असम के CM ने सदन को बताया 'भावनात्मक असंतुलन, मनोरोग के लिए चल रहा है विधायक अखिल गोगोई का इलाज'

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा.

असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा.

निर्दलीय विधायक अखिल गोगोई के मामले पर विधानसभा में चर्चा के दौरान असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने सदन को बताया कि गोगोई मनोवैज्ञानिक समस्याओं से पीड़ित हैं और भावनात्मक असंतुलन और मनोरोग को लेकर उनका इलाज चल रहा है. उन्होंने ये जानकारी कांग्रेस पार्टी की उस मांग पर दी है, जिसमें अखिल गोगोई को तीन दिवसीय सत्र में हिस्सा लेने देने की अपील विधानसभा अध्यक्ष से की गई थी.

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गुवाहाटी. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सोमवार को विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए विधायक अखिल गोगोई के मुद्दे पर भी बात की. मुख्मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने सदन में चर्चा के दौरान कहा कि संशोधित नागरिकता कानून (CAA) का विरोध कर रहे जेल में बंद कार्यकर्ता और विधायक अखिल गोगोई 'मनोवैज्ञानिक समस्याओं' से पीड़ित हैं और 'भावनात्मक असंतुलन और मनोरोग' को लेकर उनका इलाज चल रहा है. सरमा ने गोगोई को विधानसभा सत्र में हिस्सा लेने की इजाजत देने की कांग्रेस की मांग को खारिज कर दिया लेकिन कहा कि- सरकार ने किसी के खिलाफ भी कोई नकारात्मक नजरिया नहीं रखा है.

मुख्यमंत्री ने कहा, कि उन्हें (गोगोई को) बताया गया कि उनकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं है. वह मनोवैज्ञानिक समस्याओं के लिये उपचार ले रहे हैं. उनका भावनात्मक असंतुलन और मानसिक बीमारी के लिये इलाज चल रहा है. सरमा ने कहा, 'वे (गोगोई) उस दिन विधानसभा आए थे. कोविड के नियमों को भूलकर वह सदन में हर किसी सदस्य से मिलने पहुंच गए. यह बीमारी की पूर्व-चेतावनी है. जीएमसीएच (गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) के डॉक्टरों ने मुझे बताया कि उन्हें बीमारी है.' सरमा ने आगे कहा कि उन्होंने डॉक्टरों से पूछा कि वह स्वस्थ दिख रहे हैं, तो आपने उन्हें अस्पताल में क्यों रखा है? क्या यह उन्हें किसी तरह मदद पहुंचाने की कोशिश है? जिस पर डॉक्टरों का कहना था कि 'नहीं सर, यह उनकी बीमारी है.'

21 मई को शपथ लेने विधानसभा आए थे अखिल गोगोई

तीन दिवसीय सत्र के पहले दिन 21 मई को RTI कार्यकर्ता से नेता बने गोगोई विशेष NIA अदालत से मंजूरी के बाद विधायक के तौर पर शपथ लेने के लिये विधानसभा आए थे. वे फिलहाल न्यायिक हिरासत में हैं. गोगोई शुक्रवार को शपथ लेने के तत्काल बाद सभी मंत्रियों, सत्तापक्ष और विपक्ष के विधायकों की सीट पर गए और उनसे हाथ मिलाकर या हाथ जोड़कर अभिवादन किया. NIA ने प्रदेश में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम के विरोध में हिंसक प्रदर्शनों में कथित तौर पर भूमिका को लेकर दिसंबर 2019 में गोगोई को गिरफ्तार किया था. उन्हें पिछले साल जीएमसीएच में कोविड-19 के इलाज के लिए भर्ती कराया गया था और वह तब से अन्य बीमारियों के कारण वहीं हैं.
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कांग्रेस ने उठाए थे सवाल

कांग्रेस विधायक नारा ने विधानसभा अध्यक्ष से अनुरोध किया था कि गोगोई को सत्र के अन्य दो दिनों की कार्यवाही में हिस्सा लेने की इजाजत दी जाए. जिस पर जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कांग्रेस विधायक भरत नारा से पूछा कि विधानसभा कैसे एक बीमार व्यक्ति को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने की इजाजत दे सकती है? सरमा ने कहा, 'सरकार ने किसी को लेकर कोई नकारात्मक रुख नहीं रखा है. सवाल उठाए गए कि अखिल गोगोई को क्यों बस से लाया गया? यह कोविड का समय है और 5 सुरक्षाकर्मी एक कार में आएंगे तो कोरोना नहीं फैलेगा? यह सरकार की जिम्मेदारी है कि उन्हें ज्यादा जगह वाली बस में लाया जाए जिससे कोविड नियमों को बरकरार रखा जा सके.'



(Disclaimer: यह खबर सीधे सिंडीकेट फीड से पब्लिश हुई है. इसे News18Hindi टीम ने संपादित नहीं किया है.)

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