Assembly Banner 2021

किसान आंदोलन: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर की अपील- आंदोलन छोड़ें किसान, हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (PTI)

केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (PTI)

Kisaan Aandolan: कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि किसान आंदोलन का रास्ता छोड़ कर बातचीत करें. उन्होंने कहा कि किसानों के लिए सरकार ने फायदे का कानून बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 28, 2020, 10:28 AM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. किसानों ने अपना आंदोलन समाप्त करने की अपील करते हुए केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Narendra Singh Tomar) ने शुक्रवार को कहा कि सरकार उनके साथ सभी मुद्दों पर चर्चा करने के लिए तैयार है. केन्द्र सरकार के नये कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के ‘दिल्ली चलो’ मार्च में शामिल हजारों किसान पानी की बौछार सामना और सुरक्षाकर्मियों के साथ झड़प करते शुक्रवार को दिली में प्रवेश करना शुरू कर दिया है.

इससे पहले दिन में, 'तोमर ने कहा कि नए कृषि कानून, किसानों के जीवन में जबरदस्त सुधार लाएंगे. विभिन्न किसान निकायों को तीन दिसंबर को चर्चा के लिए बुलाया गया है. तोमर ने प्रदर्शनकारी किसानों से अपनी हड़ताल समाप्त करने और बातचीत के लिए आगे आने की अपील की. मंत्री ने कहा, ‘सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है ....’

तोमर की ओर से यह घोषणा दिल्ली पुलिस द्वारा किसानों को राष्ट्रीय राजधानी में आने की अनुमति देने के बाद आई.



दिल्ली में किसानों की एंट्री को मिली मंजूरी
बता दें राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न प्रवेश बिंदुओं से हजारों किसानों को प्रवेश करने और उत्तरी दिल्ली के मैदान में कृषि कानूनों के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन की अनुमति दी गई है. किसानों के कुछ प्रतिनिधियों ने बुरारी में अन्य पुलिस अधिकारियों के साथ निरंकारी समागम ग्राउंड का मुआयन किया. दिल्ली जल बोर्ड के उपाध्यक्ष राघव चड्ढा ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के निर्देश पर संबंधित स्थल पर पेयजल की व्यवस्था की है. वहीं सिंघु बॉर्डर पर राष्ट्रीय राजमार्ग के एक हिस्से पर शुक्रवार शाम में किसानों ने बड़ी रसोई तैयार की और एक दिन के लंबे थका देने वाले प्रदर्शन के बाद भोजन तैयार किया.

हालांकि भले ही पुलिस ने उन्हें राष्ट्रीय राजधानी में जाने की अनुमति दे दी हो लेकिन वे बुरारी के निरंकारी मैदान में जाने से इनकार कर रहे हैं. किसानों से कहा गया है कि वे केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ संबंधित मैदान में प्रदर्शन जारी रख सकते हैं. वहीं कुछ किसानों का कहना है कि वे हरियाणा में फंसे किसानों की प्रतीक्षा कर रहे हैं. कई किसानों का कहना है कि वे या तो रामलीला मैदान जाना चाहते हैं या प्रदर्शन के लिए जंतर-मंतर जाना चाहते हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज