...तो इस वजह से 'स्कूटर वाले सीएम' ने छोड़ दी अपनी सबसे प्यारी चीज़

बीमारी की वजह से फिलहाल पर्रिकर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं. उन्होंने पीएम मोदी और अमित शाह से कहा है कि राज्य के नेतृत्व के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए.

News18Hindi
Updated: September 15, 2018, 5:52 PM IST
...तो इस वजह से 'स्कूटर वाले सीएम' ने छोड़ दी अपनी सबसे प्यारी चीज़
'स्कूटर वाले सीएम' ने छोड़ दी थी अपनी सबसे प्यारी चीज़
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Updated: September 15, 2018, 5:52 PM IST
गोवा के लोकप्रिय मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे हैं. सेहत बिगड़ने पर शनिवार को उन्हें विशेष विमान से गोवा से दिल्ली लाया गया. यहां उन्हें एम्स अस्पताल में भर्ती किया गया है. पर्रिकर देश के उन नेताओं में से एक हैं जो अपनी सादगी के लिए जाने जाते हैं.

गोवा के मुख्यमंत्री मनोहर पर्रिकर के पैंक्रियाटिक कैंसर का इलाज चल रहा है. पर्रिकर की ऐसी छवि रही है कि कभी उन्हें किसी शादी के कार्यक्रम में लाइन में खड़े देखा जाता, तो कभी स्कूटर की सवारी करते हुए उनकी कई तस्वीरें सामने आतीं. बीमारी की वजह से फिलहाल पर्रिकर मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी जिम्मेदारी निभाने में सक्षम नहीं हैं. उनकी गैरमौजूदगी में सरकारी कामकाज पर नज़र रखने के लिए बीजेपी अपनी एक टीम गोवा में भेजने की तैयारी कर रही है.

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मनोहर पर्रिकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पार्टी अध्यक्ष अमित शाह से फोन पर बात कर अनुरोध किया था कि राज्य के नेतृत्व के लिए वैकल्पिक व्यवस्था कराई जाए. बीमारी के चलते वह सीएम पद पर बने रहने में 'असक्षम' हैं.

गोवा में मनोहर पर्रिकर काफी लोकप्रिय नेता हैं. मीडिया में पर्रिकर को अक्सर स्कूटर पर यात्रा करने वाले नेता के तौर पर पेश किया जाता रहा है. उनका स्कूटर और हाफ शर्ट उनकी सादगी की पहचान बन गए. उन्हें "स्कूटर वाले सीएम" कहा जाने लगा. 1978 में आईआईटी बॉम्बे से इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले पर्रिकर पहले आईआईटी ग्रेजुएट हैं जो भारत के किसी राज्य के मुख्यमंत्री बने. 2001 में उन्हें आईआईटी बॉम्बे ने सम्मानित भी किया था. पर्रिकर आधार कार्ड के जनक नंदन नीलेकणी के सहपाठी रह चुके हैं.

24 अक्टूबर 2000 को पर्रिकर पहली बार गोवा के मुख्यमंत्री बने लेकिन उनका कार्यकाल 27 फरवरी 2002 तक ही रहा. 5 जून 2002 को वह दोबारा मुख्यमंत्री नियुक्त हुए. 2007 में पर्रिकर गोवा के चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार दिगंबर कामत से हार गए. हालांकि, उनकी पार्टी ने मार्च 2012 के चुनाव में 24 सीटें जीतीं जबकि कांग्रेस 9 सीटों पर ही सिमट गई.

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बीजेपी ने उनके नेतृत्व में गोवा में 2014 के लोकसभा चुनावों में ज़बरदस्त प्रदर्शन किया. दोनों लोकसभा सीटें बीजेपी के खाते में आईं. इस पूरी यात्रा के दौरान एक चीज हमेशा बरकरार रही. वो रहा पर्रिकर का सादा जीवन. मनोहर पर्रिकर अपनी सादगी के लिए जाने जाते रहे. गोवा के जो लोग उन्हें जानते हैं, वे उन्हें कभी स्कूटर चलाते हुए या किसी चाय की दुकान पर चाय पीते हुए देखने के दिनों को याद करते हैं. हाफ-स्लीव की शर्ट्स पहनने के अपने सादा लाइफस्टाइल से उन्होंने काफी लोगों को प्रभावित किया. उनका विनम्र व्यक्तित्व उन्हें काफी आकर्षक नेता बनाता रहा.

नवंबर 2014 में पर्रिकर को रक्षा मंत्री का प्रभार सौंपा गया. हालांकि बाद में गोवा विधानसभा चुनाव में त्रिशंकु विधानसभा बनने के बाद क्षेत्रीय दलों ने पर्रिकर को सीएम बनाने की शर्त पर बीजेपी को समर्थन देने की बात कही. इसके बाद पर्रिकर को वापस गोवा का मुख्यमंत्री बनाया गया.

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इस साल की शुरुआत में पर्रिकर ने स्कूटर चलाना छोड़ दिया. पर्रिकर ने इसके लिए वजह बताई कि गोवा की सड़कें अब सुरक्षित नहीं हैं. हादसे की आशंका को देखते हुए अब वह स्कूटर नहीं चलाते.

एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं की एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, "लोग मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं स्कूटर पर सफर करता हूं, मैं उनसे कहता हूं कि अब नहीं करता. मेरे दिमाग में काम को लेकर सोच चलती रहती है और स्कूटर चलाते समय अगर मेरा दिमाग कहीं और है तो फिर मैं किसी हादसे का शिकार हो सकता हूं."
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