मोहन भागवत के बयान पर ओवैसी का वार, 'आप हमें सेकेंड क्‍लास नागरिक बनाना चाहते'

मोहन भागवत के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने निशना साधा है.
मोहन भागवत के बयान पर असदुद्दीन ओवैसी ने निशना साधा है.

AIMIM Chief Asaduddin Owaisi Attacks Mohan Bhagwat: असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, 'मैं आपसे यह नहीं सुनना चाहता कि हमें अपने ही होमलैंड में रहने के लिए बहुसंख्‍यकों के प्रति आभार जताना चाहिए. हमें बहुसंख्‍यकों की सद्भावना नहीं चाहिए. हम दुनिया के मुसलमानों के साथ सबसे खुश रहने की प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं. हम सिर्फ अपना मौलिक अधिकार चाहते हैं.'

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 10, 2020, 8:11 PM IST
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नई दिल्‍ली. एआईएमआईएम (AIMIM) चीफ असदुद्दीन ओवैसी (Asaduddin Owaisi) ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत (Mohan Bhagwat) के उस बयान पर आपत्ति जताई है जिसमें उन्‍होंने कहा था कि भारत का मुसलमान (Indian Muslim) दुनिया में सबसे ज्‍यादा संतुष्‍ट है. ओवैसी ने मोहन भागवत पर निशाना साधते हुए ट्वीट किया, 'हमारी खुशी का पैमाना क्या है? भागवत नाम का एक आदमी लगातार हमें बताता रहा कि हमें बहुसंख्‍यकों के प्रति कितना आभारी होना चाहिए? हमारी खुशी का पैमाना यह है कि संविधान के तहत क्‍या हमारी मर्यादा का सम्‍मान किया जाता है या नहीं. हमें अब ये न बताइए कि हम आपकी विचारधारा के अनुसार कितने खुश हैं. आपकी विचारधारा चाहती है कि देश में मुसलमानों को द्वितीय श्रेणी का नागरिक बनाया जाए.'

ओवैसी ने आगे कहा, 'मैं आपसे यह नहीं सुनना चाहता कि हमें अपने ही होमलैंड में रहने के लिए बहुसंख्‍यकों के प्रति आभार जताना चाहिए. हमें बहुसंख्‍यकों की सद्भावना नहीं चाहिए. हम दुनिया के मुसलमानों के साथ सबसे खुश रहने की प्रतिस्पर्धा में नहीं हैं. हम सिर्फ अपना मौलिक अधिकार चाहते हैं.'

दुनिया में सबसे ज्यादा संतुष्ट भारत के मुसलमान: भागवत
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा था कि भारतीय मुसलमान दुनिया में सबसे ज्यादा संतुष्ट हैं. उन्होंने यह भी कहा कि जब भारतीयता की बात आती है तो सभी धर्मों के लोग एक साथ खड़े होते हैं. भागवत ने कहा कि किसी तरह की कट्टरता और अलगाववाद केवल वे ही लोग फैलाते हैं जिनके खुद के हित प्रभावित होते हैं. मुगल शासक अकबर के खिलाफ युद्ध में मेवाड़ के राजा महाराणा प्रताप की सेना में बड़ी संख्या में मुस्लिम सैनिकों के होने का जिक्र करते हुए भागवत ने कहा कि भारत के इतिहास में जब भी देश की संस्कृति पर हमला हुआ है तो सभी धर्मों के लोग साथ मिलकर खड़े हुए हैं.
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संघ प्रमुख ने महाराष्ट्र से प्रकाशित होने वाली हिंदी पत्रिका 'विवेक' को दिये साक्षात्कार में कहा, 'सबसे ज्यादा भारत के ही मुस्लिम संतुष्ट हैं.' उन्होंने कहा कि क्या दुनिया में एक भी उदाहरण ऐसा है जहां किसी देश की जनता पर शासन करने वाला कोई विदेशी धर्म अब भी अस्तित्व में हो. भागवत ने कहा, 'कहीं नहीं. केवल भारत में ऐसा है.' उन्होंने कहा कि भारत के विपरीत पाकिस्तान ने कभी दूसरे धर्मों के अनुयायियों को अधिकार नहीं दिये और इसे मुसलमानों के अलग देश की तरह बना दिया गया.

भागवत ने कहा, 'हमारे संविधान में यह नहीं कहा गया कि यहां केवल हिंदू रह सकते हैं या यह कहा गया हो कि यहां केवल हिंदुओं की बात सुनी जाएगी, या अगर आपको यहां रहना है तो आपको हिंदुओं की प्रधानता स्वीकार करनी होगी. हमने उनके लिए जगह बनाई. यह हमारे राष्ट्र का स्वभाव है और यह अंतर्निहित स्वभाव ही हिंदू कहलाता है.' संघ प्रमुख ने कहा कि हिंदू का इस बात से कोई लेना-देना नहीं है कि कौन किसकी पूजा करता है. धर्म जोड़ने वाला, उत्थान करने वाला और सभी को एक सूत्र में पिरोने वाला होना चाहिए.
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