अकालियों का NDA छोड़ना दुर्भाग्यपूर्ण: पंजाब BJP नेता

शिरोमणि अकाली दल ने NDA का साथ छोड़ दिया है (फाइल फोटो)
शिरोमणि अकाली दल ने NDA का साथ छोड़ दिया है (फाइल फोटो)

शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के राजग (NDA) से नाता तोड़ने के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा (BJP) के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने लंबे समय से चले आ रहे संबंध (relations) को तोड़ दिया.

  • भाषा
  • Last Updated: September 27, 2020, 7:57 PM IST
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चंडीगढ़. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के साथ संबंध तोड़ने के शिअद के फैसले को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए पंजाब (Punjab) के वरिष्ठ भाजपा नेता (Senior BJP Leader) मनोरंजन कालिया और मास्टर मोहन लाल ने रविवार को कहा कि पार्टी 2022 के पंजाब चुनावों (Punjab Elections) में अकेले चुनाव लड़ने और जीतने में सक्षम है. शिअद (SAD) ने शनिवार रात को कृषि विधेयकों (Agricultural bills) के मुद्दे पर राजग छोड़ने का ऐलान किया था. विपक्षी दलों (Opposition Leaders) के विरोध के बीच संसद में पारित किए गए तीन कृषि विधेयकों (Farm Bills) के खिलाफ पंजाब में किसानों के बढ़ते विरोध प्रदर्शनों के बीच शिरोमणि अकाली दल (Shiromani Akali Dal) के प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने यह घोषणा की.

शिअद के राजग (NDA) से नाता तोड़ने के फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए, भाजपा के वरिष्ठ नेता मनोरंजन कालिया ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि उन्होंने लंबे समय से चले आ रहे संबंध (relations) को तोड़ दिया. उन्होंने बताया कि अकाली दल (Akali Dal) में पीढ़ीगत बदलाव हुआ है क्योंकि सुखदेव सिंह ढींडसा, रणजीत सिंह ब्रह्मपुरा और सेवा सिंह सेखवान जैसे कई वरिष्ठ नेता ने शिअद (SAD) छोड़ दिया है, जो कभी अकाली दल के वरिष्ठ नेता प्रकाश सिंह बादल (Prakash Singh Badal) के करीबी थे और उनके साथ काम करते थे.

"दूसरी पीढ़ी ने कार्यभार संभाल लिया है और कुछ नेता अधिक प्रतिक्रियाशील"
कालिया ने कहा, ‘‘अब, दूसरी पीढ़ी ने कार्यभार संभाल लिया है और कुछ नेता अधिक प्रतिक्रियाशील हैं.’’ कालिया ने कहा कि भाजपा ने हमेशा शिअद को साथ लेकर चलने की कोशिश की और उन्होंने इसका एक उदाहरण दिया कि 2007 में उप-मुख्यमंत्री का पद गठबंधन सहयोगी अकाली दल को दिया गया था जब पंजाब में भाजपा के अच्छे प्रदर्शन के कारण सरकार बनी थी.
कालिया ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने भी इसके पक्ष में बयान दिया, लेकिन बाद में उन्होंने यू-टर्न ले लिया. यह दुर्भाग्यपूर्ण है. कालिया ने कृषि विधेयकों का बचाव करते हुए कहा कि ये किसानों के हित में हैं.



‘‘हम तैयार हैं, हम चुनाव लड़ेंगे और हम निश्चित रूप से सरकार बनाएंगे’’
साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनाव के बारे में पूछे जाने पर, कालिया ने कहा कि पार्टी अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार है. उन्होंने कहा, ‘‘हम तैयार हैं. हम (चुनाव) लड़ेंगे और हम निश्चित रूप से सरकार बनाएंगे.’’

एक अन्य भाजपा नेता मास्टर मोहन लाल ने अकालियों के राजग से बाहर निकलने के कदम को "जल्दबाजी में लिया गया निर्णय" बताया. लाल ने कहा कि अकालियों को भाजपा के प्रमुख नेताओं के साथ बैठक करनी चाहिए थी.

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उन्होंने कहा, ‘‘मुझे समझ नहीं आता कि अकालियों की मजबूरियां क्या थीं और उन्होंने यह फैसला क्यों लिया.’’ पूर्व मंत्री ने कहा कि शिअद और भाजपा ने पंजाब में विकास, शांति और सद्भाव के लिए गठबंधन किया था.
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