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कोरोना से मौत होने का मिलेगा प्रमाणपत्र, डेथ की वजह भी होगी दर्ज, जानें नए नियम

कोरोना से मौत होने का मिलेगा प्रमाणपत्र, डेथ की वजह भी होगी दर्ज, जानें नए नियम

देश में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा 4,42,317 हो चुका है.  (फाइल फोटो)

देश में कोरोना से होने वाली मौत का आंकड़ा 4,42,317 हो चुका है. (फाइल फोटो)

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में हलफनामा दाखिल करते हुए केंद्र सरकार ने बताया है कि देश के महापंजीयक कार्यालय (Registrar General of India) ने तीन सितंबर को ही मृतकों के परिजनों को मौत की वजह के साथ चिकित्‍सा प्रमाण पत्र देने का सर्कुलर जारी कर दिया गया था.

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  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. देश में कोरोना (Corona) से होने वाली मौत को लेकर पिछले कई महीनों से जारी बहस पर अब विराम लगता दिखाई पड़ रहा है. सवोच्‍च न्‍यायालय (Supreme Court) ने केंद्र सरकार को कोरोना संक्रमण से होने वाली मौत के मामले में मृत्‍यु प्रमाण पत्र (Death Certificate) जारी करने और दिशानिर्देशों को सरल बनाने के लिए जो आदेश जारी किए थे, उसका पालन करते हुए अब केंद्र सरकार ने नई गाइडलाइन जारी कर दी है. भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (Indian Council of Medical Research, ICMR) ने सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार कोरोना से होने वाली मौत के मामलों में आधिकारिक दस्तावेज जारी करने के लिए अपने दिशानिर्देश जारी कर दिए हैं.

    सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल करते हुए केंद्र सरकार ने बताया है कि देश के महापंजीयक कार्यालय ने तीन सितंबर को ही मृतकों के परिजनों को मौत की वजह के साथ चिकित्‍सा प्रमाण पत्र देने का सर्कुलर जारी कर दिया गया था. कोर्ट ने बताया क‍ि रीपक कंसल बनाम भारत सरकार व अन्‍य मामलों में 30 जून के फैसले का पालन करते हुए केंद्र सरकार की ओर से नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं. केंद्र सरकार की ओर से साफ किया गया है कि कोरोना संक्रमण में उन मामलों को भी शामिल कर लिया गया है, जिसका पता, आरटी-पीसीआर जांच, मालिक्‍यूलर जांच, रैपिड-एंटीजन जांच या किसी अस्‍पताल में हुई जांच से चलता है.

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    सरकार के नए आदेश में कहा गया है कि कोरोना के वो मामले जिसमें मरीज स्‍वस्‍थ नहीं हो सका और उसकी मौत हो गई (चाहे वह अस्‍पताल में हुई हो या फिर घर पर) तो उसे कोरोना से होने वाली मौत में ही शामिल किया जाएगा. भले ही इन मामलों में मेडिकल सर्टिफिकेट आफ काज आफ डेथ (एमसीसीडी) जन्म और मृत्यु के पंजीकरण अधिनियम 1969 की धारा 10 के अनुसार फार्म 4 और 4 ए के रूप में पंजीकरण प्राधिकारी को जारी क्‍यों ना कर दिए गए हों.

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    किन परिस्थिति में होने वाली मौत को बनाया जाएगा कोविड-19 डेथ
    अगर कोई मरीज कोरोना से संक्रमित है और उसकी मौत कोरोना का पता चलने के 30 दिन के अंदर हो जाती है तो उसे कोरोना डेथ ही माना जाएगा. इसके साथ ही किसी मरीज को कोरोना हुआ लेकिन वह 30 दिन से ज्‍यादा समय तक अपना इलाज कराता रहा लेकिन वह 30 दिनों से अधिक समय तक उसी एंट्री के तहत लगातार भर्ती रहा और बाद में उसने दम तोड़ दिया. इस तरह के मरीजों की मौत को भी कोविड-19 से हुई मौत माना जाएगा.

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    किसी भी तरह के विवाद से के निपने के लिए बनाई गई समिति
    सरकार के नए दिशानिर्देशों के मुताबिक जहां मत्यु से कारणों का प्रमाणपत्र (एमसीसीडी) जारी होने की सुविधा उपलब्ध नहीं हैं या फिर एमसीसीडी की ओर से दिए गए कारण से कोई संतुष्‍ट नहीं है तो ऐसे मामलों को देखने के लिए राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों को जिला स्तर पर एक समिति का गठन किया जाएगा. ये समिति इस तरह के मामलों का निपटारा करेगी.

    Tags: Corona, Corona death, Coronavirus, Supreme Court

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