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नेतन्याहू के इस दौरे में भारत-इजरायल के बीच हो सकते हैं ये अहम समझौते

News18Hindi
Updated: January 14, 2018, 3:14 PM IST
नेतन्याहू के इस दौरे में भारत-इजरायल के बीच हो सकते हैं ये अहम समझौते
(file photo)
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Updated: January 14, 2018, 3:14 PM IST
भारत और इजरायल के बीच 25 वर्षो के कूटनीतिक संबंधों को नया आयाम देने के लिए इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन 'बीबी' नेतन्याहू अपनी छह दिनों की यात्रा पर रविवार को भारत पहुंचे. पीएम मोदी को अपना करीबी दोस्त बताने वाले नेतन्याहू का मानना है कि भारत के साथ उसका संबंध संयुक्त राष्ट्र में एक वोट से कहीं ज्यादा मजबूत है.

विदेश मंत्रालय में संयुक्त सचिव (पश्चिमी एशिया व उत्तर अफ्रीका) बी. बाला भास्कर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 15 जनवरी को जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और नेतन्याहू द्विपक्षीय वार्ता के लिए बैठेंगे तो कई मसलों पर बातचीत की जाएगी. इस दौरान सुरक्षा, कृषि और पानी से जुड़े कई मुद्दों पर समझौता होने की संभावना है.

टेक्नोलोजिकल कोलैबोरेशन एंड इनोवेशन
भास्कर ने बताया कि दोतरफा सहयोग के दायरे को बढ़ाकर इसमें कई क्षेत्रों को शामिल किया गया है. उन्होंने कहा, कृषि क्षेत्र से शुरू करने के बाद अब हमारे सहयोग का दायरा बड़ा हो गया है, जिसमें प्रमुख रूप से प्रौद्योगिकी सहयोग, नवाचार, अनुसंधान व विकास, विज्ञान, अंतरिक्ष आदि शामिल हैं. जिसे टेक्नोलोजिकल कोलैबोरेशन एंड इनोवेशन का नाम दिया गया है.

सुरक्षा मुद्दे पर हो सकते हैं अहम फैसले
उन्होंने बताया कि दोनों देशों के बीच पांच अरब डॉलर का व्यापार बीते साल 2016-17 में हुआ था, जिसमें रक्षा सौदे शामिल नहीं हैं. इस बात की संभावना जताई जा रही है कि इजरायल से 8,000 स्पाइक (एंटी-टैंक गाइडेड मिसाइल) की खरीद पर दोबारा बातचीत हो सकती है. यह सौदा पिछले साल रद्द हो गया था.

जल प्रबंधन में मदद
इजरायल से भारत समुद्र के खारे पानी को पीने योग्य पानी में बदलने की तकनीक सीख सकता है. इसके साथ जल प्रबंधन से जुड़ा मुद्दा गंगा की स्वच्छता के लिहाज से भी इजरायल का सहयोग महत्वपूर्ण हो सकता है.  नेतन्याहू के इस दौरे में दोनों देशों के बीच इसे लेकर अहम करार हो सकता है।.

व्यापार समझौता भी एजेंडे में शामिल है
भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कारमॉन ने कहा कि स्पाइक प्रोजेक्ट मेक-इन इंडिया प्रोग्राम में इजरायल को शामिल करने की एक मिसाल है. भारत और इजरायल के बीच मुक्त व्यापार समझौता भी बातचीत के उनके एजेंडे में शामिल है. नेतन्याहू भू-राजनीति व भू-अर्थशास्त्र पर भारत की ओर से आयोजित प्रमुख सम्मेलन 'रायसिना वार्ता' में भी शिरकत करेंगे.

नेतन्याहू का यह दौरा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के यरूसलम को इजरायल की राजधानी के रूप में मान्यता देने के फैसले के विरोध में संयुक्त राष्ट्र महासभा में नई दिल्ली की ओर से वोट करने के एक महीने से भी कम समय के भीतर हो रहा है.

भारत और इजरायल का मजबूत रिश्ता 
हालांकि, भारत में इजरायल के राजदूत डेनियल कारमॉन ने मीडिया से बातचीत में इस विषय पर किसी भी तरह की अटकलबाजी पर विराम लगाते हुए कहा, मेरा मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में एक वोट इधर-उधर होने से रिश्ता कहीं ज्यादा मजबूत है.

(इनपुट आईएनएस से)

 
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