कोरोना वैक्सीन की कमी पर AIIMS के निदेशक रणदीप गुलेरिया बोले- यह कोई रॉकेट साइंस नहीं

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया. (ANI/1 March 2021)

एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया. (ANI/1 March 2021)

कोरोना वैक्सीन की किल्लत (Corona Vaccine Shortage) पर एम्स के निदेशक रणदीप गुलेरिया ने साफ कहा, 'यह कहना कि वे अब मैन्यूफैक्चरिंग शुरू कर देंगे, यह अटपटा है. वैक्सीन की मांग हमेशा से थी. छः महीने पहले से ही इसकी जानकारी सभी को थी कि वैक्सीन की मांग ज्यादा रहेगी...'

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  • Last Updated: April 10, 2021, 2:08 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus In India) के बढ़ते मामले सभी की चिंता बढ़ा रहे हैं. सरकार टेस्टिंग के साथ-साथ वैक्सीनेशन पर भी जोर दे रही है. इस बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS) के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने कहा है कि कोरोना रोधी वैक्सीन  (Anti Covid Vaccine) के लिए सप्लाई के बारे में जानकारी रखना कोई 'रॉकेट साइंस' नहीं है.  डॉ. गुलेरिया की टिप्पणी सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के सीईओ अदार पूनावाला के बयान के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि  उत्पादन को बढ़ाने के लिए 3,000 करोड़ और तीन महीने की आवश्यकता है.

गुलेरिया ने कहा कि 'मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर निर्माता ही सब कुछ करेगा. वे केवल भारत ही नहीं, बल्कि दुनिया के बाकी हिस्सों को आपूर्ति (जरूरत) के बारे में जानते हैं.  यह कहना कि वे अब मैन्यूफैक्चरिंग शुरू कर देंगे, यह अटपटा है. वैक्सीन की मांग हमेशा से थी. छः महीने पहले से ही इसकी जानकारी सभी को थी कि वैक्सीन की मांग ज्यादा रहेगी..

मैं वित्त पर सलाह नहीं दे सकता, लेकिन...

AIIMS निदेशक ने कहा कि 'मैं वित्त पर सलाह नहीं दे सकता, लेकिन मुझे यकीन है कि ऐसे निवेशक होंगे जो मैन्यूफैक्चरिंग के लिए मदद करने के लिए तैयार होंगे. दुनिया वैक्सीन चाहती है. 50 वैक्सीन कैंडीडेट क्लीनिकल ट्रायल से गुजर रहे हैं क्योंकि लोग इसे न केवल मानवता बल्कि मार्केट वैल्यू के नजरिए से भी देख रहे हैं.' कोविड टीकों की आपूर्ति पर बहस हाल ही में शुरू हुई जब  महाराष्ट्र  ने वैक्सीन के खुराकों की कमी के कारण वैक्सीनेशन सेंटर्स बंद कर दिए गए.'
महाराष्ट्र में अब तक 97 लाख से ज्यादा लोगों को लगा कोविड-19 रोधी टीका

महाराष्ट्र में अब तक 97 लाख लोगों को कोविड-19 रोधी टीके की खुराक दी जा चुकी है. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. यहां जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि टीके की खुराक में कमी के बावजूद शुक्रवार को लगभग तीन लाख लोगों को टीका लगाया गया. शुक्रवार तक राज्य में टीके की लगभग 10 लाख खुराक मौजूद थी.

बयान के अनुसार, आज केंद्र से टीके की कुल 4.59 लाख खुराक ली गई. इस बीच बृहन्मुंबई महानगर पालिका ने शुक्रवार को कहा कि 10 अप्रैल और 11 अप्रैल को मुंबई में केवल सरकारी व सिविक केंद्रों पर ही कोविड-19 रोधी टीका लगाया जाएगा और किसी निजी अस्पताल में नहीं लगाया जाएगा. बीएमसी ने एक बयान में कहा कि टीके की और खुराक मिलने के बाद निजी अस्पतालों में टीकाकरण बहाल किया जाएगा.



केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया कि देश में अब तक कोविड-19 टीके की 9.80 करोड़ से ज्यादा खुराकें दी जा चुकी है. रात आठ बजे तक अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक कुल 9,80,75,160 खुराकें दी गयी हैं. लाभार्थियों में 89,87,818 स्वास्थ्यकर्मियों को पहली खुराक और 54,78,562 को दूसरी खुराक दी गयी है. अग्रिम मोर्चे के 98,65,504 कर्मियों को पहली खुराक और 46,56,236 को दूसरी खुराक दी गयी है.







इसके अलावा 45 से 59 साल के उम्र के लोगों में 2,81,30,126 लोगों को टीके की पहली खुराक और 5,79,276 को दूसरी खुराक दी गयी है. देश में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों में 3,85,92,532 को पहली खुराक और 15,80,991 को दूसरी खुराक दी गयी है. मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रव्यापी कोविड-19 रोधी टीकाकरण के 84 वें दिन शुक्रवार को रात आठ बजे तक कुल 32,16,949 खुराकें दी गयी. अनंतिम रिपोर्ट के मुताबिक 28,24,066 लाभार्थियों को पहली खुराक और 3,92,883 को दूसरी खुराक दी गयी.
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