अहमदाबाद: अस्पतालों को ऑक्सीजन, रेमडेसिविर मुहैया नहीं कराने पर AHNA सेक्रेटरी का इस्तीफा

जम्मू के शक्ति नगर श्मशान घाट में कोरोना से मरे एक व्यक्ति के अंतिम-संस्कार के वक्त वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी और परिवार के सदस्य. (पीटीआई फाइल फोटो)

जम्मू के शक्ति नगर श्मशान घाट में कोरोना से मरे एक व्यक्ति के अंतिम-संस्कार के वक्त वहां मौजूद स्वास्थ्यकर्मी और परिवार के सदस्य. (पीटीआई फाइल फोटो)

Gujarat Coronavirus Update: गुजरात उच्च न्यायालय ने भी राज्य में रेमडेसिविर इंजेक्शन के मामले में सरकार को फटकार लगाई थी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 21, 2021, 1:39 PM IST
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अहमदाबाद: राज्य में कोरोना महामारी भड़की हुई है. निजी कोविड अस्पतालों को रेमडेसिविर इंजेक्शन और ऑक्सीजन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही थी, परिणाम स्वरूप कई रोगियों और उनके परिवारों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. इससे होम आइसोलेट होने वाले भी परेशान हैं. इसके बाद डॉ.वीरेन शाह ने अहमदाबाद नगर निगम के अस्पताल और नर्सिंग एसोसिएशन (AHNA) के सेक्रेटरी पद से इस्तीफा दे दिया है. वह अहमदाबाद अस्पताल और नर्सिंग होम एसोसिएशन के मुद्दों को लगातार अहमदाबाद नगर निगम से लेकर सरकार के सामने उठा रहे थे.

वह आहना के प्रतिनिधिमंडल का भी हिस्सा थे जो मंगलवार को रिवरफ्रंट हाउस में म्युनिसिपल कमिश्नर के पास आहना को हो रही परेशानी के बारे में अवगत कराने गए थे. निजी कोविड अस्पतालों में ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी के मामले में प्रशासन से संतोषजनक प्रतिक्रिया नहीं मिलने के कारण डॉ वीरेन शाह ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया है. अहमदाबाद नगर निगम द्वारा विभिन्न मुद्दों पर डॉक्टरों को लगातार दोषी ठहराया जा रहा था, जिसे लेकर भी डॉ वीरेन शाह नाराज थे.

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'सवालों के अनसुलझे रहने के कारण आखिरकार इस्तीफा दे दिया गया'
इस संबंध में वीरेंद्र शाह ने कहा कि बार-बार प्रशासन को कहने के बावजूद कोविड अस्पतालों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया. अहमदाबाद अस्पताल और नर्सिंग होम एसोसिएशन लगातार अहमदाबाद नगर निगम से लेकर सरकार तक अपने के मुद्दों को उठा रहा था. मंगलवार को रिवरफ्रंट हाउस में हुई बैठक में उपस्थित नगरपालिका आयुक्त को कठिनाइयों पर एक प्रस्तुति भी दी गई. हालांकि, इस तरह के किसी भी मुद्दे का समाधान नहीं किया गया और डॉ. शाह ने आखिरकार इस्तीफा दे दिया.



गुजरात उच्च न्यायालय ने भी राज्य में उपचारात्मक इंजेक्शन के मामले में सरकार को फटकार लगाई थी. सरकार का दावा है कि अस्पताल में भर्ती मरीज और होम आइसोलेट मरीजों को इंजेक्शन देने की व्यवस्था की गई है, लेकिन अस्पताल में भर्ती मरीजों को अभी तक रेमडेसिविर इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं, तो होम आइसोलेट मरीज को कैसे मिले होंगे.
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