बालाकोट एयरस्ट्राइक के चीफ ने किया खुलासा, 26 फरवरी को ही क्यों किया था आतंकियों पर हमला

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Updated: September 4, 2019, 11:21 AM IST
बालाकोट एयरस्ट्राइक के चीफ ने किया खुलासा, 26 फरवरी को ही क्यों किया था आतंकियों पर हमला
सांकेतिक तस्वीर

पुलवामा हमले (Pulwama Terror Attack) के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान की सीमा में बालाकोट के पास जैश-ए-मोहम्मद (Jaish-e-Mohammed) के सबसे बड़े आतंकी प्रशिक्षण केंद्र पर बमबारी की थी.

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नई दिल्ली. इस साल 25-26 फरवरी की रात भारत ने पाकिस्तान के बालाकोट (Balakot) में आतंकी ठिकानों पर एयर स्ट्राइक (Air Strike) की थी. इस हमले में कई आतंकी ठिकाने तबाह हुए और सैकड़ों आतंकी मारे गए. ये एक ऐसा मिशन था जिसके बारे में आखिरी लम्हों तक किसी को कोई खबर नहीं थी. हमले के बाद पूरी दुनिया को पता चला कि भारत ने बालाकोट में एयरस्ट्राइक की है. अब इस मिशन को लेकर इससे जुड़े सैन्य अधिकारी दिलचस्प किस्से बता रहे हैं.

घर जाकर काटा केक ताकि शक न हो
उस मिशन के चीफ रहे एयर मार्शल सी. हरि कुमार हमले के दो दिन बाद रिटायर हो गए. अब उन्होंने दैनिक भास्कर को बातचीत में बताया कि मिशन वाली रात उन्होंने 12 बजे घर जाकर बर्थडे केक काटा, जिससे किसी को शक न हो. बता दें कि सी हरि कुमार एयर स्ट्राइक के दो दिन बाद रिटायर हो गए थे. उन्होंने कहा, ''उसी रात मेरा जन्मदिन था. रात 12 बजे घर से मैसेज आया कि दोस्त केक लेकर जन्मदिन मनाने पहुंचे हैं. किसी को मिशन का शक न हो, इसलिए मैं घर गया, केक काटा और कंट्रोल रूम आ गया''.

क्या-क्या हुआ उस रात

एयरस्ट्राइक के लिए 25-26 फरवरी की रात तय हुई थी. उससे ठीक 7 दिन पहले हमें इसकी जानकारी दे दी गई थी. दिल्ली के इंडिया गेट पर आकाश मेस की वो शाम हमेशा यादगार रहेगी. उसी रात 12 बजे के बाद मेरा जन्मदिन था और मेरे जेहन में एक बड़ा मिशन था. रिटायरमेंट पार्टी पहले से तय थी, इसलिए मिशन की सीक्रेसी बनाए रखने के लिए उसे कैंसल नहीं किया. पार्टी में मैंने वेटर को बुलाया और उसके कान में कहा कि लाइम कॉर्डियल (नॉन-अल्कोहलिक ड्रिंक) की डबल डोज के साथ पानी देना, ताकि रंग व्हिस्की सा दिखाई दे. पार्टी में 80 ऑफिसर थे. एयरचीफ बीएस धनोआ मुझे लॉन की तरफ ले गए. मुझसे आखिरी तैयारियों के बारे में पूछा और कहा कि जब ऑपरेशन हो जाए तो फोन पर सिर्फ ‘बंदर’ बोल देना.

कैसे चुना गया हमले का दिन
एयर मार्शल सी. हरि कुमार के मुताबिक, ''हम ऐसे समय हमला करना चाहते थे, जब सभी आतंकी एक जगह जमा हों. ये रात का समय हो सकता था. आतंकी ठिकानों पर नमाज से पहले सुबह चार बजे हलचल शुरू हो जाती है. लिहाजा एक घंटे पहले वे अपने बेड पर होते हैं. भारत में उस समय साढ़े तीन बजे होंगे और पाकिस्तान में तीन. उस रात चांद की खास स्थिति थी. 19 फरवरी को पूर्णमासी थी. मिशन के समय 3 से 4 बजे तक चांद क्षितिज से 30 डिग्री पर होना था. ऐसे में चांदनी एकदम आदर्श थी. उस दिन मौसम की पश्चिमी हलचलों का असर कम था. सटीक बमबारी में हवाएं आड़े आ सकती थीं.''
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First published: September 4, 2019, 9:40 AM IST
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