कोरोना से ठीक हो चुके लोगों के लिए अधिक घातक साबित हो सकता है वायु प्रदूषण

दिल्‍ली समेत उत्‍तर भारत के कुछ हिस्‍सों में वायु प्रदूषण से हालात चिंताजनक हैं.
दिल्‍ली समेत उत्‍तर भारत के कुछ हिस्‍सों में वायु प्रदूषण से हालात चिंताजनक हैं.

डॉक्‍टरों के अनुसार वायु प्रदूषण (Air Pollution) कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus) के मरीजों की संवेदनशीलता, उनके अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 26, 2020, 3:28 PM IST
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नई दिल्‍ली. कोरोना वायरस (Coronavirus) से पूरी दुनिया जूझ रही है. दुनिया में अब तक इस खतरनाक वायरस से 11.58 लाख लोगों की मौत हो चुकी है. हालांकि, अच्‍छी खबर यह भी है कि विश्‍व में 3.18 करोड़ लोग इससे ठीक हो चुके हैं. भारत में भी रिकवरी रेट काफी ऊंची है. लेकिन अब कोरोना से ठीक होने वाले लोगों के लिए वायु प्रदूषण (Air Pollution) जानलेवा साबित हो सकता है. इसके संबंध में डॉक्‍टरों का कहना है कि कोरोना वायरस संक्रमण से ठीक हो चुके उन लोगों के लिए वायु प्रदूषण जानलेवा साबित हो सकता है जो अधिक प्रदूषित क्षेत्र में रहते हैं. डॉक्‍टरों ने सलाह दी है कि ऐसे लोगों को फ्लू की वैक्सीन ले लेनी चाहिए.

डॉक्‍टरों ने इस संबंध में यह भी चेतावनी दी है कि वायु प्रदूषण 'लॉन्ग कोविड' लक्षणों में इजाफा कर सकता है. लॉन्‍ग कोविड में कोविड-19 से ठीक होने के बाद भी हफ्तों तक कोरोना के लक्षण देखे जा सकते हैं. डॉक्‍टरों के अनुसार वायु प्रदूषण कोरोना वायरस संक्रमण के मरीजों की संवेदनशीलता, उनके अस्पताल में भर्ती होने और मृत्यु के जोखिम को बढ़ा सकता है. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान यानी एम्‍स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने इस संबंध में कहा है कि त्योहार के मौसम में बढ़ते प्रदूषण, गिरते तापमान से हर कोई जोखिम में है. वहीं 'लॉन्ग कोविड' का सामना कर चुके लोगों को फ्लू की वैक्सीन ले लेनी चाहिए.

अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन के जर्नल जामा के मुताबिक रोम में एक शोध में क्रॉनिक 'लॉन्ग कोविड' के आधे से अधिक मरीजों में थकान सबसे आम लक्षण है. शोध में यह भी पाया गया कि रोम के एक अस्पताल में 143 मरीजों में से 87% मरीजों में रिकवरी के लगभग दो महीने बाद भी कम से कम एक लक्षण मौजूद था. इस दौरान खांसी, थकान, दस्त, जोड़ों का दर्द, मांसपेशियों में दर्द और फेफड़ों, दिल के लक्षणों को लेकर रोगियों से शिकायत मिली थी.



मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार बुजुर्गों, महिलाओं, अधिक वजन वाले लोगों, अस्थमा के रोगियों और पहले सप्ताह में पांच से अधिक कोविड -19 लक्षण पाए जाने वाले लोगों को 'लॉन्ग कोविड' का अधिक खतरा होता है. बहुत हल्के या बिना कोरोना लक्षणों वाले लोग भी ठीक होने के बाद के लक्षणों को विकसित कर सकते हैं, जो कई महीनों तक रह सकते हैं.

दिल्ली की वायु गुणवत्ता रविवार को भी 'बेहद खराब' श्रेणी में बरकरार रही लेकिन 26 अक्टूबर से इसमें थोड़ा सुधार होने की उम्मीद है. वहीं, रविवार को शहर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 349 दर्ज किया गया. अधिकारियों ने कहा कि रविवार सुबह मुंडका, आनंद विहार, जहांगीरपुरी, विवेक विहार और बवाना जैसे इलाकों में वायु प्रदूषण का स्तर 'गंभीर' रहा लेकिन शाम होने तक मुंडका और विवेक विहार का एक्यूआई 'बेहद खराब' श्रेणी में आ गया. पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय की वायु गुणवत्ता निगरानी प्रणाली ‘सफर’ ने कहा है कि अगले दो दिनों तक एक्यूआई का स्तर 'बेहद खराब' रहने का अनुमान है लेकिन इस दौरान स्थिति और बिगड़ने की आशंका नहीं है.
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