मां का चल रहा कोरोना का इलाज, पिता की हुई मौत तो बेटे ने शव लेने से किया मना; मुस्लिम युवकों ने किया अंतिम संस्कार

'सपने में देवी का आदेश मिलने के बाद' कोविड-19 वैश्विक महामारी खत्म करने के लिए मानव बलि दी है.
'सपने में देवी का आदेश मिलने के बाद' कोविड-19 वैश्विक महामारी खत्म करने के लिए मानव बलि दी है.

महाराष्ट्र (Maharashtra) स्थित अकोला (Akola) 25 मौतों और 400 से अधिक पॉजिटिव मामलों के साथ सबसे बड़े कोरोना वायरस हॉटस्पॉट में से एक है.

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मुंबई. महाराष्ट्र (Maharashtra) स्थित अकोला (Akola) में शनिवार को दिल का दौरा पड़ने के चलते मार गए एक 78 वर्षीय हिंदू व्यक्ति के परिवार ने कथित तौर पर उनका अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. इसके बाद स्थानीय संगठन के कुछ मुस्लिम युवाओं ने रविवार को उनका अंतिम संस्कार किया.

एक ओर जहां शख्स का दिल का दौरा पड़ने से मृत्यु हो गई वहीं उनकी पत्नी का अकोला के सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल (जीएमसीएच) में कोरोना वायरस (Coronavirus) का इलाज चल रहा है. द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार अकोला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (Akola Municipal corporation) के स्वच्छता विभाग के प्रमुख प्रशांत राजुरकर ने बताया, 'नागपुर में रहने वाले इस व्यक्ति के बेटे ने शव को लेने और अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया. इसलिए स्थानीय मुस्लिम संगठन अकोला कच्छी मेमन जमात ने जिम्मेदारी संभाली. रविवार को कुछ मुस्लिम लोगों ने श्मशान में चिता को जलाया.'

अकोला, 25 मौतों और 400 से अधिक पॉजिटिव मामलों के साथ सबसे बड़े कोरोना वायरस हॉटस्पॉट में से एक है. अमरावती (Amrawati) के डिवीजनल कमिश्नर पीयूष सिंह ने कहा, 'मृतक व्यक्ति की पत्नी को 23 मई को शाम 4 बजे के आसपास जीएमसीएच में भर्ती कराया गया था. उनमें कोरोना के लक्षण थे. GMCH के डीन को शाम 6.30 बजे के आसपास एक मैसेज मिला कि वह आदमी घर पर गिर गया. एंबुलेंस भेजी गई लेकिन वह मर चुके थे. 24 मई की सुबह पत्नी की रिपोर्ट पॉजिटिव आई. प्रोटोकॉल के अनुसार मृत शरीर से स्वैब नहीं लेते हैं, लेकिन करीबी रिश्तेदारों के स्वैब ले लिए जाते हैं. इसलिए रिपोर्ट का इंतजार है.'



अब तक किये 60 अंतिम संस्कार
मुस्लिम संगठन के अध्यक्ष जावेद ज़केरिया ने कहा, 'अकोला में कोरोना के चलते हुई पहली मौत के बाद हमने उन लोगों के लिए अंतिम संस्कार करने का फैसला किया जिनके परिवार ऐसा करने में असमर्थ हैं. तब से हमने 60 अंतिम संस्कार किए हैं, जिनमें से 21 कोविड रोगियों के थे. इनमें से पांच हिंदू थे.'

ज़केरिया ने यह भी कहा कि उनके वॉलंटियर्स ने पीपीई पहना और ज्यादातर मामलों में चिता जलाने के बाद रुक जाते हैं. हालांकि रविवार के अंतिम संस्कार में उन्होंने चिता जलाई. एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार शख्स के बेटे से संपर्क नहीं किया जा सका. अकोला म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के स्वच्छता विभाग के प्रमुख राजुरकर ने कहा कि वह अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए लेकिन इसके लिए 5,000 रुपये प्रदान दिए. उन्होंने कहा 'रविवार के अंतिम संस्कार ने कुछ लोगों को नाराज कर दिया है. वे परेशान हैं कि मृतक का नाम सार्वजनिक हो गया है और बेटा मीडिया कवरेज के कारण परेशान है.'

सोमवार को अकोला में कोविड -19 (Covid19) से एक और व्यक्ति की मौत हो गई जिसके बाद मृतकों की संख्या 25 हो गई. मृतक एक महिला थी, जिसे 19 मई को जीएमसीएच में भर्ती कराया गया था और 23 मई को इसका सैंपल लिया गया था. अकोला में अब तक 400 से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं. नागपुर में सोमवार को एक कोविड -19 की मौत दर्ज की गई जहां अब तक 8 लोगों की मौते हो गई हैं. वहीं विदर्भ क्षेत्र में अब तक 53 मौतें हुई हैं.



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