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आखिर क्यों बंधे हुए हैं पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के हाथ?

आखिर क्यों बंधे हुए हैं पाकिस्तान के पीएम इमरान खान के हाथ?

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (फ़ाइल फोटो)

पाकिस्तानी पीएम इमरान खान (फ़ाइल फोटो)

कर्ज में दबे पाकिस्तान के पास भारत की एयर स्ट्राइक के खिलाफ कुछ भी नहीं कर पाने की कई वजह हैं...

    भारत की एयर स्ट्राइक के बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने 27 फरवरी को संसद का संयुक्त सत्र बुलाया है और पाकिस्‍तानी नागरिकों और सुरक्षाबलों से हर हालात के लिए तैयार रहने को कहा है. उधर पाकिस्तानी विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने कहा है कि वह हमले वाले इलाके में अंतरराष्‍ट्रीय मीडिया को लेकर जाएंगे. हालांकि कर्ज में दबे पाकिस्तान के पास ऐसी कई वजह हैं जिसके चलते वो भारत के साथ इस तनाव को शांति से हल करने के लिए मजबूर है.

    अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी साथ नहीं
    विदेश मंत्रालय ने एयर स्ट्राइक के बाद अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी तक संदेश पहुंचाने के लिए सभी प्रमुख देशों के राजनायिको से मुलाक़ात की. इसके बाद डीन ऑफ़ डिप्लोमेटिक कॉर्प्स हैंस डेनबर्ग केस्टेलनोस ने कहा कि मैं भारत को इसके लिए बधाई देना चाहता हूं कि अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी को जल्द से जल्द इसकी सूचना दे दी गई. भारत का संदेश साफ़ था कि ये कार्रवाई आतंकियों के खिलाफ थी न कि आम लोगों के. उधर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही पाकिस्तान को आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए दी जाने वाली आर्थिक मदद रोक चुके हैं.

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    इसके अलावा ट्रंप ने पाकिस्तान को कई मौकों पर स्पष्ट संदेश दिया है कि अगर वो आतंकवाद नहीं रोकेगा तो उसे कुछ नहीं मिलेगा. फॉक्स न्यूज़ को दिए एक इंटरव्यू में ट्रंप ने साफ़ कहा था कि हम पाकिस्तान को एक साल में 1.3 अरब डॉलर दे रहे थे और लादेन पाकिस्तान में रह रहा था, हम पाकिस्तान का समर्थन कर रहे थे. हम उन्हें अरबों डॉलर की आर्थिक मदद दे रहे थे, जो हमने बंद कर दी. मैंने इसे समाप्त कर दिया क्योंकि वे हमारे लिए कुछ नहीं करते.

    चीन ने भी किनारा किया
    भारत की तरफ से एयर स्ट्राइक के बाद ऐसा समझा जा रहा था कि चीन की तरफ से कड़ी प्रतिक्रिया आ सकती है लेकिन वहां से भी पाकिस्तान को निराशा हाथ लगी है. भले ही पाकिस्तान भारत पर दक्षिण एशिया में अशांति फैलाने का आरोप लगा रहा है लेकिन चीन ने दोनों ही देशों से 'संयम बरतने' की अपील की है. चीन ने साफ़ कहा कि नई दिल्ली और इस्लामाबाद को साथ मिलकर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अंतरराष्ट्रीय सहयोग जारी रखना चाहिए. चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लू कांग ने एयर स्ट्राइक से जुड़े सवाल के जवाब में मीडिया से कहा, 'हमने संबंधित खबरों को देखा है. मैं कहना चाहता हूं कि भारत और पाकिस्तान दक्षिण एशिया में दो महत्वपूर्ण देश है. दोनों के बीच मधुर संबंध और सहयोग दोनों देशों के हित में है और दक्षिण एशिया में शांति और स्थिरता के लिए भी अहम है.

    बालाकोट छोड़कर आपत्ति नहीं कर सकता
    भारतीय सेना ने पीओके के दो इलाकों मुज़फ्फराबाद और चकोठी के अलावा बालाकोट में मौजूद जैश ए मोहम्मद के आतंकी कैंप पर एयर स्ट्राइक की है. पीओके (पाकिस्तानी ओक्युपाईड कश्मीर) वो इलाका है जहां भारत पहले ही अपना अधिकार जताता है और पाकिस्तान ने वहां की स्वतंत्र सरकार को मान्यता दी हुई है और यहां की गई कार्रवाई पर वो आपत्ति जताने का अधिकार नहीं रखता. ऐसे में सिर्फ बालाकोट के लिए ही इंडियन एयरफ़ोर्स ने अंतरराष्ट्रीय सीमा को पार किया है.

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    हालांकि पाकिस्तान के आर्मी प्रवक्ता ने खुद ट्वीट कर जानकारी दी है, 'भारतीय लड़ाकू विमान नियंत्रण रेखा के पार मुज़फ़्फ़राबाद सेक्टर के तीन-चार किलोमीटर भीतर तक घुसे थे. किसी भी तरह का कोई नुक़सान नहीं हुआ है और कोई हताहत नहीं हुआ है.' इस स्थिति में अगर आतंकी मारे जाने और उनका ठिकाना तबाह होने को पाकिस्तान मानने से रहा और यूएन में भी उसकी दलील काफी कमज़ोर साबित होगी. बता दें कि यह 1971 के भारत-पाक युद्ध के बाद पहली बार है कि भारतीय लड़ाकू विमानों ने पाकिस्तान की सीमा में प्रवेश किया है. यहां तक कि 1999 के कारगिल युद्ध के दौरान भी भारतीय लड़ाकू विमान सीमापार नहीं गए थे.

    कर्जदार पाकिस्तान
    बता दें कि पाकिस्तान बुरी तरह कर्ज में दबा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय कम्युनिटी से लगातार मदद की गुहार भी लगा रहा है. अभी कुछ ही दिन पहले सऊदी के प्रिंस सलमान ने पाकिस्तान को आने वाले दिनों में 20 अरब डॉलर की मदद देने का वादा किया है. पाकिस्तान में आर्थिक हालात इतने बदतर हैं कि उसे विदेश से कर्ज मांग-मांग कर मुल्क चलाना पड़ रहा है. महज एक साल से भी कम वक्त में पाक 5 बार विदेशी मदद ले चुका है. जुलाई 2018 में पाकिस्तान ने चीन से 2 अरब डॉलर का कर्ज लिया. इस मदद के बाद पाक का विदेशी मुद्रा भंडार 11.20 अरब डॉलर पहुंचा.

    दिसंबर 2018 में ही बिगड़ती अर्थव्यवस्था को सुधारने के लिए पाकिस्तान ने संयुक्त अरब अमीरात से 3 अरब डॉलर का कर्ज लिया. इसी महीने फरवरी में दोबारा चीन ने पाकिस्तान को 2.5 अरब डॉलर कर्ज देने का वादा किया है. इतना ही नहीं इमरान खान जल्द ही आईएमएफ से भी मदद मांगने वाले हैं. ऐसे में पाकिस्तान उधार मांग कर भारत के खिलाफ युद्ध लड़ने की स्थिति में नहीं है और उसकी तरह से ऐसी किसी कार्रवाई करने की आशंका बेहद कम है.

    Tags: Imran khan, Jaish e mohammad, Masood Azhar, Narendra modi, Pakistan, Pakistan army

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