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सबसे बड़ा सवाल: कहां गायब हो गया उमर खालिद?

सबसे बड़ा सवाल: कहां गायब हो गया उमर खालिद?

संसद हमले के गुनहगार अफजल गुरु के समर्थन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था उमर खालिद।

संसद हमले के गुनहगार अफजल गुरु के समर्थन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था उमर खालिद।

संसद हमले के गुनहगार अफजल गुरु के समर्थन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था उमर खालिद।

    नई दिल्ली। संसद हमले के गुनहगार अफजल गुरु के समर्थन में जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में हुए कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था उमर खालिद। वीडियो में उमर खालिद ही सबके हौसले बढ़ाता दिख रहा है। कहा जा रहा है कि जेएनयू से बाहर के कुछ कश्मीरी लड़के-लड़कियां भी उमर खालिद के बुलावे पर ही यहां आए थे। कुछ ने चेहरे ढंक रखे थे, क्योंकि उन्हें शायद पहचाने जाने का डर था? गौर से देखें तो यही वो लोग थे जो भारत विरोधी नारेबाजी का नेतृत्व कर रहे थे लेकिन सबसे तेज तलाश उमर खालिद की है, क्योंकि वही इस कार्यक्रम का मुख्य आयोजक था।

    उमर खालिद जेएनयू के स्कूल ऑफ सोशल साइंसेज में पीएचडी का छात्र है। वो अति-वामपंथी छात्र संगठन डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन का सदस्य था। समर्थक उसे उग्र वामपंथी विचार वाला छात्र बताते हैं लेकिन सवाल ये है कि अगर उमर बेगुनाह है तो सामने क्यों नहीं आता? उमर देशद्रोही है या नहीं ये तो उसके पकड़े जाने पर ही पता चलेगा, लिहाजा उसकी तलाश में पुलिस उसके पुश्तैनी गांव तक जा पहुंची है। उसके पिता अमरावती के इस गांव में पिछले 30-40 साल में कभी नहीं गए। निजाम शासन में नवाब रहे उसके एक रिश्तेदार की जायदाद भी तलेगांव में है पर अब वो खंडहर बन चुकी है। यानी पुश्तैनी तौर पर उमर खालिद का परिवार अमीर रहा है।

    तलेगांव में अपनी पड़ताल के दौरान IBN7 को पता चला कि उमर खालिद के पिता के नाम एसक्यूआर इलियास है। उमर के दादा गांव छोड़ने के बाद कहीं पत्रकारिता करने लगे थे लेकिन वो भी कभी तलेगांव नहीं आए। लेकिन यहीं से मिले सुरागों के सहारे IBN7 जा पहुंचा दिल्ली के जामियानगर में वेलफेयर पार्टी ऑफ इंडिया के दफ्तर के सामने। उमर खालिद के पिता मीडिया के सामने नहीं आना चाहते लेकिन IBN7 को अपनी पड़ताल में पता चला कि उमर खालिद के पिता एसक्यूआर इलियास SIMI के संस्थापक सदस्य थे हालांकि तब SIMI सामाजिक संगठन था और उस पर प्रतिबंध भी नहीं था।

    अब उमर के पिता वेलफेयर पार्टी चलाते हैं लेकिन सवाल ये है कि क्या उनका बेटा उमर खालिद देशद्रोही गतिविधियां चलाने लगा है, क्या इसीलिए वो कानून से भाग रहा है। हो सकता है कि उमर खालिद अपने अतीत से भाग रहा हो क्योंकि दिल्ली पुलिस की स्पेशल ब्रांच डेमोक्रेटिक स्टूडेंट यूनियन यानी डीएसयू पर नजर रख रही थी, जिसका उमर सदस्य था।

    खबरों के मुताबिक पुलिस रिपोर्ट में जिक्र है कि उमर और डीएसयू ने अफजल गुरु की फांसी पर मातम मनाया था तो जगदलपुर के नक्सली हमले में CRPF जवानों की शहादत पर मिठाई भी बांटी थी। जाहिर है ऐसी हरकतों को किसी भी सूरत में सिर्फ वैचारिक आंदोलन तो नहीं ही कहा जा सकता। खुफिया ब्यूरो भी इस मामले में रिपोर्ट तैयार कर रही है, IBN7 को IB सूत्रों से खबर मिली है कि उमर खालिद पाकिस्तान जा चुका है। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का हमदर्द है उमर। IB सूत्रों के मुताबिक हवाला के जरिए उमर से जुड़े संगठनों को पैसे भी मिले।

    तो क्या इसीलिए जेएनयू में 9 जनवरी को हुए आयोजन में कश्मीरी लड़के-लड़कियां भी दिख रहे थे। क्या इसीलिए उनके चेहरे ढंके थे। जब तक इन चेहरों का सच सामने नहीं आएगा, उमर का सच भी सामने नहीं आएगा। इस बीच खबरें हैं कि उमर को खोजने में नाकाम दिल्ली पुलिस ने अब उसकी तलाश में स्पेशल सेल को लगा दिया है, जो संगीन आपराधिक मामलों की जांच-पड़ताल करती है। आईबी सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उमर खालिद जैश का हमदर्द है। जिस संसद हमले में अफजल गुरु को फांसी मिली वो हमला मौलाना मसूद अजहर के आतंकी संगठन जैश ए मुहम्मद ने ही किया था।

    Tags: Afzal guru

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