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क्या भारत में भी दी जाएगी कोरोना वैक्सीन की बूस्टर डोज? AIIMS निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कही बड़ी बात

टीके की यह डोज दूसरी खुराक के लगभग 6 महीने बाद दी जाती है.

टीके की यह डोज दूसरी खुराक के लगभग 6 महीने बाद दी जाती है.

डॉ. गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) हमें अभी इस दिशा में कदम उठाने के लिए पर्याप्त डेटा की जरूरत होगी और जब तक डेटा नहीं मिलता तब तर इस बारे में कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया जा सकता है. एम्स निदेशक के अनुसार अभी इस क्षेत्र में और अधिक शोध की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि अगले साल के शुरुआती महीनों तक पर्याप्त डेटा मिल सकता है.

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    नई दिल्ली: पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है. कोविड-19 वायरस (Covid-19 Virus) को हराने का सबसे कारगर तरीका है वैक्सीन लेना. इस बीच एम्स के निदेशक डॉ रणदीप गुलेरिया (Dr. Randeep Guleria) ने शनिवार को वैक्सीन की बूस्टर डोज (Vaccine Booster Shot) को लेकर बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि भारत के पास तीसरे COVID-19 वैक्सीन शॉट की आवश्यकता के लिए पर्याप्त डेटा नहीं है. उनके अनुसार अगले साल जनवरी तक इस बारे में पर्याप्त जानकारी मिल सकती है.

    संयुक्त राज्य अमेरिका, यूनाइटेड किंगडम और इजराइल सहित कई देश अब अपने नागरिकों में अधिक प्रतिरोधक क्षमता (Immunity Strength) को बढ़ाने के लिए वैक्सीन की तीसरी बूस्टर डोज दे रहे हैं. टीके की यह डोज दूसरी खुराक के लगभग 6 महीने बाद दी जाती है.

    डॉ. रणदीप गुलेरिया ने एनडीटीवी से बड़ी बात कही. उन्होंने कहा कि मुझे नहीं लगता कि हमारे पास यह कहने के लिए पर्याप्त डेटा है कि लोगों को बूस्टर डोज की आवश्यकता है. उन्होंने साफ किया कि यहां तक कि बुजुर्ग और उच्च जोखिम बीमारियों से ग्रसित लोगों के लिए बूस्टर डोज के लिए पर्याप्त डेटा नहीं है.

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    अस्पताल में भर्ती होने वालों में आई कमी
    उन्होंने कहा कि हमें अभी इस दिशा में कदम उठाने के लिए पर्याप्त डेटा की जरूरत होगी और जब तक डेटा नहीं मिलता तब तर इस बारे में कोई भी ठोस निर्णय नहीं लिया जा सकता है. एम्स निदेशक के अनुसार अभी इस क्षेत्र में और अधिक शोध की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि अगले साल के शुरुआती महीनों तक पर्याप्त डेटा मिल सकता है. उन्होंने कहा कि हम विश्व स्तर पर देख रहे हैं कि जिन लोगों को टीका लगाया गया है उन्हें गंभीर बीमारी से सुरक्षा मिली है और वैक्सीन से अस्पतालों में भर्ती होने वालों में भी कमी आई है.

    डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा कि संयुक्त राज्य अमेरिका और कनाडा में डेल्टा संक्रमण तेजी से फैल रहा है और अमेरिका में सभी वयस्क अंतिम टीकाकरण के आठ महीने बाद बूस्टर डोज ले सकेंगे. यूएस में 20 सितंबर से कोरोना का तीसरा डोज उपलब्ध हो जाएगा. उन्होंने कहा कि इससे साफ पता चलता है कि समय के साथ टीके की सुरक्षा कम हो जाती है.

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