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Ahmed Patel: अहमद पटेल के बेटे फैजल और बेटी मुमताज के बारे में जानते हैं आप?

अहमद पटेल गांधी परिवार (Gandhi Family) के सबसे करीब और गांधियों के बाद 'नंबर 2' माने जाते थे. (PTI)
अहमद पटेल गांधी परिवार (Gandhi Family) के सबसे करीब और गांधियों के बाद 'नंबर 2' माने जाते थे. (PTI)

अहमद पटेल (Ahmed Patel) की कोशिश रहती थी कि दिल्ली और देश के मीडिया में उनकी जरा भी प्रोफाइल न हो. वो कभी टीवी चैनलों पर नहीं दिखते, लेकिन उन पर खबरें कंट्रोल करने का आरोप लगता रहा. गांधी परिवार और प्रधानमंत्रियों से लगातार मिलते रहने के बावजूद उनके साथ पटेल की तस्वीरें बेहद चुनिंदा हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 25, 2020, 8:10 AM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस पार्टी (ALL India Congress Party) और 10 जनपथ के चाणक्य कहे जाने वाले सीनियर नेता अहमद पटेल (Ahmed Patel) अब नहीं रहे. एक महीने पहले कोरोना से संक्रमित होने के बाद बुधवार तड़के उन्होंने आखिरी सांसें लीं. अहमद पटेल अपने पीछे पत्नी मेमूना पटेल, बेटा फैजल पटेल, बेटी मुमताज पटेल को छोड़ गए हैं. अहमद पटेल ने 1976 में मेमूना अहमद से शादी की थी. पटेल का परिवार राजनीति से फिलहाल दूर है.

अहमद पटेल के बेटे फैजल पटेल 39 साल के हैं. faisalpatel.ai वेबसाइट के मुताबिक फैजल बिजनेस एंटरप्रेन्योर हैं. वह मूल रूप से हेल्थकेयर, एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल सेक्टर में बदलाव लाने की दिशा में काम करना चाहते हैं. उन्होंने देहरादून के दून पब्लिक स्कूल से हाईस्कूल की पढ़ाई पूरी की है. अमेरिका के हवाई पैसिफिक यूनिवर्सिटी से उन्होंने बीबीए की डिग्री ली है. फैजल पटेल ने ज़िऑन डिस्ट्रिब्यूशन के नाम से अपना वेंचर भी शुरू किया है.

वहीं, अहमद पटेल की बेटी मुमताज पटेल की शादी बिजनेसमैन इरफान सिद्दिकी से हुई है. हाल ही में प्रवर्तन निदेशालय ने अहमद पटेल के दामाद इरफान सिद्दिकी के घर और ऑफिस में छापा मारा था. गुजरात के फार्मास्युटिकल फर्म और स्टर्लिंग बायोटेक के एक फ्रॉड केस को लेकर इरफान के खिलाफ ईडी ने ये एक्शन लिया था. मनी लॉन्ड्रिंग केस में इरफान सिद्दिकी ने हाल ही में नई दिल्ली में ईडी दफ्तर में बयान दर्ज कराया था.



कांग्रेस में गांधियों के बाद 'नंबर 2' थे पटेल
अहमद पटेल गांधी परिवार (Gandhi Family) के सबसे करीब और गांधियों के बाद 'नंबर 2' माने जाते थे. बेहद ताकतवर असर वाले अहमद पटेल लो-प्रोफाइल रखते थे, साइलेंट और हर किसी के लिए सीक्रेटिव थे. राजनीति से दूर उन्हें बड़ी सादगी से पारिवारिक जीवन बिताना पसंद था.

अहमद पटेल की कोशिश रहती थी कि दिल्ली और देश के मीडिया में उनकी जरा भी प्रोफाइल न हो. वो कभी टीवी चैनलों पर नहीं दिखते, लेकिन उन पर खबरें कंट्रोल करने का आरोप लगता रहा. गांधी परिवार और प्रधानमंत्रियों से लगातार मिलते रहने के बावजूद उनके साथ पटेल की तस्वीरें बेहद चुनिंदा हैं.


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तीन बार लोकसभा सांसद और 5 बाद राज्यसभा सदस्य रहे
गुजरात के भरूच जिले के अंकलेश्वर में पैदा हुए अहमद पटेल तीन बार (1977, 1980,1984) लोकसभा सांसद और पांच बार (1993,1999, 2005, 2011, 2017 से वर्तमान तक) राज्यसभा सांसद रह चुके थे. पटेल ने अपना पहला चुनाव 1977 में भरूच से लड़ा था, जिसमें वो 62,879 वोटों से जीते. 1980 में उन्होंने फिर यहीं से चुनाव लड़ा और इस बार 82,844 वोटों से जीते थे. 1984 के अपने तीसरे लोकसभा चुनाव में उन्होंने 1,23,069 वोटों से जीत दर्ज की थी. 1993 से अहमद राज्यसभा सांसद थे और 2001 से सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार भी थे.

कभी नहीं लिया मंत्री पद
अहमद इंदिरा गांधी के वक्त से कांग्रेस में थे। 1977 के चुनाव में जब इंदिरा को भी पासा पलटने की आशंका थी, तब ये अहमद पटेल ही थे, जो उन्हें अपनी विधानसभा सीट पर मीटिंग आयोजित करने के लिए राजी कर लाए थे. 1977 के आम चुनाव में जब कांग्रेस औंधे मुंह गिरी थी और गुजरात ने उसकी कुछ साख बचाई थी, तो अहमद उन मुट्ठीभर लोगों में एक थे, जो संसद पहुंचे थे. 1980 के चुनाव में धाकड़ वापसी करने के बाद जब इंदिरा ने अहमद को कैबिनेट में शामिल करना चाहा, तो उन्होंने संगठन में काम करने को प्राथमिकता दी. पहले इंदिरा और फिर राजीव, राजीव ने भी 1984 चुनाव के बाद अहमद को मंत्रीपद देना चाहा, लेकिन अहमद ने फिर पार्टी को चुना.

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यूथ कांग्रेस का नेशनल नेटवर्क किया तैयार
राजीव के रहते उन्होंने यूथ कांग्रेस का नेशनल नेटवर्क तैयार किया, जिसका सबसे ज्यादा फायदा सोनिया को मिला. अहमद के आलोचक कहते हैं कि गांधी परिवार के प्रति उनकी न डिगने वाली निष्ठा ही हैं, जिस पर कोई सवाल नहीं उठा सकता. अहमद के राजीव के साथ मतभेद चाहे जैसे रहे हों, लेकिन वो राजीव को कितना एडमायर करते थे, इस पर कोई संदेह नहीं है.
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