Coronavirus: सर्दियों में वायु प्रदूषण से बढ़ेगा कोरोना का खतरा, इटली ने दुनिया को डराया

corona cases in india: वैज्ञानिकों का दवा सर्दियों में प्रदूषण के चलते और खतरनाक रूप ले लेगा कोरोना.
corona cases in india: वैज्ञानिकों का दवा सर्दियों में प्रदूषण के चलते और खतरनाक रूप ले लेगा कोरोना.

Corona Cases In India: कोरोना (Corona) के बढ़ते कारणों के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली के डॉक्टर और पर्यावरण विशेषज्ञों (Environmental experts) ने बताया कि क्योंकि कोरोना वायरस (coronavirus) और प्रदूषण (pollution) के बीच संबंध की पुष्टि विज्ञान भी कर चुका है, ऐसे में आने वाले दिनों में ​कोरोना का खतरा बढ़ेगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated: September 24, 2020, 11:50 AM IST
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नई दिल्ली. दुनिया भर में जैसे-जैसे कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित मरीजों की संख्या बढ़ रही वैसे-वैसे इस वायरस (Virus) के बदलते रूप और इसके बढ़ते खतरे भी लोगों के सामने आ रहे हैं. कोरोना (Corona) पर शोध कर रहे वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि आने वाली ​सर्दियों में कोरोना का खतरा और बढ़ेगा. कोरोना के बढ़ते कारणों के बारे में जानकारी देते हुए दिल्ली के डॉक्टर और पर्यावरण विशेषज्ञों (Environmental Experts) ने बताया कि क्योंकि कोरोना वायरस और प्रदूषण (Pollution) के बीच संबंध की पुष्टि विज्ञान भी कर चुका है, ऐसे में आने वाले दिनों में ​कोरोना का खतरा बढ़ेगा. उन्होंने कहा कि ठंड के समय दिल्ली गैस चैंबर में तब्दील हो जाती है ऐसे में यहां पर कोरोना के मामले बढ़ते हुए देखने को मिल सकते हैं.

दीपावली के आसपास दिल्ली में प्रदूषण का स्तर सबसे ज्यादा हो जाता है. दिवाली पर पटाखों के धुएं और आसपास के इलाकों में जलाई जाने वाली पराली के कारण प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है. अनलॉक-4 के बाद से सड़कों पर वाहनों का दबाव भी बढ़ने लगा है, ऐसे में इस बार भी पिछले साल की तरह ही स्थिति रहने वाली है. ऐसे में डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना महामारी के दौरान अगर ऐसी स्थिति रही तो कोरोना का बेहद खतरनाक रूप देखने को मिल सकता है.





कोरोना महामारी के खतरे को देखते हुए दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल के वरिष्ठ डॉ. अरविंद कुमार ने बताया कि इटली में कोरोना वायरस और प्रदूषण के बीच के संबंध के बारे में पता लगाया जा चुका है. अभी तक के शोध से साबित होता है कि पीएम 2.5 कणों में बढ़ोतरी होने से कोरोना वायरस का प्रसार तेजी से होगा. इटली में जिन स्थानों पर कोरोना के सबसे ज्यादा मरीज थे वहां पर प्रदूषण का स्तर पीएम 2.5 से ज्यादा था. बता दें कि साइंस डायरेक्ट मेडिकल जर्नल में प्रकाशित शोध में वैज्ञानिक डेनियल फेटोरिनी और फ्रांसेस्को रेगोली ने दावा किया है कि प्रदूषण कोरोना के खतरे को और भी ज्यादा बढ़ा सकता है.
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जहां प्रदूषण पीएम 2.5 से ज्यादा वहां खतरा सबसे अधिक
अमेरिका के वैज्ञानिकों ने भी इसी तरह के एक अध्ययन में पाया है कि जिन इलाकों में पिछले 17 सालों से पीएम 2.5 सबसे ज्यादा दर्ज किया गया था वहां पर कोरोना मरीजों की संख्या और मृत्युदर सबसे ज्यादा थी. इस इलाकों में अन्य की तुलना में 15 प्रतिशत ज्यादा केस थे. पुणे स्थित पल्मोकेयर रिसर्च एंड एजूकेशन (प्योर) फाउंडेशन के निदेशक डॉ. संदीप साल्वी ने कहा है कि अगर अभी से प्रदूषण की रोकथाम के लिए सही कदम नहीं उठाए गए तो यह आगे आने वाले समय के लिए काफी खतरनाक हो सकता है.
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