Lockdown: गुजरात में ट्रेन रद्द होने पर हिंसक हुए मजदूर, तोड़े बस के शीशे और खिड़कियां

Lockdown: गुजरात में ट्रेन रद्द होने पर हिंसक हुए मजदूर, तोड़े बस के शीशे और खिड़कियां
प्रतीकात्मक तस्वीर

एक पुलिस अधिकारी ने कहा, 'ट्रेन (Train) रद्द होने पर श्रमिकों ने सोचा कि कंपनी उन्हें जाने नहीं देना चाहती. इसी वजह से उन्होंने बस खिड़कियां और शीशे तोड़ डाले.'

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भावनगर. उत्तर प्रदेश जाने वाली एक श्रमिक स्पेशल ट्रेन (Spacial Train) रद्द होने के बाद गुजरात (Gujarat) के भावनगर जिले में ‘निरमा लिमिटेड’ कंपनी के डिटर्जेंट पाउडर कारखाने में काम करने वाले सैकड़ों श्रमिक सोमवार की सुबह कथित तौर पर हिंसा पर उतर आए और उन्होंने कर्मचारियों की एक बस को क्षति पहुंचाई. पुलिस ने यह जानकारी दी.

पुलिस अधीक्षक जयपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि घटना काला तालाव क्षेत्र में स्थित निरमा के कारखाने के समीप श्रमिकों की कॉलोनी में हुई. राठौड़ ने कहा कि श्रमिकों ने यह सोचकर क्रोधित हो उठे कि कंपनी उन्हें लॉकडाउन के दौरान अपने गृह राज्य नहीं जाने देगी ‘जो सच नहीं था.’

मजदूरों को कंपनी पर था शक



उन्होंने कहा, ‘सोमवार की सुबह कुछ श्रमिक भावनगर रेलवे स्टेशन से उत्तर प्रदेश के लिए विशेष ट्रेन पकड़ने वाले थे. जब उन्हें कर्मचारियों की बस से स्टेशन ले जाया जा रहा था तब कंपनी प्रबंधन को पता चला कि ट्रेन किसी कारणवश रद्द कर दी गई है. इसलिए बस आधे रास्ते से ही श्रमिकों की कॉलोनी में वापस आ गई.’
श्रमिकों ने बस की तोड़े शीशे और खिड़कियां

राठौड़ ने कहा कि श्रमिकों ने सोचा कि कंपनी उन्हें जाने नहीं देना चाहती. उन्होंने कहा, “वापस आने के बाद श्रमिकों ने तोड़फोड़ की. उन्होंने बस खिड़कियां और शीशे तोड़ डाले.”  उन्होंने कहा कि पुलिस ने दंगा करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की है और दस श्रमिकों को गिरफ्तार करने की प्रकिया जारी है.

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