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बोडो समझौते के बाद अब शांति, सद्भाव और एकजुटता का नया सवेरा आएगा: PM मोदी

भाषा
Updated: January 27, 2020, 6:46 PM IST
बोडो समझौते के बाद अब शांति, सद्भाव और एकजुटता का नया सवेरा आएगा: PM मोदी
बोडो समूहों के साथ आज सरकार ने समझौते पर हस्‍ताक्षर किए हैं.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने बोडो समूहों के साथ हुए समझौते (Bodo Agreement) पर कहा कि इससे इस समूह के लोग मुख्‍यधारा में शामिल होंगे.

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नई दिल्‍ली. बोडो समूहों के साथ सोमवार को हुए समझौते (Bodo Agreement) की सराहना करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने कहा कि यह समझौता शांति, सद्भाव और एकजुटता की नई सुबह लेकर आएगा. जो लोग सशस्त्र संघर्ष समूहों से जुड़े हुए थे वो मुख्यधारा में शामिल होंगे और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देंगे.

इस समझौते के परिणाम परिवर्तनकारी होंगे: PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि इस समझौते के बोडो लोगों के लिए परिवर्तनकारी परिणाम होंगे क्योंकि यह प्रमुख पक्षकारों को एक साथ एक प्रारूप में लेकर आएगा और बोडो लोगों की पहुंच विकास केंद्रित पहल तक होगी. प्रधानमंत्री ने ट्वीट किया, 'शांति, सद्भाव और एकजुटता की नई सुबह! आज भारत के लिए एक बेहद खास दिन. बोडो समूहों के साथ आज जिस समझौते पर दस्तखत किए गए उसके बोडो लोगों के लिए परिवर्तनकारी परिणाम होंगे.'

मुख्‍यधारा में शामिल हो रहे बोडो समुदाय के लोग: PM मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि यह करार कई मायनों में अलग है क्योंकि यह प्रमुख पक्षकारों को एक कार्य ढांचे में साथ लेकर आता है. उन्होंने कहा, 'पूर्व में जो लोग सशस्त्र संघर्ष समूहों के साथ जुड़े हुए थे वे अब मुख्यधारा में शामिल हो रहे हैं और राष्ट्र की प्रगति में योगदान दे रहे हैं.' प्रधानमंत्री ने एक अन्य ट्वीट में कहा कि बोडो समूहों के साथ हुआ समझौता बोडो लोगों की विशिष्ट संस्कृति को और संरक्षित और लोकप्रिय बनाएगा.

एनडीएफबी के साथ आज एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए
पीएम ने कहा, 'उनकी पहुंच कई विकास परक पहलों तक होगी. बोडो लोग अपनी अकांक्षाओं को पूरा करें, इसमें मदद करने के लिये हम हरसंभव मदद को प्रतिबद्ध हैं.' केंद्र सरकार ने असम के खतरनाक उग्रवादी समूहों में से एक, नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड (एनडीएफबी) के साथ सोमवार को एक शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए.ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन ने भी समझौते पर हस्‍ताक्षर किए
लंबे समय से बोडो राज्य की मांग करते हुए आंदोलन चलाने वाले ऑल बोडो स्टूडेंट्स यूनियन (एबीएसयू) ने भी इस समझौते पर हस्ताक्षर किये. इस त्रिपक्षीय समझौते पर असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल, एनडीएफबी के चार गुटों के नेतृत्व, एबीएसयू, गृह मंत्रालय के संयुक्त सचिव सत्येंद्र गर्ग और असम के मुख्य सचिव कुमार संजय कृष्णा ने गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किये.

अमित शाह ने इस फैसले को बताया ऐतिहासिक
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने इस समझौते को ‘ऐतिहासिक’ बताया और कहा कि इससे बोडो लोगों की दशकों पुरानी समस्या का स्थायी समाधान होगा. उन्होंने कहा, ‘इस समझौते से बोडो क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास होगा और असम की क्षेत्रीय अखंडता से समझौता किए बगैर उनकी भाषा और संस्कृति का संरक्षण होगा.’गृह मंत्री ने कहा कि बोडो उग्रवादियों की हिंसा में पिछले कुछ दशकों में चार हजार से अधिक लोगों को जान गंवानी पड़ी. शाह ने कहा कि असम और पूर्वोत्तर क्षेत्र के विकास के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ी जाएगी.

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First published: January 27, 2020, 6:46 PM IST
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