अमरनाथ यात्रा पर हमले का है अलर्ट, गृह मंत्री अमित शाह कड़ी सुरक्षा में जाएंगे कश्मीर

गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार- एजेंसियों ने दो बड़ी सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित किया है. इनमें गाड़ी के जरिए आईडी हमला और जवाहर टनल के आसपास हमले की आशंका है. गृह मंत्री के दौरे के लिए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की जा रही है.

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Updated: June 26, 2019, 6:43 AM IST
अमरनाथ यात्रा पर हमले का है अलर्ट, गृह मंत्री अमित शाह कड़ी सुरक्षा में जाएंगे कश्मीर
अमित शाह के दौरे से एक दिन पहले घाटी में सुरक्षा एजेंसियों ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है. (सांकेतिक तस्वीर)
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Updated: June 26, 2019, 6:43 AM IST
(सुहास मुंशी)

गृह मंत्री के तौर पर शपथ लेने के बाद अमित शाह कश्मीर की अपनी पहली यात्रा करने के लिए तैयार हैं. अमित शाह के दौरे से एक दिन पहले घाटी में सुरक्षा एजेंसियों ने अमरनाथ यात्रियों की सुरक्षा के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है.

सूत्रों ने न्यूज18 को बताया कि इस साल की यात्रा में सबसे अधिक जवानों की तैनाती देखने को मिलेगी. सेना और जम्मू-कश्मीर पुलिस कर्मियों के अलावा लगभग 42 हजार अर्धसैनिक बलों के जवान 1 जुलाई से शुरू हो रही 46 दिनों की यात्रा के दौरान लाखों यात्रियो की सुरक्षा करेंगे.

सुरक्षा एजेंसियों ने जताई है चिंता

गृह मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, एजेंसियों ने दो बड़ी सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित किया है. एजेंसियों का कहना है कि गाड़ी के जरिए आईडी हमला और जवाहर टनल के आसपास हमले की आशंका है. दोनों का जवाब देने के लिए विस्तृत योजना तैयार कर ली गई है.

 

पहला खतरा, पुलवामा में 14 फरवरी को सीआरपीएफ के काफिले पर हुए आईईडी हमले के अनुभव से सामने आया. इस हमले में 40 जवान शहीद हो गए थे. एक और खतरा बाद की घटना से सामने आया. 17 जून को आतंकवादियों ने पुलवामा में आर्मी पेट्रोलिंग यूनिट के पास एक वाहन में आईईडी छिपाकर धमाका किया था. इस धमाके में सेना के आठ जवान और दो नागरिक घायल हो गए थे. दूसरा धमाका पुलवामा में हुए पहले धमाके से करीब 27 किलोमीटर की दूरी पर किया गया था.
कई इलाकों की जांच जारी
एजेंसिया विशिष्ट सूचनाओं के आधार पर जम्मू और कश्मीर को जोड़ने वाली जवाहर सुरंग व उसके आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का पुनर्मूल्यांकन कर रही हैं. इसके अलावा एजेंसियों ने ग्रेनेड हमलों, तीर्थयात्रियों के अपहरण और आतंकवादियों द्वारा सुरक्षाबलों पर हमले करने के बारे में चर्चा व तैयारी की.

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आतंकी खतरों से निपटने के लिए नियमित इकाइयों के अलावा छह विशेष क्विक एक्शन टीम (QATs) की तैनाती की जाएगी. ये टीम अति-आधुनिक गैजेट्स से लैस हैं और पिछले साल 1 जनवरी से 30 से अधिक सफल आतंकवाद रोधी अभियानों का हिस्सा रही हैं. एजेंसी ने हवा से निगरानी के लिए चॉपर्स और यूएवी को भी सेवा में लगाया है.

कड़ी सुरक्षा के बीच होगा दौरा
अपना नाम नहींं बताने की शर्त पर गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, "हम नाइट एरिया डोमिनेश एक्सरसाइज कर रहे हैं. हमारे पास मोबाइल चेक पोस्ट, QAT तोड़फोड़ विरोधी चेक हैं. हमने यह भी सुनिश्चित किया है कि यात्रियों की सभी बसों में RFID टैग हों और यात्रियों के अपने बार कोड हों, ताकि नागरिकों की आवाजाही की सभी सूचनाओं की निगरानी की जा सके.  साथ ही एक ही बार में संदिग्धों का पता भी लगाया जा सकेगा.

अधिकारी ने न्यूज18 को बताया कि लगभग 42 हजार सुरक्षाकर्मियों को अमरनाथ यात्रा के विभिन्न पॉइंट्स पर तैनात किया जा चुका है. यह 2018 (लगभग 32,000), 2017 (30,000), 2016 (18,000) और 2015 (15,000) की तुलना में काफी अधिक है. अधिकारी ने बताया कि इस साल की यात्रा को सुरक्षित करने के लिए ITBP, SSB और CISF की कई अतिरिक्त कंपनियों को सेवा में लगाया गया है.

अधिकारी ने कहा, "अतिरिक्त बल को हाल की ग्रेनेड की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए तैनात किया गया है, जो हमारे इनपुट के अनुसार घाटी में सक्रिय आतंकी संगठनों में नए रंगरूटों द्वारा किए जा रहे हैं, जो उनकी वफादारी साबित करने का एक साधन है."

बता दें कि 2017 में आतंकियों ने अमरनाथ यात्रा पर जा रही एक बस पर हमला किया था जिसमें 12 नागरिक मारे गए थे. 2018 में, एक बस से एक संदिग्ध विस्फोट की सूचना मिली थी, जिसे ग्रेनेड हमला माना जाता है, इसमें एक यात्री को चोट आईं थी.

अमरनाथ यात्रियों पर हमले की लिस्ट
21 जुलाई, 2001: आतंकवादियों ने शेषनाग यात्री कैंप पर हमला किया. इस हमले में 10 नागरिक और दो पुलिस अधिकारी मारे गए जबकि 14 नागरिक और पांच पुलिस अधिकारी घायल हुए थे.

6 अगस्त 2002: ननवान बैस कैंप पर सुबह-सुबह आतंकवादियों ने हमला किया. इस हमले में 9 यात्रियों की मौत हो गई जबकि 29 घायल हो गए.

3 जुलाई 2012: आतंकवादियों ने यात्रियों से भरी बस पर हमला बोला. तीन नागरिकों की मौत और छह घायल.

21 जुलाई 2017: आतंकियों ने स्थानीय गुरुद्वारा के लंगर पर ग्रैनेड से हमला किया, 23 लोग घायल.

10 जुलाई 2017: अनंतनाग से लौट रही बस पर आतंकवादियों का हमला. 12 की मौत.

1 जुलाई 2018: बस में संदिग्ध धमाका, 1 यात्री घायल.

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