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निर्मला सीतारमण बोलीं- अभी रोजगार के आंकड़े बता दूं, तो 15 महीने बाद सवाल पूछेंगे राहुल गांधी?

News18Hindi
Updated: February 3, 2020, 10:25 AM IST
निर्मला सीतारमण बोलीं- अभी रोजगार के आंकड़े बता दूं, तो 15 महीने बाद सवाल पूछेंगे राहुल गांधी?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (PTI)

निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने कहा, 'मैं आज एक आंकड़ा दे सकती हूं. फिर भी मैं तीन-चार महीने में स्थितियों के आकलन के बाद कोई नंबर बताना चाहूंगी. फिर उसके दो-तीन महीने के बाद आगे और नए नंबर बताने की स्थिति में होऊंगी. ये सब एक प्रॉसेस का मामला है.'

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  • Last Updated: February 3, 2020, 10:25 AM IST
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नई दिल्ली. मोदी सरकार 2.0 का दूसरा बजट (Budget 2020) एक फरवरी को पेश किया जा चुका है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने इस बजट को रोज़गार बढ़ाने वाला बताया. हालांकि उन्होंने अपने बजट भाषण में यह नहीं बताया कि कैसे और कितने रोज़गार के मौके पैदा किए जाएंगे. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बजट को लेकर वित्त मंत्री पर तंज भी कसा था. राहुल ने कहा था, 'निर्मला सीतारमण का भाषण तो बहुत लंबा था, लेकिन बोलीं कुछ नहीं. बजट में नौजवानों के लिए कुछ नहीं है.' अब निर्मला सीतारमण ने एक इंटरव्यू में इसका जवाब दिया है.

हिंदी अखबार 'दैनिक भास्कर' को दिए एक इंटरव्यू में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट पर कई बातें शेयर कीं. बजट में रोजगार बढ़ाने का दावा किया गया है, लेकिन कोई स्पष्ट आंकड़े क्यों नहीं दिए गए? इस सवाल के जवाब में वित्त मंत्री ने कहा, 'यह सही है कि रोजगार का कोई आंकड़ा नहीं दिया है. आप जो आंकड़ा मांग रहे हैं, वह आज बताना कठिन है. मान लीजिए कि आज मैं एक आंकड़ा बोल दूं- एक करोड़. फिर 15 महीने बाद राहुल गांधी पूछेंगे कि आपने एक करोड़ नौकरियों का कहा था, क्या हुआ?'

आगे की स्थिति देखकर बताएंगे आंकड़ा
निर्मला सीतारमण ने आगे कहा, 'हालांकि, मैं आज एक आंकड़ा दे सकती हूं. फिर भी मैं तीन-चार महीने में स्थितियों के आकलन के बाद कोई नंबर बताना चाहूंगी. फिर उसके दो-तीन महीने के बाद आगे और नए नंबर बताने की स्थिति में होऊंगी. ये सब एक प्रॉसेस का मामला है.'



इसलिए रखे इनकम टैक्स के 2 फॉर्मेट
इनकम टैक्स के दो फॉर्मेट होने से लोगों में कंफ्यूज़न है. एक्सपर्ट की राय है कि इससे सेविंग पर असर पड़ेगा. इस सवाल पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा, 'अभी तक जितनी भी सरकारें आईं, वे टैक्स सिस्टम में छूट पर छूट बढ़ाती गईं. छूटों का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है. दुनिया के किसी भी प्रगतिशील देश में ऐसा टैक्स सिस्टम नहीं है. इससे आगे चलकर देश को नुकसान ही होता है.' उन्होंने आगे कहा, 'हमें इस दिशा में कदम भी उठाना था और लोगों पर दबाव भी नहीं डालना था. इसलिए टैक्स पेयर्स के सामने दो ऑप्शन रखे गए हैं.'

बता दें कि बजट 2020 में सबसे बड़ा ऐलान इनकम टैक्स भरने के दो विकल्पों का रहा. पुरानी व्यवस्था के साथ टैक्स स्लैब की नई दरें भी घोषित की गईं. 5 लाख तक की आय वालों को पुरानी व्यवस्था की तरह नई व्यवस्था में भी कोई टैक्स नहीं देना होगा. जबकि, नए टैक्स स्लैब में 5 लाख से 7.50 लाख आय वालों को 10% टैक्स देना होगा. नई व्यवस्था में 3 अन्य स्लैब में भी टैक्स घटाया गया, लेकिन इसके लिए आपको करीब 70 तरह की रियायतें छोड़नी होंगी.

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First published: February 3, 2020, 10:13 AM IST
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