खबर के मुताबिक, पुणे के एक मैन्युफैक्चरिंग फर्म में मैनेजर गजानंद होसले 23 जुलाई को कांग्रेस की सिटी यूनिट के अध्यक्ष रमेश बागवे को अपना एप्लीकेशन देने की तैयारी में हैं. होसले ने कहा, ‘राहुल गांधी कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के अपने फैसले पर अड़े हैं. पार्टी इस बात को लेकर असमंजस में है कि किसे नया पार्टी प्रमुख नियुक्त किया जाए. ऐसे में मैं इस पद के लिए अपना नॉमिनेशन दाखिल करना चाहता हूं.' होसले आगे कहते हैं, ‘मंगलवार को अध्यक्ष पद के लिए अप्लाई करने से पहले मैं पार्टी की प्राथमिक सदस्यता की प्रक्रिया पूरी कर लूंगा.'

इसे भी पढ़ें :- राहुल गांधी एक साल तक नहीं रहेंगे कांग्रेस के अध्यक्ष, करेंगे ये काम

लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को मिली करारी हार

बता दें कि लोकसभा चुनाव 2019 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रचंड लहर में कांग्रेस सहित विपक्ष का पूरी तरह से सफाया हो गया. बीजेपी 303 सीटों के साथ सत्ता में एक बार फिर वापसी की है, जबकि राहुल गांधी के नेतृत्व में उतरी कांग्रेस को जबरदस्त हार का मुंह देखना पड़ा. कांग्रेस 52 सीटों पर सिमट गई. लोकसभा चुनाव की करारी हार को स्वीकार करते हुए राहुल गांधी ने पार्टी अध्यक्ष पद से इस्तीफे की पेशकश की थी.

सोनिया गांधी और पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह के साथ राहुल गांधी


इस्तीफे को लेकर राहुल ने जारी किया था ओपन लेटर
Loading...

राहुल गांधी ने अपने इस्तीफे को लेकर एक ओपन लेटर भी जारी किया था. इस ओपन लेटर में उन्होंने लिखा, 'कांग्रेस पार्टी के लिए काम करना मेरे लिए सम्मान की बात थी'. उन्होंने लेटर में 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी को मिली हार का जिक्र करते हुए लिखा 'अध्यक्ष के नाते हार के लिए मैं जिम्मेदार हूं. इसलिये अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रहा हूं'.

नॉन गांधी को बनाना चाहते हैं नया अध्यक्ष
इससे पहले राहुल गांधी ने कहा था कि एक महीने पहले ही नए अध्यक्ष का चुनाव हो जाना चाहिए था. राहुल गांधी ने कहा, 'बिना देर किए हुए नए अध्यक्ष का चुनाव जल्द हो. मैं इस प्रक्रिया में कहीं नहीं हूं. मैंने पहले ही अपना इस्तीफा सौंप दिया है और मैं अब पार्टी अध्यक्ष नहीं हूं. सीडब्ल्यूसी को जल्द से जल्द बैठक बुलाकर फैसला करना चाहिए.' राहुल ने ये भी कहा था कि नया अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होना चाहिए.

अध्यक्ष की रेस में हैं ये नाम
कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, नए अध्यक्ष की रेस में सबसे पहले राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा का नाम है. हालांकि, राहुल नहीं चाहते कि उन्हें ये जिम्मेदारी मिले. इसके अलावा अध्यक्ष की रेस में सुशील कुमार शिंदे, मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह, अशोक गहलोत और सचिन पायलट के नाम पर भी विचार किया जा रहा है. सूत्रों की मानें, तो संगठन के साथ काम करने के अनुभव के आधार पर पार्टी ने अशोक गहलोत के नाम पर मोहर लगाने का मन बना लिया है. अब औपचारिक ऐलान होना बाकी है.

हालांकि, अभी तक यह साफ नहीं हो सका है कि अशोक गहलोत अकेले कांग्रेस अध्यक्ष होंगे या उनकी मदद के लिए कई कार्यकारी अध्यक्ष भी बनाए जाएंगे. वैसे कांग्रेस के कई नेताओं ने इस बात के संकेत दे दिए हैं कि अगला अध्यक्ष गांधी परिवार से नहीं होगा.

इसे भी पढ़ें :- कांग्रेस के अध्यक्ष पद से इस्तीफे के पीछे राहुल का ये है बड़ा प्लान

राहुल गांधी अपनी बहन प्रियंका के साथ बहुत अच्छी बॉन्डिंग शेयर करते हैं.


लोकसभा चुनाव में राहुल ने जी-जान से की थी मेहनत
बता दें कि कांग्रेस की खोई सियासी जमीन को तलाशने के लिए राहुल गांधी ने एड़ी चोटी का जोर लगाया. लोकसभा चुनाव में 2 माह 8 दिन के चुनाव प्रचार में पार्टी अध्यक्ष राहुल गांधी ने 148 रैलियां की थीं. इस दौरान उन्होंने करीब 1.25 किमी की यात्राएं कीं, लेकिन देश भर में कांग्रेस को 52 सीटें आईं.

यूपी में कांग्रेस को मिली सिर्फ एक सीट
राहुल गांधी ने सबसे अधिक 21 रैली उत्तर प्रदेश में की है और पार्टी महज एक सीट जीत सकी है. मध्य प्रदेश में 18 रैली की एक सीट आई, राजस्थान में 13 रैली कोई सीट नहीं मिली. केरल में 12 रैली की 15 सीटें मिलीं. बिहार में 8 रैली की और एक सीट मिली. झारखंड में 4 रैलियां किया और एक सीट ही जीत सके.

मां के साथ राहुल गांधी


एक-डेढ़ साल तक अध्यक्ष पद से दूर रहेंगे राहुल
सूत्रों के मुताबिक, राहुल अगले एक से डेढ़ साल तक कांग्रेस अध्यक्ष पद से दूर रहेंगे, बताया जा रहा है कि कांग्रेस के बड़े नेताओं ने ही ये बीच का रास्ता राहुल गांधी के लिए निकाला है. इस दौरान राहुल गांधी बिना किसी पद के देशभर में कांग्रेस के कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद करेंगे.

इस दौरान क्या करेंगे राहुल गांधी?
राहुल की जिद के आगे झुके कांग्रेस नेताओं ने यह बीच का रास्ता निकाला है, जिसमें राहुल गांधी की बात भी रह जाए और कांग्रेस का अध्यक्ष पद भी खाली न रहे. राहुल बिना किसी जवाबदेही के देशभर में घूमकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं से मिलकर संवाद कर सकते हैं. वह बिना पद के मोदी सरकार की गलत नीतियों के खिलाफ खुल कर आलोचना कर सकेंगे. पद नहीं रहने पर सत्ता पक्ष के निशाने पर कांग्रेस अध्यक्ष होंगे न कि राहुल गांधी. इस प्रयोग के साथ राहुल गांधी उन राज्यों को ज्यादा समय दे सकेंगे जहां कांग्रेस जमीनी स्तर पर अपना वर्चस्व खो चुकी है.

इसे भी पढ़ें: आखिर कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए अशोक गहलोत ही क्यों हैं राइट च्वाइस...

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: July 22, 2019, 7:51 AM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...