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वायु प्रदूषण: निर्देशों के पालन पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, कहा- बनानी पड़ सकती है टास्क फोर्स

वायु प्रदूषण: निर्देशों के पालन पर सुप्रीम कोर्ट चिंतित, कहा- बनानी पड़ सकती है टास्क फोर्स

आयोग ने एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे. (सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो)

आयोग ने एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे. (सुप्रीम कोर्ट की फाइल फोटो)

Air Pollution in Delhi: सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए आयोग की तरफ से एनसीआर के राज्यों को कई निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ निर्देशों का पालन हुआ है, लेकिन कुछ अन्य निर्देशों के अनुपालन को लेकर जानकारी नहीं थी. इस पर सीजेआई ने कहा, 'हम हर राज्य को जवाब देने के लिए कहेंगे कि उन्होंने कौन से निर्देश लागू किए. ऐसा नहीं होने पर हम एक स्वतंत्र टास्क फोर्स के गठन पर मजबूर हो जाएंगे.'

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    नई दिल्ली. वायु प्रदूषण (Air Pollution) की समस्या को लेकर दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सोमवार को फिर सुनवाई की. शीर्ष अदालत ने दिल्ली (Delhi), उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh), हरियाणा (Haryana) और पंजाब (Punjab) सरकार को एयर क्वालिटी मैनेजमेंट के निर्देशों का पालन करने संबंधित हलफनामा दायर करने के निर्देश दिए हैं. साथ ही कोर्ट ने कहा है कि अगर नियम नहीं माने गए हैं, तो राज्यों को तत्काल उनका पालन करना होगा. मुख्य न्यायाधीश एनवी रमन्ना, जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की विशेष पीठ मामले पर सुनवाई कर रही है. आगे की सुनवाई 2 दिसंबर को होगी.

    सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने सोमवार को बताया कि प्रदूषण कम करने के लिए आयोग की तरफ से एनसीआर के राज्यों को कई निर्देश दिए गए हैं. उन्होंने कहा कि कुछ निर्देशों का पालन हुआ है, लेकिन कुछ अन्य निर्देशों के अनुपालन को लेकर जानकारी नहीं थी. इस पर सीजेआई ने कहा, ‘हम हर राज्य को जवाब देने के लिए कहेंगे कि उन्होंने कौन से निर्देश लागू किए. ऐसा नहीं होने पर हम एक स्वतंत्र टास्क फोर्स के गठन पर मजबूर हो जाएंगे.’

    केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग कमेटी ने राजस्थान, हरियाणा, पंजाब और दिल्ली राज्य को 6 महीने पहले ही पत्र लिखकर कहा था कि जो प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग हैं उन्हें कहीं और शिफ्ट किया जाय या फिर उन्हें प्रदूषण न फैलाने वाले ईंधन दें, लेकिन किसी राज्य ने इस दिशा में कोई भी काम नही किया है.

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    सीजेआई ने आगे कहा, ‘इनका लागू होना जरूरी है. अगर इन्हें लागू नहीं किया जाता है, तो टास्क फोर्स बनाना ही एकमात्र रास्ता होगा.’ पीठ ने कहा, ‘आज का एक्यूआई 419 था और यहां वायरस की भी एक परेशानी है, हम इससे कैसे निपटेंगे?’ इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि हम वायरस के साथ अलग से निपट सकते हैं. सीजेआई ने मांग की थी कि हलफनामे में दिखाएं कि किन राज्यों ने नियमों का पालन नहीं किया है. हम उन्हें पालन करने के लिए कहेंगे और निर्देश जारी करेंगे. सीजेआई ने सवाल किया, ‘आयोग केवल हमारे आदेशों को राज्यों तक भेजने के अलावा क्या कर रहा है.’

    आयोग ने एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों में वायु की गुणवत्ता में सुधार के लिए कुछ निर्देश जारी किए थे. इनमें उद्योगों को गैस से संचालित करने, दिल्ली के 300 किमी के रेडियस में थर्मल पावर प्लांट्स बंद होना, जरूरी सामान के अलावा ट्रक की एंट्री पर रोक और डीजल जेनरेटर पर प्रतिबंध जैसी बातें शामिल थी.

    Tags: Air pollution, Delhi, Supreme Court

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