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महंगाई भत्ता रोके जाने से नाराज एम्स नर्स यूनियन, स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखकर जताई निराशा

महंगाई भत्ता रोके जाने से नाराज एम्स नर्स यूनियन, स्वास्थ्य मंत्री को चिट्ठी लिखकर जताई निराशा

जानें अपना राज्य का हाल

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पत्र में लिखा गया है कि एम्स नर्स यूनियन (AIIMS Nurse Union) सरकार के केंद्र सरकार (Central Government) के कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता (Dearness Allowance) रोके जाने के असंवेदनशील फैसले से काफी निराश है.

    नई दिल्ली. देश में जारी कोरोना वायरस (Coronavirus) के प्रकोप के बीच एम्स नर्स यूनियन (AIIMS Nurse Union) ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन (Health Minister Dr Harshvardhan) को पत्र लिखकर केंद्र सरकार (Central Government) के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों का मंहगाई भत्ता (Dearness Allowance) रोके जाने को लेकर निराशा जताई है. पत्र में ये भी लिखा गया है कि ऐसे कठिन समय में सरकार को यह कदम नहीं उठाना चाहिए.

    पत्र में लिखा गया है कि एम्स नर्स यूनियन सरकार के केंद्र सरकार के कर्मचारियों का मंहगाई भत्ता रोके जाने के असंवेदनशील फैसले से काफी निराश है. पत्र में आगे लिखा गया है कि जब पूरा देश लॉकडाउन के चलते ठहराव की स्थिति में है, ऐसे में सिर्फ स्वास्थ्यकर्मी ही हैं जो मानवता और इंसानों के जीवन को बचाने के लिए लगातार काम कर रहे हैं. इनमें भी नर्सों की बड़ी हिस्सेदारी है. इस महामारी के दौरान एम्स की नर्सें पूरे देश के विभिन्न अस्पतालों में अपने समकक्षों के साथ अभूतपूर्व चुनौतियां झेल रहे हैं. लगभग सभी नर्सें रोजाना के तौर पर असंख्य कारणों से सामने से इस वायरस को देख रहे हैं. वह इस आपदा की घड़ी में अपने पारिवारिक जीवन और वक्त पर मिलने वाली छुट्टी से पूरी तरह से दूर हो चुके हैं.

    फैसले को बताया निंदनीय
    यूनियन ने आगे अपने पत्र में लिखा कि यह फ्रंटलाइन वॉरियर्स जो पहली पंक्ति में खड़े होकर लड़ रहे हैं वह सरकार के एक बार कहने पर बिना किसी हिचकिचाहट के पीएम केयर्स में अपनी एक दिन की सैलरी दे चुके हैं.

    ऐसे कठिन समय में मंहगाई भत्ते को रोक देने का फैसला बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण और निंदनीय है. ऐतिहासिक कामों की तारीफ करने के बजाय उन्हें कम आंकना दोहरी मार के सिवाय कुछ नहीं है. इससे पूरे देश की नर्सों का हौसला कम होगा बल्कि उनके आत्मसम्मान को भी ठेस पहुंचेगी.

    ये है सरकार का फैसला
    बता दें केंद्र सरकार ने गुरुवार को अपने कर्मचारियों और पेंशनधारियों के लिए महंगाई भत्ता बढ़ाने पर रोक लगा दी है. इसके मुताबिक एक जनवरी से 31 दिसंबर 2020 तक बढ़ा DA नहीं देने का प्रस्ताव है. सरकार के इस फैसले का असर 54 लाख सरकारी कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा. बता दें कि पिछले महीने सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्‍ते में 4 फीसदी बढ़ोतरी की घोषणा की थी. डीए को 17 फीसदी से बढ़ाकर 21 फीसदी किया गया था. 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से बढ़ने वाले महंगाई भत्ते पर रोक लगी है. इसके साथ ही आगे चलकर ये बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता एरियर के तौर पर भी नहीं मिलेगा.

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    Tags: AIIMS, Harsh Vardhan, Health ministry, Nurse

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