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स्वदेशी कोरोना वैक्सीन ट्रायल के लिए नहीं मिल रहे हैं वॉलंटियर्स! AIIMS ने जारी किया विज्ञापन

दूसरे स्टेज के ट्रायल तक पता चला था कि कोवैक्सीन इम्यून रेस्पोंस को बढ़ावा देती है.
दूसरे स्टेज के ट्रायल तक पता चला था कि कोवैक्सीन इम्यून रेस्पोंस को बढ़ावा देती है.

Covaxin III Phase Trial: एम्स ने अपने विज्ञापन में बताया है कि कोवैक्सीन का पहला और दूसरे चरण का सफल ट्रायल (COVAXIN Trail) किया जा चुका है. एम्स ने आगे बताया कि जिन व्यक्तियों को परीक्षणों में रुचि है, वे अस्पताल प्रशासन से फोन नंबर 917428847499 पर संपर्क कर सकते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 24, 2020, 9:55 PM IST
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नई दिल्ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) की मार झेल रही सारी दुनिया में अब तक लाखों लोगों की इस संक्रमण के कारण मौत हो चुकी है. अमेरिका (America) सहित कई अन्य देशों में कोरोना वायरस से बचाव के लिए लोगों को वैक्सीन (Corona Vaccine) दी जा रही है. वहीं, भारत में भी कई कंपनियां कोरोना की वैक्सीन तैयार कर रही है. हालांकि वैक्सीन के तीसरे चरण के ट्रायल के लिए वालंटियर्स नहीं मिल रहे हैं. वालंटियर्स न मिलने के कारण ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) ने एक विज्ञापन जारी किया है जिसमें लोगों से तीसरे चरण के ट्रायल का हिस्सा बनने को कहा गया है.

एम्स ने अपने विज्ञापन में बताया है कि कोवैक्सीन का पहला और दूसरे चरण का सफल ट्रायल (COVAXIN Trail) किया जा चुका है. एम्स ने आगे बताया कि जिन व्यक्तियों को परीक्षणों में रुचि है, वे अस्पताल प्रशासन से फोन नंबर 917428847499 पर संपर्क कर सकते हैं या ctaiims.covid19@gmail.com पर ईमेल कर सकते हैं. नामांकन की अंतिम तिथि 31 दिसंबर, 2020 है.

तीसरे ट्रायल के बाद सामने आएगी ज्यादा जानकारी
कोवैक्सीन का लेट स्टेज ट्रायल चल रहा है. यह भी कहा गया था कि बड़े पैमाने पर होने वाले तीसरे स्टेज के ट्रायल में इसके प्रभाव के बारे में ज्यादा जानकारी सामने आ जाएगी. दूसरे स्टेज के ट्रायल तक पता चला था कि कोवैक्सीन इम्यून रेस्पोंस को बढ़ावा देती है. साथ ही साथ किसी तरह का कोई बड़ा साइड इफेक्ट भी नहीं देखा गया था.




उल्लेखनीय है कि भारत बायोटेक के कोविड-19 टीके के तीसरे चरण के ट्रायल लिए एम्स को पर्याप्त संख्या में स्वेछा से टीकाकरण कराने वाले लोग (वॉलंटियर) नहीं मिल रहे हैं. अधिकारियों का कहना है कि लोग यह सोच कर नहीं आ रहे हैं कि जब सबके लिए टीका जल्दी ही उपलब्ध हो जाएगा तो ट्रायल में भाग लेने की क्या जरूरत है.
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