Home /News /nation /

13 मई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे अखिल गोगोई, मां ने राज्य पर लगाया साजिश का आरोप

13 मई तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे अखिल गोगोई, मां ने राज्य पर लगाया साजिश का आरोप

असम के नेता अखिल गोगोई की मां प्रियदा गोगोई (फोटो- News18)

असम के नेता अखिल गोगोई की मां प्रियदा गोगोई (फोटो- News18)

अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) की मां कई मौकों पर अपने बेटे की रिहाई की मांग कर चुकी हैं और पिछले दिसंबर में भूख हड़ताल (hunger strike) भी कर चुकी हैं.

    तूलिका देवी
    "मुझे नहीं पता मेरे बेटे ने क्या अपराध किया है, जब कोरोना वायरस (Coronavirus) की वजह से हर कोई परेशान हो रहा है और सबको घर में रहने के लिए कहा जा रहा है, वहीं सरकार (Government) मेरे बेटे को एक के बाद दूसरे कोर्ट लेकर जा रही है. यदि उसने इतना बड़ा अपराध किया है, मैं सरकार से प्रार्थना करती हूं कि उसे गोली मार दी जाए और ये सब ख़त्म किया जाए." यह सुबकते हुए अखिल गोगोई (Akhil Gogoi) की मां प्रियदा गोगोई ने कहा जब गोगोई को गुरुवार को फिर से 13 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत (judicial custody) में भेज दिया गया.

    मरियानी ज़िले के सेलेनघाट लुखूराखान में अपने निवास स्थान पर गोगोई की वृद्ध मां (Mother) बिलखते हुए राज्य सरकार (State Government) से अपने बेटे को छोड़ देने की दुबारा अपील करते हुए कहती हैं कि, "मैं वृद्ध हूं और दिल की मरीज़ भी, मैं तो यह उम्मीद कर रही थी कि मेरा बेटा मुझे मोतियाबिंद के ऑपरेशन के लिए अस्पताल (Hospital) लेकर जाएगा मगर अब यह हमारे परिवार के लिए असम्भव लगता है. अपने पिता से मिलने के लिए बेसब्र होते मेरे पोते को परिवार में कोई भी नहीं समझा पा रहा है. "प्रियदा गोगोई ने मीडिया को बताया.

    मां कई बार कर चुकी हैं रिहाई की मांग, दिसंबर में की थी भूख हड़ताल
    अखिल की मां कई मौकों पर अपने बेटे की रिहाई की मांग कर चुकी हैं और पिछले दिसंबर में भूख हड़ताल (strike) भी कर चुकी हैं.

    बुधवार को अखिल गोगोई को डिब्रूगढ़ जेल से गुवाहाटी लाया गया और एनआईए कोर्ट में प्रस्तुत करने के बाद उन्हें गुरुवार को 13 मई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. उनके खिलाफ चांदमारी पुलिस स्टेशन में केस दर्ज़ ( केस नंबर 13 /2019 ) हुआ था जब नागरिकता संशोधन क़ानून (CAA) के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन चल रहा था.

    लॉकडाउन के चलते अलग-अलग जगहों पर फंसे 4-5 लाख असमिया वापस लाए जाएं: अखिल
    "मैं बहुत तकलीफ में हूं, सरकार ने तीन और नए केस लगा दिए हैं जिससे मैं जेल से रिहा न हो पाऊं. मैं सभी से अनुरोध करता हूं की कोरोना वायरस से बच कर रहे. मैं सरकार से यह भी मांग करता हूं कि उन सभी 4-5 लाख असमियों को वापस लाया जाए जो लॉकडाउन की वजह से अलग अलग जगहों पर फंसे हैं और परेशानियों का सामना कर रहे हैं." अखिल गोगोई ने मीडियाकर्मियों पर झल्लाते हुए कहा जब उन्हें गुवाहाटी में नेशनल इन्वेस्टीगेशन एजेंसी ( NIA ) की अदालत में प्रस्तुत करने के लिए ले जाया जा रहा था. अखिल उनके दो और सहयोगी ढोईज्यो कुंवर और बिटू सोनोवाल को भी अदालत में पेश किया गया.

    लॉकडाउन के चलते नहीं पेश की जा सकी विस्तृत रिपोर्ट
    यहां यह बताना जरूरी है कि एनआईए कोर्ट (NIA Court) ने इस केस के साथ साथ छाबुआ के अफसर तुलुमोनी डोवेराह पर प्रदर्शन के दौरान हुए हिंसक हमले का केस भी लेने का फैसला किया है. मगर इस केस की विस्तृत रिपोर्ट लॉकडाउन की वजह से पेश नहीं की जा सकी और कोर्ट ने सुनवाई की तिथि तीन मई के बाद रखने का फैसला किया है. अखिल के खिलाफ यह मामला डिब्रूगढ़ के छाबुआ पुलिस स्टेशन द्वारा दर्ज़ किया गया है और हिंसा उकसाने में उनके कथित भूमिका के मामले को भी राज्य सरकार ने एनआईए को दे दिया था. इसी के आधार पर इनवेस्टिगेटिव एजेंसी ने नया केस दर्ज ( 01 / 2020 ) किया है. गोगोई की लीगल टीम ने मीडिया को बताया कि इस केस में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान छाबुआ पुलिस स्टेशन के सब इंस्पेक्टर का दांत टूट गया था.

    अखिल के जेल में रहने पर कई लोगों ने जताई साजिश की आशंका
    पिछले 17 मार्च को स्पेशल एनआईए कोर्ट (Special NIA Court) ने एक केस में गोगोई को जमानत दे दी थी जिसमें उन पर माओवादी होने का आरोप था और गोगोई के 90 दिनों के जेल प्रवास के दौरान एजेंसी चार्जशीट नहीं तैयार कर पायी थी. 16 मार्च को एनआईए ने चार्जशीट (Charge-sheet) फाइल करने के लिए 90 दिनों की और रियायत मांगी थी मगर स्पेशल कोर्ट ने इसे नामंजूर करते हुए गोगोई को जमानत दे दी थी. गोगोई चूंकि गुवाहाटी की सेंट्रल जेल में थे, शिवसागर पुलिस ने 19 मार्च को उन्हें चार दिन की पुलिस हिरासत में ले लिया. शिवसागर पुलिस ने उन्हें गुवाहाटी जेल से हिंसक प्रदर्शन और शिवसागर में अवैध रूप से लोगों को इकठ्ठा करने के लिए गिरफ्तार किया था. 28 मार्च को उन्हें इस मामले में जमानत मिल गयी थी. इस नेता के खिलाफ नागरिकता क़ानून के विरोध में प्रदर्शन के दौरान अनेक मामले दर्ज किये गए हैं इसलिए उनके जेल में रहने से कई लोगों ने इसमें साजिश की आशंका व्यक्त की है.

    यह भी पढ़ें: कोरोना के लगभग बराबर मामले होने के बाद भी पंजाब में हरियाणा से अधिक मृत्यु दरundefined

    Tags: Assam, Corona, Coronavirus, Hunger, NIA

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर