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जम्मू-कश्मीर से आर्किटल 370 हटने के बाद ED की बड़ी कार्रवाई, आतंकियों की 7 प्रॉपर्टी को कब्जे में लिया

News18Hindi
Updated: November 19, 2019, 10:40 AM IST
जम्मू-कश्मीर से आर्किटल 370 हटने के बाद ED की बड़ी कार्रवाई, आतंकियों की 7 प्रॉपर्टी को कब्जे में लिया
जांच एजेंसी NIA ने इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है

जम्मू-कश्मीर (Jammu-Kashmir) में जिन प्रोपर्टी के खिलाफ एक्शन लिया गया है उसके तार मोहम्मद शफी शाह सहित 6 अन्य आरोपियों से जुड़े हैं. जांच एजेंसी NIA इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है.

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  • Last Updated: November 19, 2019, 10:40 AM IST
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नई दिल्ली. जम्मू कश्मीर में धारा -370 (Article 370) के खत्म होने के बाद सोमवार को पहली बार प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है. वहां टेरर फंडिंग से जुड़े मामलों में सात प्रोपर्टी को ईडी ने अपने कब्जे में ले लिया है. ये सातों प्रोपर्टी कश्मीर में हैं. ED के जांच अधिकारियों के मुताबिक इस तरह की कार्रवाई वो पहले नहीं कर सकते थे, लेकिन धारा 370 के खत्म होने के बाद अब वो खुलकर एक्शन ले रहे हैं.

आतंकियों की प्रॉपर्टी
जिन प्रोपर्टी के खिलाफ एक्शन लिया गया है उसके तार मोहम्मद शफी शाह सहित 6 अन्य आरोपियों से जुड़े हैं. ED की टीम पिछले कुछ समय से आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन के चीफ सलाहुद्दीन सहित उसके कई आतंकियों से जुड़े मामले की तफ्तीश में लगी थी. वहीं पहले की अगर बात करें तो आतंकियों से जुड़े ठिकानों पर जाकर तफ़्तीश करना और उसके बाद अटेच की संपत्तियों का फिजिकल पोज़ेशन लेना काफी परेशानी भरा होता था.

इस तरह लिया एक्शन

ED के जांचकर्ताओं के मुताबिक जिन संपत्तियों का पोज़ेशन लिया गया है, वो बांदीपोरा, सोपोर, अनंतनाग में स्थित है. ईडी की टीम पोज़ेशन लेने से पहले मौके पर गई, उससे जुड़े लोगों को नोटिस सौंपा उसके बाद एक तारीख मुहैया कराने के बाद ही ये कार्रवाई हुई. ईडी की टीम ने इस मामले में बहुत पहले ही PMLA के तहत मामले को दर्ज करके तफ़्तीश कर रही थी, जिसमें मोहम्मद शफी शाह सहित अन्य 6 आरोपियों के बारे में जानकारी मिली थी, जिनके तार आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े हुए थे.

कैसे जुड़े थे आतंकियों के तार?
जांच एजेंसी NIA इन सभी आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोपपत्र दाखिल कर चुकी है. उसी आरोपपत्र में कई महत्वपूर्ण सबूतों का भी जिक्र है. ED की टीम जब इस मामले में PMLA के तहत मामला दर्ज करके तफ़्तीश शुरू की थी, तब कई ऐसी कंपनियों और ट्रस्ट के बारे में जानकारी मिली जो सीधे तौर पर कई आतंकी संगठन के लिए काम करती थी और कंपनी तथा ट्रस्ट के नाम पर कई आरोपियों के लिए फंड की व्यवस्था करवाती थी.
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पाकिस्तान से पैसों का लेनदेन
इसी तफ़्तीश के दौरान जम्मू-कश्मीर प्रभावित रिलीफ ट्रस्ट की भी जानकारी मिली. जांच के दौरान पाया गया कि इस ट्रस्ट में भी पाकिस्तान से काफी पैसों का लेनदेन किया गया. उसके बाद कश्मीर घाटी के अंदर कई लोगों में उन पैसों का बंदरबांट हुआ. इस ट्रस्ट में हवाला से जुड़े होने के भी काफी पुख्ता सबूत मिले हैं.

ED ने इस मामले में कई संदिग्धों से पूछताछ भी की है. पूछताछ के दौरान कई आरोपियों ने हवाला कारोबार का आरोप को स्वीकार भी किया और पैसों के लेनदेन की बात भी मानी. आतंकियों के परिजनों और कई मृत आतंकियों के परिजनों को इस ट्रस्ट ने पैसे मुहैया करवाया. मकसद था सहानभूति बटोरकर उन सबों को आतंकी गतिविधियों में शामिल करना. जांच के दौरान ही मोहम्मद सलाहुद्दीन के साथ- साथ मुजफ्फर अहमद डार, तालिब लाली, मुश्ताक अहमद लोन सहित कई आरोपी आतंकियों की जानकारी मिली थी. उसके बाद उन सबों के खिलाफ कार्रवाई हुई. हालांकि ये सभी आतंकी दिल्ली स्थित तिहाड़ जेल अपनी सजा काट रहे हैं.

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First published: November 19, 2019, 9:53 AM IST
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