'ऑक्‍सीजन के 92-93 स्‍तर को खतरा न मानें लेकिन...', जानिये क्‍या बोले एम्‍स प्रमुख डॉ. गुलेरिया

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दी सलाह. (File pic)

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने दी सलाह. (File pic)

Coronavirus in India: एम्‍स निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने यह भी सलाह दी कि ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग समय की आवश्यकता है.

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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के कारण पूरे देश में ऑक्सीजन (Oxygen) की जरूरत बढ़ गई है और लोग अस्पतालों में भर्ती होने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं. ऐसे में दिल्‍ली स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्‍थान यानी एम्‍स (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया (Randeep Guleria) ने गुरुवार को कहा कि कोविड-19 में 92 या 93 के ऑक्सीजन स्तर को गंभीर नहीं माना जाना चाहिए. लेकिन यह एक चेतावनी स्तर है जो यह दर्शाता है कि मरीज को समय पर चिकित्सा सहायता की आवश्यकता है.

डॉ. रणदीप गुलेरिया ने यह भी सलाह दी कि ऑक्सीजन का विवेकपूर्ण उपयोग समय की आवश्यकता है. उन्‍होंने कहा, 'ऑक्सीजन सिलेंडर का दुरुपयोग इन दिनों एक गंभीर विषय है. कुछ लोग घर पर ऑक्सीजन सिलेंडर स्टॉक करते हैं, उन्हें डर है कि बाद में उन्हें इसकी आवश्यकता हो सकती है. यह उचित नहीं है.'

उन्‍होंने कहा, 'अगर आपका ऑक्सीजन स्तर 94 प्रतिशत या उससे अधिक है, तो इसका मतलब है कि शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन है. घबराने की जरूरत नहीं है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में उन्‍होंने कहा, 'ऑक्सीजन के सामान्य स्तर वाले व्यक्ति द्वारा दुरुपयोग करना किसी ऐसे व्यक्ति को वंचित कर सकता है जिसका ऑक्‍सीजन स्तर 90 या 80 से नीचे है.'


उन्होंने कहा, 'ऑक्सीजन गंभीर कोरोना के गंभीर मरीजों के इलाज के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह वायरस फेफड़ों के कामकाज को प्रभावित करता है. सांस की तकलीफ या सांस लेने में कठिनाई गंभीर कोरोना के रोगियों में सबसे आम लक्षणों में से एक है. यह शरीर के विभिन्न हिस्सों में ऑक्सीजन की आपूर्ति में बाधा उत्पन्न करता है. इसलिए उन्हें ऑक्सीजन थेरेपी की आवश्यकता होती है, जिसे मेडिकल ऑक्सीजन के माध्यम से आपूर्ति की जाती है.'

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