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पेगासस, कृषि कानूनों पर सदन से सड़क तक पहुंचा विपक्ष का विरोध, बीजेपी ने भी किया पलटवार

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया. (फोटो: ANI/Twitter)

शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया. (फोटो: ANI/Twitter)

Opposition Protest: राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे (Mallikarjun Kharge) के संसद भवन स्थित कक्ष में बैठक करने के बाद विपक्षी नेताओं ने संसद भवन से विजय चौक तक पैदल मार्च किया. इस दौरान कई नेताओं ने बैनर और तख्तियां ले रखी थीं.

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    नई दिल्ली. संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session) खत्म हो गया है. बीते हंगामेदार सत्र के बाद गुरुवार को भी पेगासस, तीन नए कृषि कानूनों का मुद्दा एक बार फिर गरमाया और विपक्षी दलों ने दिल्ली स्थित विजय चौक तक कृषि कानूनों के विरोध में पैदल यात्रा निकाली. वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने कांग्रेस और दूसरी पार्टियों के सड़क पर जारी प्रदर्शनों को शर्मनाक बताया है. इस दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी का ट्विटर अकाउंट बंद होने का मुद्दा भी चर्चा में रहा. खबर है कि कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी 20 अगस्त को मुख्यमंत्रियों के साथ चर्चा करने जा रही हैं.

    भाषा के अनुसार, राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के संसद भवन स्थित कक्ष में बैठक करने के बाद विपक्षी नेताओं ने संसद भवन से विजय चौक तक पैदल मार्च किया. इस दौरान कई नेताओं ने बैनर और तख्तियां ले रखी थीं. बैनर पर ‘हम किसान विरोधी काले कानूनों को निरस्त करने की मांग करते हैं’ लिखा हुआ था. विपक्षी नेताओं ने ‘जासूसी बंद करो’, ‘काले कानून वापस लो’ और ‘लोकतंत्र की हत्या बंद करो’ के नारे भी लगाए.

    इससे पहले, विपक्षी नेताओं की बैठक में खड़गे, राहुल गांधी, लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश एवं आनंद शर्मा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के प्रमुख शरद पवार, समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव, द्रमुक के टीआर बालू, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा और कई अन्य विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए.

    यह भी पढ़ें: महिला सांसदों से कथित धक्कामुक्की पर विपक्ष एकजुट, संसद से विजय चौक तक निकाला मार्च

    राहुल गांधी ने बताया लोकतंत्र की हत्या
    विजय चौक पहुंचे राहुल गांधी ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा, ‘आज हम यहां आपसे (मीडिया) बात करने आए हैं क्योंकि हमें (विपक्ष) संसद में बोलने की अनुमति नहीं है. यह लोकतंत्र की हत्या है.’ उन्होंने कहा, ‘संसद सत्र खत्म हो गया है. अब तक देश की 60 फीसदी आबादी इसको लेकर चिंतित है कि संसद का कोई सत्र नहीं हुआ. देश की 60 प्रतिशत आवाज को कल राज्यसभा में दबाया गया, शर्मिंदा किया गया और शारीरिक रूप से पीटा गया.’

    ‘भाग रही है सरकार’
    कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने सरकार पर चर्चा से दूर भागने के आरोप लगाए हैं. उन्होंने कहा, ‘केंद्र संसद की कार्यवाही को सुचारू रूप से चलने नहीं देना चाहती. सरकार बगैर चर्चा के कानून पास कर रही है. यहां कोविड-19 टीकाकरण, मौजूदा आर्थिक हालात, बेरोजगारी, कृषि कानूनों पर चर्चा होनी चाहिए, लेकिन सरकार भाग रही है.’

    वहीं, शिवसेना नेता संजय राउत ने कहा है कि विपक्ष को बोलने का मौका नहीं दिया गया. उन्होंने कहा, ‘विपक्ष को संसद में अपनी बात रखने का मौका ही नहीं मिला. महिला सांसदों के साथ कल हुई घटना लोकतंत्र के खिलाफ थी. ऐसा लगा कि हम पाकिस्तान की सीमा पर खड़े थे.’

    जबकि, पूर्व प्रधानमंत्री जनता दल-सेक्युलर के मुखिया एचडी देवगौड़ा ने अगले सत्र में कार्यवाही ठीक से की जाने की बात कही है. उन्होंने कहा, ‘मैं किसी पर भी आरोप नहीं लगाना चाहता, लेकिन सदन का काम करना जरूरी है. दोनों पक्षों के सभी वरिष्ठ नेताओं को आगामी नवंबर के सत्र में सदन को चलाने के लिए साथ आना होगा.’

    महिला सांसदों पर हमले के आरोप
    राज्यसभा में विपक्ष के नेता मलिल्कार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया था कि विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला सुरक्षाकर्मियों ने सदन में महिला सदस्यों का अपमान किया था. रिपोर्ट्स के मुताबिक, पवार ने भी कहा था कि 55 साल की राजनीति में ऐसी स्थिति नहीं देखी कि महिला सांसदों पर हमला हुआ हो. हालांकि, सरकार ने इन आरोपों का खंडन किया है.

    संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने विपक्ष की महिला सांसदों के साथ धक्कामुक्की के आरोपों को खारिज किया था. बुधवार को उन्होंने कहा था कि विपक्ष के सदस्यों ने राज्यसभा में हंगामे के दौरान मार्शल्स के साथ हाथापाई की थी. उन्होंने सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी. उन्होंने कहा, ‘विपक्ष झूठ फैला रहा है. मार्शल्स सांसदों को छूने की हिम्मत नहीं कर सकते, वे इसके बारे में सोच भी नहीं सकते. सीसीटीवी फुटेज यह बात साफ कर देगी कि वे झूठ बोल रहे हैं.’

    उन्होंने कहा कि सरकार राज्यसभा अध्यक्ष से विपक्ष के दुर्व्यवहार और अनुशासनहीनता की जांच के लिए एक विशेष कमेटी गठित करने की मांग करती है. जोशी ने कहा कि उन्होंने संसदीय करियर में कभी भी सांसदों का ऐसा बर्ताव नहीं देखा.

    बीजेपी का पलटवार
    बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और नेता संबित पात्रा ने उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के रोने वाली घटना का जिक्र किया. समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कैसे कांग्रेस और अन्य विपक्षी दल सड़क पर प्रदर्शन कर रहे हैं. लोकतंत्र को शर्मसार किया गया है. मैं कहूंगा कि केवल उपराष्ट्रपति वेकैंया नायडू ही नहीं, पूरा लोकतंत्र भी रोया है.’ उन्होंने कहा, ‘विपक्ष ने पूरे सत्र की बर्बादी सुनिश्चित की और यह अराजकता की पराकाष्ठा है.’

    20 अगस्त को विपक्ष की बड़ी बैठक
    राउत ने साफ कर दिया है कि विपक्ष एकजुट है. साथ ही उन्होंने 20 अगस्त को होने वाली बैठक की जानकारी दी. शिवसेना नेता ने कहा, ‘विपक्ष एकजुट है. 20 अगस्त को कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी कांग्रेस शासित प्रदेशों के मुख्यमंत्रियों से बात करेंगी. महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे भी इस बैठक में शामिल होंगे.’

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