लाइव टीवी

व्हाट्सएप की सफाई-नागरिकों की गोपनीयता को सुरक्षित रखने के लिए भारत के साथ, उठाए कई कदम

News18Hindi
Updated: November 1, 2019, 8:57 PM IST

वॉट्सएप (Whatsapp) ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की वैश्विक स्तर पर जासूसी किये जाने का गुरुवार को खुलासा किया था. उसने बताया था कि कुछ भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी के शिकार हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 1, 2019, 8:57 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. फेसबुक (Facebook) के स्वामित्व वाली कंपनी व्हाट्सएप (Whatsapp) पर इजरायल स्पाईवेयर ‘पेगासस’ के जरिये वैश्विक स्तर पर भारतीय पत्रकारों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं की जासूसी करने की खबरों के बीच व्हाट्सएप ने शुक्रवार को कहा है कि उसने इस मामले में कड़े कदम उठाए हैं. साथ ही उसने कहा है कि वह भारतीय सरकार की सभी नागरिकों की गोपनीयता को सुरक्षित रखने की आवश्यकता पर उनके साथ खड़ा है.

व्हाट्सएप ने गुरुवार को इजरायल (Israel) की प्रोद्यौगिकी कंपनी एनएसओ समूह पर आरोप लगाया था कि वह फेसबुक के स्वामित्व वाली मैसेजिंग सेवा के जरिए पत्रकारों, मानवाधिकार कार्यकर्ताओं और अन्य की साइबर जासूसी कर रही है.

Government of India is concerned at the breach of privacy of citizens of India on the messaging platform Whatsapp. We have asked Whatsapp to explain the kind of breach and what it is doing to safeguard the privacy of millions of Indian citizens. 1/4 pic.twitter.com/YI9Fg1fWro




इससे पहले सरकार इस बात को लेकर चिंता जाहिर की कि वॉट्सएप के साथ जून से अब तक उसके साथ कई दौर की बातचीत हुई पर कंपनी ने एक बार भी पेगासस हैकिंग घटना का उल्लेख नहीं किया. सरकारी स्रोतों ने इसकी जानकारी दी.

अधिकारी ने उठाया ये सवाल
Loading...

एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त के साथ सवाल उठाया कि यह  व्हाट्सएप संदेशों के स्रोत की जानकारी तथा जवाबदेही तय करने के लिए कोई कदम उठाने से सरकार को रोकने के लिए कंपनी की ओर से कोई अड़ंगा जैसी चाल तो नहीं है.



सरकार हैकिंग मामले के खुलासे के समय को लेकर भी सवाल कर रही है. यह इस कारण महत्वपूर्ण हो जाता है कि केंद्र सरकार ने देश में सोशल मीडिया के दुरुपयोग को रोकने के उपाय के लिए उच्चतम न्यायालय से तीन महीने का समय मांगा है. सूत्रों ने कहा कि सरकार दुर्भावनापूर्ण संदेशों की सामग्री के बजाय उसका स्रोत जानने पर जोर देगी.

भारत में 40 करोड़ लोग यूज़ करते हैं व्हाट्सएप
फेसबुक की स्वामित्व वाली कंपनी वॉट्सएप के दुनिया भर में डेढ़ अरब से अधिक यूजर्स हैं. इसमें सिर्फ भारत से ही करीब 40 करोड़ हैं. वॉट्सएप इससे पहले भी फर्जी खबरों के प्रसार को लेकर सरकार के निशाने पर रह चुकी है. इस बीच वॉट्सएप ने शुक्रवार को कहा कि उसने हैकिंग मामले में ठोस कदम उठाया है और वह सभी नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत पर भारत सरकार का समर्थन करती है.



वॉट्सएप के एक प्रवक्ता ने पीटीआई भाषा से कहा, ‘‘हम सभी भारतीय नागरिकों की निजता की सुरक्षा की जरूरत को लेकर भारत सरकार के कठोर बयान से सहमत हैं. इसी कारण हमने साइबर हैकरों की जवाबदेही तय करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं और इसी कारण वॉट्सएप अपनी सेवाओं के जरिये सभी उपयोक्ताओं के संदेशों की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है.’’ हालांकि प्रवक्ता ने यह नहीं बताया कि वॉट्सएप ने सरकार के स्पष्टीकरण का जवाब दिया है या नहीं.

सरकार ने 4 नवंबर तक मांगा है जवाब
उल्लेखनीय है कि वॉट्सएप ने सामाजिक कार्यकर्ताओं और पत्रकारों की वैश्विक स्तर पर जासूसी किये जाने का गुरुवार को खुलासा किया था. उसने बताया था कि कुछ भारतीय पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता भी इस जासूसी के शिकार हुए हैं.



सरकार ने इसके बाद कड़ा रुख अख्तियार करते हुए वॉट्सएप से मामले का स्पष्टीकरण देने को कहा. सरकार ने यह भी पूछा कि वॉट्सएप ने लोगों की निजता की सुरक्षा के लिए क्या उपाय किये हैं. सूत्रों के अनुसार, कंपनी को चार नवंबर तक जवाब देने को कहा गया है.

(भाषा के इनपुट के साथ)

 

ये भी पढ़ें-

जानिए इजरायली स्पाईवेयर कैसे कर रहा था भारतीय वॉट्सऐप यूजर्स की जासूसी
आपके वॉट्सऐप तक ऐसे पहुंची इजरायली एजेंसी, एक SMS से शुरू हो जाता था खेल

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 1, 2019, 8:11 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...