कोरोना की दूसरी वैक्सीन को लेकर बोले एम्स निदेशक गुलेरिया, जल्द बाजार में आएगा टीका

रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कोरोना का टीका इस साल के अंत तक बाजार में आ सकता है.

रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कोरोना का टीका इस साल के अंत तक बाजार में आ सकता है.

एम्स निदेशक डॉ. गुलेरिया ने कहा, "मैं सब से कहना चाहता हूं कि वैक्सीन से न घबराएं और टीका लगवाएं. हमारी कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत अच्छी है."

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  • Last Updated: February 17, 2021, 4:19 PM IST
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नई दिल्ली. भारत में कोरोना वायरस के खिलाफ दुनिया का सबसे बड़ा टीकाकरण (Corona Vaccination Drive) कार्यक्रम चल रहा है. वैक्सीन की दूसरी डोज देना भी शुरू किया जा चुका है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) दिल्ली के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने बुधवार को कोरोना वैक्सीन की दूसरी खुराक ली.

वैक्सीन की दूसरी खुराक लेने के बाद रणदीप गुलेरिया ने बताया कि कोरोना का टीका इस साल के अंत तक बाजार में आ सकता है. गुलेरिया ने कहा कि वैक्सीन खुले बाजार में तभी उपलब्ध होगा जब प्राइम टारगेट को पूरा कर लिया जाएगा और आपूर्ति व मांग में समानता होगी. उम्मीद है कि 2021 के अंत या उससे पहले वैक्सीन बाजार में आने की संभावना है.

वैक्सीन से घबराने की जरूरत नहीं है

डॉ. गुलेरिया ने कहा, "मैं सब से कहना चाहता हूं कि वैक्सीन से न घबराएं और टीका लगवाएं. हमारी कोरोना संक्रमण की स्थिति बहुत अच्छी है. लेकिन इसे हमें ठीक बनाए रखना होगा. उसके लिए वैक्सीन लगाना ज़रूरी है."
28 दिन बाद लेनी होती है दूसरी डोज़

स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार दूसरी डोज़ अभी तक केवल 37.5% ऐसे स्वास्थ्य कर्मियों को लग सकी है जिनको पहली डोज़ लिए 28 दिन हो गए हैं. आपको बता दें कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक कोविड वैक्सीन की पहली डोज़ के 28 दिन बाद दूसरी डोज़ लेनी होती है. इस दूसरी डोज़ के 14 दिन बाद से ही वैक्सीन अपना प्रभाव दिखाना शुरू करती है.

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देश मे 8 राज्य या केंद्र शासित प्रदेश ऐसे हैं जहां 60% से ज़्यादा योग्य स्वास्थ्य कर्मियों को वैक्सीन की दूसरी डोज़ दी जा चुकी है. इसमें 100% के साथ गोवा सबसे ऊपर है, 86% के साथ गुजरात दूसरे, त्रिपुरा 85.9% के साथ तीसरे, तेलंगाना 81.6%, उत्तर प्रदेश 81.2%, असम 69.7%,  झारखंड 68.3% और लद्दाख 64.7% है.
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