संसद के मानसून सत्र से पहले ओम बिरला ने कहा- जल्द ही 100% डिजिटल होगा संसद का काम

संसद के मानसून सत्र से पहले ओम बिरला ने कहा- जल्द ही 100% डिजिटल होगा संसद का काम
14 सितंबर से शुरू हो रहा मानसून सत्र 1 अक्टूबर तक चलेगा. (File Photo)

Parliament Monsoon Session: संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा. कोरोना वायरस महामारी के दौरान आयोजित किये जा रहे इस सत्र को लेकर ये विशेष तैयारी की जा रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 10, 2020, 5:57 PM IST
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नई दिल्ली. संसद के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला (Loksabha Speaker Om Birla) ने कहा कि सभी सांसदों (Member of Parliament) का कोरोना टेस्ट (Corona Test) कराया जाएगा. वहीं सभी सांसदों की उपस्थिति भी मोबाइल ऐप (Mobile App) के जरिए दर्ज की जाएगी. बिरला ने कहा कि हम अंततः 100% डिजिटल हो जाएंगे. संसद (Parliament) के इतिहास में पहली बार, सभी सदस्यों ने ऑनलाइन माध्यम से अपने प्रश्न भेजे हैं. हमने अपनी कार्यवाही का 62% डिजिटल रूप से सफलतापूर्वक कर लिया है.

ओम बिरला ने गुरुवार को कहा कि संसद के सत्र की शुरुआत 14 सितंबर से होगी. महामारी के बीच सत्र का आयोजन करना बेहद चुनौतीपूर्ण है. लेकिन हमें उन लोगों के सामने खुद को साबित करना है जिनके लिए हमारी जवाबदेही बनती है. बता दें संसद का मानसून सत्र 14 सितंबर से शुरू होकर 1 अक्टूबर तक चलेगा. इससे पहले जानकारी सामने आई थी कि सांसदों के लिए सत्र में हिस्सा लेने के लिए अपनी, अपने परिवार के सदस्यों और करीबी संपर्कों की कोविड-19 नेगेटिव रिपोर्ट जरूरी होगी.

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72 घंटे पहले जांच कराना जरूरी
लोकसभा और राज्यसभा सचिवालय के विस्तृत दिशानिर्देशों के अनुसार, सांसदों के करीबी संपर्कों में उनके निजी सहायक, निजी सचिव, ड्राइवर और घरेलू सहायक शामिल होंगे. सांसदों के लिए कोविड-19 टेस्ट सत्र शुरू होने से 72 घंटे पहले कराना जरूरी होगा और यह जांच उनके संसदीय क्षेत्र या संसद भवन परिसर में करायी जा सकती है.

दिशानिर्देशों के अनुसार, ‘‘अगर सदस्य की जांच में नेगेटिव रिपोर्ट आती है, तब वे सत्र में हिस्सा ले सकते हैं. अगर किसी सदस्य की जांच में पॉजिटिव रिपोर्ट आती है, तब उन्हें डाक्टरों की सलाह और मरीजों के प्रबंधन प्रोटोकाल के अनुरूप संस्थागत पृथकवास/ अस्पताल में जाना होगा.’’

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परिवार और कर्मचारी संसद भवन परिसर में करा सकते हैं जांच
विस्तृत दिशानिर्देश में आगे कहा गया है कि सांसदों के परिवार और कर्मचारी वर्ग के सदस्य संसद भवन परिसर में कोविड-19 जांच करा सकते हैं. अगर किसी सांसद के निजी सहायक, निजी सचिव, ड्राइवर और घरेलू सहायिका की टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तब सांसद को उच्च खतरे की श्रेणी में रखा जाएगा और उनको संपर्क से 14 दिनों की अवधि के लिए पृथकवास में जाना होगा.

सांसदों को करना होगा इन दिशानिर्देशों का पालन
इसके अलावा, नौ पन्नों के दिशानिर्देश में दोनों सदनों के सचिवालय ने मास्क पहनने, छह फुट की सामाजिक दूरी बनाए रखने, सत्र के दौरान हाथ साफ करते रहने आदि पर जोर दिया है. संसद के मानसून सत्र के दौरान सांसदों, कर्मचारियों सहित करीब 4000 लोगों के लिए कोरोना वायरस टेस्ट कराने, हजारों की संख्या में मास्क, दास्ताने, सैनिटाइजर की सैकड़ों बोतलें, चेहरे ढकने का आवरण या फेस शील्ड सहित 18 दिनों के सत्र के लिए कई अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं.

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दो पालियों में होगी सदन की कार्यवाही
संपूर्ण संसद परिसर की समय-समय पर साफ सफाई होगी और उसे कीटाणु मुक्त किया जाएगा, वहीं विभिन्न संसदीय कागजातों के अलावा जूता-चप्पल एवं सांसदों की कारों को भी कीटाणु मुक्त बनाने की व्यवस्था होगी. परिसर में आने जाने वाले लोगों की जांच की, बिना छुए सुरक्षा स्कैनिंग की व्यवस्था की जा रही है, साथ ही बिना छुए थर्मल स्कैनिंग भी की जाएगी.



पहली बार लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही दो पालियों में आयोजित की जाएगी. सांसदों के लिए सामाजिक दूरी के मानदंडों का पालन करते हुए बैठने की विशेष व्यवस्था होगी. (भाषा के इनपुट सहित)
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