शिवसेना के बाद अब CWC मेंबर की राहुल गांधी को सलाह- शरद पवार के साथ मिलकर करें काम

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी को पार्टी नेता ने सलाह दी है (Photo- news18 English via AFP)

शिवसेना (Shivsena) ने कहा था कि केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा (BJP) का सामना करने के मकसद से सभी विपक्षी पार्टियों को साथ लाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को राकांपा (NCP) अध्यक्ष शरद पवार (Sharad Pawar) के साथ मिलकर काम करना चाहिए.

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    बेंगलुरु. कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) के सदस्य दिनेश गुंडू राव (Dinesh Gundu Rao) ने शुक्रवार को शिवसेना  (Shiv sena) की उस सलाह का समर्थन किया जिसमें पार्टी ने कहा था कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी को राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी प्रमुख शरद पवार से हाथ मिला लेने चाहिए जिससे केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा से मुकाबला करने के लिए सभी विपक्षी दलों को एक साथ लाया जा सके. गोवा, तमिलनाडु और पुडुचेरी के लिए अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के प्रभारी राव ने कहा कि उन्हें ऐसा विश्वास है कि इस मामले को आगे ले जाने के लिए गांधी और पवार संपर्क में रहेंगे.

    दिनेश गुंडू राव कर्नाटक में मंत्री भी रह चुके हैं. उन्होंने कहा, 'महाराष्ट्र में कांग्रेस और राकांपा के बीच बीस साल से भी अधिक समय तक गठबंधन रहा है. इसलिए हमारे बीच मजबूत संबंध है और मुझे विश्वास है कि वे (गांधी और पवार) कुछ समाधान निकाल लेंगे.’’

    राव ने कहा, ‘यह आवश्यक है और मुझे भरोसा है कि इस बारे में बात चल रही होगी. शिवसेना की बात का मैं समर्थन करता हूं, यह एक अच्छा सुझाव है.’ उल्लेखनीय है कि शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में बृहस्पतिवार को कहा गया था कि ‘राहुल गांधी को सभी विपक्षी दलों को साथ लाने के लिए (शरद) पवार के साथ हाथ मिला लेना चाहिए.’

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    शिवसेना ने संपादकीय में क्या लिखा था?
    शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में एक संपादकीय में कहा गया, 'गांधी केंद्र पर और उसकी नीतियों पर निशाना साधते हैं लेकिन ट्विटर पर.' महाराष्ट्र में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और कांग्रेस के साथ सत्ता साझा करने वाली शिवसेना ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाव-भाव बदल गए हैं. इसने कहा, 'उन्हें पता है कि देश में स्थिति उनके हाथों से निकल गई है. लोगों के आक्रोश के बावजूद, भाजपा और सरकार को आत्मविश्वास है कि उनके सामने कोई खतरा नहीं है क्योंकि विपक्ष कमजोर एवं अलग-थलग है.”

    भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के खिलाफ तीसरे मोर्चे की संभावना की तेज होती अटकलों के बीच पवार ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी), समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी, राष्ट्रीय लोक दल और लेफ्ट समेत आठ विपक्षी पार्टियों के नेताओं के साथ दिल्ली स्थित अपने आवास पर मंगलवार को बैठक की थी.

    हालांकि, चर्चाओं में हिस्सा लेने वाले नेताओं ने कहा कि राष्ट्रीय मंच द्वारा एक जैसा सोचने वाले व्यक्तियों की 'गैर राजनीतिक” बैठक थी. राष्ट्रीय मंच को पूर्व वित्त मंत्री एवं टीएमसी उपाध्यक्ष यशवंत सिन्हा ने अन्य लोगों के साथ मिलकर बनाया है. शिवसेना के संपादकीय में कहा गया, 'राहुल गांधी को सभी विपक्षी पार्टियों को साथ लाने के लिए पवार के साथ हाथ मिलाना चाहिए.'

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