Sushant Singh Case Updates: सुशांत के शरीर पर लगे चोट की स्टडी करेगी AIIMS की फॉरेंसिक टीम, हत्या या आत्महत्या का ढूंढेंगी जवाब

Sushant Singh Case Updates: सुशांत के शरीर पर लगे चोट की स्टडी करेगी AIIMS की फॉरेंसिक टीम, हत्या या आत्महत्या का ढूंढेंगी जवाब
सुशांत सिंह राजपूत की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं.

AIIMS Forensic team Study SSR case Report: सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध मौत के मामले में पोस्ट मॉर्टम को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. मसलन, यह जल्दबाजी में रात में क्यों किया गया? सुशांत के शरीर पर चोट के निशानों का जिक्र क्यों नहीं किया गया ?

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 21, 2020, 9:22 PM IST
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नई दिल्ली. बॉलीवुड एक्टर सुशांत सिंह राजपूत मामले की जांच अब सीबीआई कर रही है. अब सीबीआई टीम की जांच में मदद अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दिल्ली की एक फॉरेंसिक टीम भी करेगी. यह टीम सुशांत सिंह राजपूत के शरीर पर मिले चोट के निशानों की स्टडी करेगी. एम्स फॉरेंसिकग टीम इस बात का भी अध्ययन करेगी कि सुशांत सिंह ने आत्महत्या थी या उनकी हत्या हुई थी.

सीबीआई ने एम्स से इस मामले में उसकी मेडिको-लीगल (चिकित्सा विधिक) राय मांगी है. सुप्रीम कोर्ट की ओर से बिहार सरकार की अनुशंसा पर इस मामले की जांच को सीबीआई के हवाले करने के कुछ दिन बाद यह फैसला लिया गया है. एम्स में फॉरेंसिक विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुधीर गुप्ता ने बताया कि सीबीआई उन्हें मामले से जुड़ी रिपोर्ट उपलब्ध कराएगी. उन्होंने कहा कि सुशांत सिंह राजपूत के शरीर पर लगे निशानों में अंतर करने के लिए शव परीक्षा के समय संरक्षित अन्य ट्रेस सबूतों की भी जांच की जाएगी. डॉ. गुप्ता ने कहा कि इसके जरिए पता चल सकेगा कि सुशांत ने आत्महत्या की थी या उनकी हत्या हुई थी.

पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर उठे सवाल
बता दें कि इस हाई प्रोफाइल संदिग्ध मौत के मामले में पोस्ट मॉर्टम को लेकर कई तरह के सवाल उठाए जा रहे हैं. मसलन, यह जल्दबाजी में रात में क्यों किया गया? सुशांत के शरीर पर चोट के निशानों का जिक्र क्यों नहीं किया गया ? उस पर मौत का वक्त क्यों नहीं डाला गया? उन्होंने मौत से पहली जूस पिया था तो उसकी जानकारी क्यों नहीं दी गई? इन्हीं सवालों की खोज डॉ. सुधीर गुप्ता और उनकी टीम करेगी.
डॉ. सुधीर गुप्ता ने कहा, 'सीबीआई सुशांत सिंह केस से जुड़ी सभी रिपोर्ट इकट्ठा कर रही है और वह हमें ये रिपोर्ट जल्द ही भेज देंगे. हम परिस्थितिजन्य सबूतों के आधार पर उनके शरीर पर मिली चोटों के पैटर्न का अध्ययन करेंगे. हम फांसी और हत्या के आरोपों के बीच अंतर करने के लिए पोस्टमार्टम के समय संरक्षित अन्य ट्रेस सबूतों की भी जांच करेंगे.' सीबीआई ने एम्स के फॉरेंसिक विभाग से मामले की समीक्षा करने और मेडिको-लीगल राय देने का अनुरोध किया है.  इसके लिए डॉ. गुप्ता की अध्यक्षता में एक फॉरेंसिक विशेषज्ञों का एक मेडिकल बोर्ड गठित कर दिया गया है.
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