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CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समुदायों को अकाल तख्त का समर्थन

News18Hindi
Updated: February 15, 2020, 6:44 PM IST
CAA के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे मुस्लिम समुदायों को अकाल तख्त का समर्थन
अमृतसर, पंजाब में अकाल तख्त की फाइल फोटो

अकाल तख्त (Akal Takht) के प्रमुख हरप्रीत सिंह, दिल्ली अल्पसंख्यक कमीशन (Delhi Minority Commission) के प्रमुख जफरुल इस्लाम खान से अमृतसर (Amritsar) में मिले.

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  • Last Updated: February 15, 2020, 6:44 PM IST
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अमृतसर. नागरिकता संशोधन कानून (CAA) का विरोध कर रहे मुस्लिम समुदायों (Muslim Communities) को एक और साथी मिल गया है. अकाल तख्त संस्था (Akal Takht) के प्रमुख ने उन्हें अपना समर्थन दिया है.

अकाल तख्त के प्रमुख ज्ञानी हरप्रीत सिंह (Harpreet Singh Giani) ने समुदाय को अपना समर्थन दिया. NDTV की एक रिपोर्ट के मुताबिक इसके लिए हरप्रीत सिंह से दिल्ली अल्पसंख्यक कमीशन (Delhi Minority Commission) के प्रमुख जफरुल इस्लाम खान से अमृतसर (Amritsar) में मिले.

'सिख हमेशा अन्याय के खिलाफ और इसका शिकार बनने वालों के साथ खड़े रहेंगे'
हरप्रीत सिंह ने कहा कि अल्पसंख्यकों (Minorities) के अंदर डर और असुरक्षा का भाव है, जो कि देश के लिए अच्छा नहीं है. उन्होंने यह भी कहा कि सिख हमेशा अन्याय के खिलाफ और इसका शिकार बनने वालों के साथ खड़े रहेंगे.



तख्त के प्रमुख ने कहा कि उन्हें ऐसे ही समर्थन की मांग अन्य मुस्लिम समुदायों से भी मिली थी. उन्होंने खान से कहा कि वे हिंदू समुदायों (Hindu Communities) से भी संपर्क करें और उनमें से भी कई सारे ऐसी ही असुरक्षा महसूस कर रहे हों, उनके साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत करें. उन्होंने यह भी कहा कि देश में शांति बनाए रखने के लिए सभी एक प्लेटफॉर्म पर आएंगे, ऐसी उनको आशा है.

CAA और NRC को साथ में लागू किए जाने को लेकर डरे हुए हैं कई लोग
दिल्ली अल्पसंख्यक कमीशन के प्रमुख जफरुल इस्लाम खान ने यह कहा कि सिख समुदाय (Sikh Community) के समर्थन ने उनमें (मुस्लिम समुदाय में) भारत को एक धर्म पर आधारित देश बनाने का प्रयास करने वालों के खिलाफ प्रयासों को लेकर आशा का संचार किया है.

सिख खुद एक ऐसे अल्पसंख्यक समुदाय (Minority Community)  का निर्माण करते हैं- जिस समुदाय के पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से आने वाले लोगों को भारतीय नागरिकता के लिए एक आसान रास्ता दिया जाना है. हालांकि कई लोग डरे हुए हैं कि नागरिकता संशोधन कानून (CAA) और राष्ट्रीय नागरिकता पंजी (NRC) को साथ में लागू किया जाना पूरे देश की मुस्लिम जनसंख्या के खिलाफ एक भेदभावपूर्ण प्रक्रिया होगी.

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First published: February 15, 2020, 6:44 PM IST
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