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उड्डयन मंत्री बोले- नुकसान उठाना पड़ रहा है फिर भी निजीकरण होने तक चलती रहेगी एयर इंडिया

उड्डयन मंत्री ने कहा एयरलाइन को रोजाना 20 से 26 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है
उड्डयन मंत्री ने कहा एयरलाइन को रोजाना 20 से 26 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है

इससे पहले हरदीप पुरी (Hardip Puri) ने कहा था कि एयर इंडिया पर भारी कर्ज का बोझ है इसे चलाना मुश्किल है. वहीं एयर इंडिया (Air India) प्रमुख ने भी कुछ सप्ताह पहले कहा कि एयरलाइन पर भारी वित्तीय बोझ को देखते हुये इसके उड़ान कार्यो को जारी रखना मुश्किल है.

  • भाषा
  • Last Updated: December 31, 2019, 10:57 PM IST
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नई दिल्ली. नागरिक उड्डयन मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) ने मंगलवार को स्पष्ट किया कि जब तक एयर इंडिया (Air India) का निजीकरण नहीं हो जाता है तब तक यह चलती रहेगी. हालांकि, उन्होंने कहा कि एयरलाइन को रोजाना 20 से 26 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पुरी ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘एयर इंडिया चल रही है, यह दौड़ती रहेगी. लेकिन इसका निजीकरण करना होगा क्योंकि इसे रोजाना 20 से 26 करोड़ रुपये का घाटा हो रहा है. यह करदाताओं का पैसा है इसे बेहतर मुनाफे वाले कामों में खर्च किया जाना चाहिये.’’

इससे पहले कही थी ये बात
हालांकि, इससे पहले हरदीप पुरी ने कहा था कि एयर इंडिया पर भारी कर्ज का बोझ है इसे चलाना मुश्किल है. वहीं एयर इंडिया प्रमुख ने भी कुछ सप्ताह पहले कहा कि एयरलाइन पर भारी वित्तीय बोझ को देखते हुये इसके उड़ान कार्यो को जारी रखना मुश्किल है.
विनिवेश के रास्ते पर आगे बढ़ रही एयर इंडिया का 2018- 19 में घाटा 8,556 करोड़ रुपये रहा है वहीं एयरलाइन पर कुल मिलाकर 80,000 करोड़ रुपये का कर्ज हो गया है.



जल्द ही शुरू होगी प्रक्रिया
पुरी ने कहा कि ‘‘दो साल पहले हमने एक प्रयास किया था. यह प्रयास सफल नहीं रहा. उसे अनुभव से हमने सीखा है. हमारा प्रयास है कि हम आने वाले कुछ सप्ताह में आशय पत्र मंगाने के लिये निविदा जारी करेंगे. यह काम जल्द होगा.’’

उन्होंने कहा, ‘‘रणनीति कारणों को ध्यान में रखते हुये हम किसी भारतीय कंपनी को चाहते हैं कि एयर इंडिया के अधिग्रहण के लिये वह आगे आये. ’’

2018 में सरकार ने किया था फैसला
सरकार ने 2018 में इस राष्ट्रीय विमानन कंपनी में अपनी 76 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने का प्रस्ताव किया था. इसके साथ प्रबंधन नियंत्रण भी सौंपने की घोषणा की थी. लेकिन इस पेशकश के लिये कोई बोली नहीं मिली. यह बाली प्रक्रिया 31 मई 2018 को समाप्त हो गई. इसके बाद केन्द्र सरकार ने इस साल फिर से विनिवेश प्रक्रिया की शुरुआत की है.

उड्डयन मंत्री ने कहा ‘‘हम गंभीरता के साथ काम कर रहे हैं. कल भी हमारी कई घंटे तक बैठक चली. हमारी एयर इंडिया स्पेशिफिक एल्टनेटिव मैक्निजम की आने वाले सप्ताह में बेठक होगी. इसके बाद हम प्रक्रिया को आगे बढ़ायेंगे.’’

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