लाइव टीवी
Elec-widget

देश को जल्‍द मिल सकता है चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ, सरकार ने तीनों सेनाओं से मांगे नाम

News18Hindi
Updated: November 20, 2019, 7:51 PM IST
देश को जल्‍द मिल सकता है चीफ ऑफ डिफेंस स्‍टाफ, सरकार ने तीनों सेनाओं से मांगे नाम
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ऐतिहासिक सैन्य सुधार करते हुए 15 अगस्त को घोषणा की थी कि भारत की तीनों सेना के लिए एक प्रमुख होगा, जिसे सीडीएस कहा जाएगा. file photo. PTI

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ/सीडीएस (CDS) की दौड़ में सेना प्रमुख बिपिन रावत (Bipin Rawat) इस पद की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन सरकार ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना को इस नए पद के लिए अपने-अपने वरिष्ठ कमांडरों के नामों की सिफारिश करने के लिये कहा है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 20, 2019, 7:51 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल (Ajit Doval) की अध्यक्षता वाली समिति अगले तीन सप्ताह के भीतर चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ/सीडीएस (CDS) की नियुक्ति के तौर-तरीकों को अंतिम रूप देगी. इससे दिसंबर के अंत तक सरकार को एकीकृत सैन्य सलाहकार मिलने का रास्ता साफ हो जाएगा. आधिकारिक सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी. सूत्रों ने कहा कि सेना प्रमुख बिपिन रावत (Bipin Rawat) इस पद की दौड़ में सबसे आगे हैं, लेकिन सरकार ने थलसेना, नौसेना और वायुसेना को इस नए पद के लिए अपने-अपने वरिष्ठ कमांडरों के नामों की सिफारिश करने के लिये कहा है.

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) ने ऐतिहासिक सैन्य सुधार करते हुए 15 अगस्त को घोषणा की थी कि भारत की तीनों सेना के लिए एक प्रमुख होगा, जिसे सीडीएस (CDS) कहा जाएगा. 1999 में करगिल युद्ध के बाद से ही सीडीएस नियुक्त करने का प्रस्ताव लंबित था.

ज्यादा से ज्यादा अधिकारियों को इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाना
सूत्रों के मुताबिक, तीनों सेनाओं से कमांडर रैंक के अधिकारियों के नाम मंगवाने का मकसद नए दफ्तर में अधिकारियों की नियुक्ति के लिए ज्यादा से ज्यादा अधिकारियों को इस प्रक्रिया का हिस्सा बनाना है. इस बार जिन अधिकारियों की नियुक्ति इस नए दफ्तर में की जानी है, उनका चयन वरिष्ठता के आधार पर होगा. प्रक्रिया अगले महीने से शुरू हो जाएगी.

चीन और पाकिस्तान में  ऐसी  है  व्यवस्था
सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, ज्वॉइंटमैनशिप उस समय काफी अहम हो होगा यदि भारत पर दो तरफ- उत्तर-पश्चिमी और उत्तर-पूर्वी सीमा से हमला हो जाए. चीन ने पहले ही पीपुल्स लिबरेशन आर्मी को सैन्य क्षेत्रों और थिएटर कमांड में विभाजित किया हुआ है. वहीं पाकिस्तान का सशस्त्र बल ज्वॉइंट स्टाफ हेडक्वार्टर की धारणा पर चलता है. जिसमें सेना अपने कोर कमांडरों के तहत भूमिका निभाती है.

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: November 20, 2019, 7:09 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...