युद्ध की स्थिति में एक हो सकते हैं चीन-पाकिस्तान, भारतीय सेना ने LOC पर भी बढ़ाई चौकसी

युद्ध की स्थिति में एक हो सकते हैं चीन-पाकिस्तान, भारतीय सेना ने LOC पर भी बढ़ाई चौकसी
चीन से विवाद की स्थिति में पाकिस्तान का भी सामना करना पड़ सकता है. ( सांकेतिक फोटो)

भारत चीन विवाद (India China Rift) लद्दाख में भारतीय सेना के लगभग 30,000 सैनिक, सीमावर्ती टैंकों के कई स्क्वाड्रन, अतिरिक्त आर्टिलरी और लद्दाख सेक्टर के लिए पूरी तरह से तैयार मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री स्क्वॉड मौजूद हैं.

  • Share this:
नई दिल्ली. वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर भारत और चीन (India China Rift) के बीच जारी तनातनी के दौरान सेना पश्चिमी छोर यानी पाकिस्तान की ओर से भी पैनी निगाह बनाए हुए है ताकि सीमा के इस पर कोई घुसपैठ ना होने पाए. साथ ही दो तरफा विवाद से भी बचा जा सके. बीते एक दशक में रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि चीन और पाकिस्तान मिलकर खतरा पैदा कर सकते हैं. अगर भारत के खिलाफ चीन ने आक्रामक अभियान शुरू किया, तो पाकिस्तान भी अपनी ओर से कोई कसर नहीं छोड़ेगा. साल 2014 में भारतीय वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी अधिकारी ने 2014 समिति को यह जानकारी दी थी. हालांकि, उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत और पाकिस्तान के बीच चीन नहीं आएगा.

इस क्षेत्र में हाल के सैन्य मामलों पर नजर रखने वाले अधिकारियों ने भारत को दो मोर्चों पर युद्ध में शामिल होने को अनिवार्य नहीं माना लेकिन यह दावा किया कि सशस्त्र बल मोर्चा लेने को तैयार हैं. नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि 'टू फ्रंट वॉर की संभावना नहीं है. लेकिन हमें चीन और पाकिस्तान के संयुक्त खतरे से निपटने के लिए सैन्य रूप से तैयार रहना होगा.'

एक दूसरे अधिकारी ने कहा, 'भारतीय सेना ने चीन और पाकिस्तान से खतरे को 'कन्टिन्जन्सी- III' मानती है. कन्टिन्जन्सी 1 और 2 दोनों देशों से अलग-अलग खतरों के बारे में है.'



हमें हर हाल में तैयार रहना होगा- पूर्व सैन्य अधिकारी
नॉर्दन आर्मी पूर्व कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा (रिटायर्ड) ने कहा 'तीन न्यूक्लियर देश एक ही समय में युद्ध में नहीं कर सकते. लेकिन चीन और पाकिस्तान के बीच गहरे सैन्य संबंध हैं. कोई फर्क नहीं पड़ता कि टू फ्रंट वॉर के खतरे की संभावना कितनी दूर है, भारतीय सशस्त्र बलों को किसी भी स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए.'

सेना के लगभग 30,000 सैनिक, सीमावर्ती टैंकों के कई स्क्वाड्रन, अतिरिक्त आर्टिलरी और लद्दाख सेक्टर के लिए पूरी तरह से तैयार मैकेनाइज्ड इन्फैंट्री स्क्वॉड लद्दाख में मौजूद हैं. नाम ना प्रकाशित करने की शर्त पर तीसरे अधिकारी ने बताया कि 'सशस्त्र बलों ने अपना पहरा बढ़ा दिया है और भारत की सीमाओं पर किसी भी उकसावे या धमकी भरी कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है.'

हिन्दुस्तान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार विशेषज्ञ ब्रह्म चेलानी ने बताया- 'देपसांग के मैदानों और गलवान घाटी में अतिक्रमण के बाद पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने उत्तरी लद्दाख को काटने और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में पाकिस्तानी सेना के साथ युद्ध की स्थिति में संपर्क करने की कोशिश की है.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज