अपना शहर चुनें

States

नौ महीने में पूरी तरह विखंडित हो जाएगा विमानवाहक युद्धपोत ‘विराट’

भारतीय नौसेना के सेवामुक्त कर दिए गए विमानवाहक युद्धपोत विराट को विखंडित करने की प्रकिया 30 प्रतिशत तक पूरी की जा चुकी है. (Pic- Indian Navy)
भारतीय नौसेना के सेवामुक्त कर दिए गए विमानवाहक युद्धपोत विराट को विखंडित करने की प्रकिया 30 प्रतिशत तक पूरी की जा चुकी है. (Pic- Indian Navy)

विश्व में सर्वाधिक समय तक सेवा देने वाले विमानवाहक युद्धपोत विराट को भारतीय नौसेना ने चार साल पहले सेवामुक्त कर दिया था. गुजरात स्थित पोत विखंडन कंपनी श्री राम समूह ने पिछले साल जुलाई में हुई एक नीलामी में विराट को 38.54 करोड़ रुपये में खरीदा था. श्री राम समूह के प्रमुख मुकेश पटेल ने बताया कि कंपनी ने विराट को विखंडित करने की प्रक्रिया दिसंबर में शुरू कर दी थी. पटेल ने कहा कि पोत को 300 प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता से विखंडित किया जा रहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 25, 2021, 11:35 PM IST
  • Share this:
अहमदाबाद. भारतीय नौसेना के सेवामुक्त कर दिए गए विमानवाहक युद्धपोत विराट को विखंडित करने की प्रक्रिया 30 प्रतिशत तक पूरी की जा चुकी है. ऐसा अनुमान है कि इस समूचे पोत को नौ महीने के भीतर विखंडित कर दिया जाएगा. गुजरात स्थित पोत विखंडन कंपनी ने यह जानकारी दी है. भावनगर जिले के अलंग में श्री राम समूह के प्रमुख मुकेश पटेल ने बताया कि कंपनी ने विराट को विखंडित करने की प्रक्रिया दिसंबर में शुरू कर दी थी.

पटेल ने पिछले साल जुलाई में हुई एक नीलामी में विराट को 38.54 करोड़ रुपये में खरीदा था. विश्व में सर्वाधिक समय तक सेवा देने वाले इस युद्धपोत को भारतीय नौसेना ने चार साल पहले सेवामुक्त कर दिया था. पटेल ने कहा कि पोत को 300 प्रशिक्षित कर्मियों की सहायता से विखंडित किया जा रहा है. उन्होंने कहा, “हमने पिछले साल दिसंबर में विखंडन प्रकिया शुरू की थी और उम्मीद है कि अगले आठ से नौ महीने में यह पूरी हो जाएगी. हम पोत विखंडन के वैश्विक नियमों का पालन कर रहे हैं ताकि पर्यावरण को नुकसान न हो.” विराट सितंबर में मुंबई से अलंग पहुंचा था.





मार्च 2017 में रिटायर हुई ‘ग्रांड ओल्ड लेडी’
नौसेना में विराट को ‘ग्रांड ओल्ड लेडी’ भी कहा जाता है. भारतीय नौसेना में 29 वर्षों तक सेवा देने के बाद विमानवाहक युद्धपोत को मार्च 2017 में सेवामुक्त कर दिया गया था. इसे समुद्री धरोहर संग्रहालय का रूप देने के लिए सोशल मीडिया पर अभियान चलाया गया था लेकिन उससे कोई लाभ नहीं हुआ. यह सेंटोर श्रेणी का लड़ाकू विमान वाहक पोत था जो 226 मीटर लंबा, 49 मीटर चौड़ा जबकि इसका वजन 27,800 टन था. भारत ने इसे 1984 में खरीद लिया था और करीब तीन साल बाद तमाम परीक्षण के बाद मई 1987 में इसे भारतीय नौसेना में शामिल किया गया और इसका नाम आइएनएस विराट रखा गया. लंबे समय तक भारतीय नौसेना का गौरव रहे इस युद्धपोत को मार्च 2017 में रिटायर कर दिया गया.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज