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COVID-19 Vaccine: AIIMS के डायरेक्टर डॉ. गुलेरिया ने कैमरों के सामने लगवाई कोरोना की वैक्सीन

एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया
एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया

COVID-19 Vaccine: देश में सबसे पहला टीका एम्स के सैनिटेशन डिपार्टमेंट के कर्मचारी मनीष कुमार को लगाया गया. वहीं एम्स के डायरेक्टर डॉक्टर गुलेरिया ने तीसरे नंबर पर टीका लगवाया. इस दौरान उनके साथ मौजूद सारे सीनियर डॉक्टरों ने कहा कि ये वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 16, 2021, 8:29 PM IST
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नई दिल्ली. देश में आज से कोरोना की वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) लगाने का अभियान शुरू हो गया है. वैक्सीन को लेकर लोगों के मन में कोई संदेह न हो इसे दूर करने को लेकर एम्स के डायरेक्टर रणदीप गुलेरिया ने लाइव टीवी पर कैमरों के सामने वैक्सीन लगवाई. डॉक्टर गुलेरिया देश में कोरोना टास्क फोर्स के भी प्रमुख हैं. वो पिछले एक साल से लगातार देश भर में डॉक्टरों से सलाह मशविरा करने के लिए दौरा करते रहे हैं. कोरोना जैसी महामारी से कैसे लड़ा जाए इसको लेकर डॉक्टर गुलेरिया सरकार और डॉक्टरों को लगातार सलाह देते रहे हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज से देश भर भर में वैक्सीन अभियान की औपचारिक शुरुआत की है.

दिल्ली के एम्स में आज कोरोना वायरस का पहला टीका लगाया गया. इस दौरान एम्स के डॉयरेक्टर डॉ रणदीप गुलेरिया ने भी वैक्सीन की डोज ली. इस मौके पर केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन भी मौजूद रहे.
वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षितसरकार के वैक्सीन स्ट्रैटेजी के प्रमुख विनोद पॉल भी इस मौके पर मौजूद थे. डॉक्टर गुलेरिया के साथ सारे सीनियर डॉक्टरों और एक्सपर्ट ने कहा कि ये वैक्सीन पूरी तरह से सुरक्षित है. देश में सबसे पहला टीका एम्स के सैनिटेशन डिपार्टमेंट के एक कर्मचारी मनीष कुमार को लगाया गया. इसके साथ ही मनीष कोरोना की वैक्सीन लेने वाले देश के पहले नागरिक बन गए हैं. इस मौके पर मनीष ने कहा, 'मेरा अनुभव बहुत ही अच्छा रहा है, वैक्सीन लगने से मुझे कोई झिझक नहीं होगी और मैं अपने देश की और सेवा करता रहूंगा. लोगों को घबराने की कोई जरूरत नहीं है. मेरे मन में जो डर था वो भी निकल गया. सबको वैक्सीन लगवानी चाहिए.'पीएम की अपील अफवाहों पर ध्यान न देंइससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को टीकाकरण अभियान की शुरुआत करते हुए कहा कि हमारे वैज्ञानिक और विशेषज्ञ जब दोनों ‘मेड इन इंडिया’ टीकों की सुरक्षा और प्रभाव को लेकर आश्वस्त हुए, तभी उन्होंने इनके आपात स्थिति में उपयोग की अनुमति दी. इसलिए देशवासियों को किसी भी तरह के भ्रामक प्रचार, अफवाहों और दुष्प्रचार पर ध्यान नहीं देना चाहिए. पीएम ने कहा, 'भारत के वैक्सीन वैज्ञानिक, हमारा मेडिकल सिस्टम, भारत की प्रक्रिया की पूरे विश्व में बहुत विश्वसनीयता है. हमने ये विश्वास अपने ट्रैक रिकॉर्ड से हासिल किया है.'

दो वैक्सीन को मंजूरी
बता दें कि ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने सीरम इंस्‍टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) की कोविशील्‍ड वैक्‍सीन (Covishield) और भारत बायोटेक की कोवैक्‍सीन (Covaxin) को भारत में इमरजेंसी इस्तेमाल की मंजूरी दे दी है.
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