सरकार के सीज़फायर के फैसले पर आतंकी बोले- कोई समझौता नहीं, जारी रहेंगे हमले

लश्कर-ए-तैयबा ने कहा कि वो ऐसा कोई समझौता करने के बारे में सोच तक नहीं सकते. लश्कर-ए-तैयबा के सरगना महमूद शाह ने कहा कि संघर्ष-विराम कोई विकल्प नहीं है.


Updated: May 16, 2018, 10:27 PM IST
सरकार के सीज़फायर के फैसले पर आतंकी बोले- कोई समझौता नहीं, जारी रहेंगे हमले
प्रतीकात्मक फोटो

Updated: May 16, 2018, 10:27 PM IST
रमजान महीने की शुरुआत के बाद केंद्र सरकार ने आदेश दिया है कि जम्मू-कश्मीर में आतंकियों पर गोली ना चलाई जाए. सरकार ने यह फैसला रमजान के दौरान शांति कायम करने के लिए लिया. हालांकि, आतंकी संगठनों ने सीजफायर के फैसले को मानने से इनकार कर दिया है. कश्मीर के स्थानीय अखबारों के अनुसार, लश्कर-ए-तैयबा ने कहा कि वो ऐसा कोई समझौता करने के बारे में सोच तक नहीं सकते. हमले आगे भी जारी रहेंगे.

एक बयान में लश्कर-ए-तैयबा के सरगना महमूद शाह ने कहा कि संघर्ष-विराम कोई विकल्प नहीं है. शाह ने कहा,  'हम इस आजादी की लड़ाई में बलिदान ना देना, अपना अपमान मानते हैं.  हम शहीदों के उत्तराधिकारी हैं. यह चुनना शहीदों के खून का अपमान है.' अपने बयान ने शाह ने केंद्र सरकार के फैसले को सिर्फ ड्रामा करार दिया है.'

एक अन्य बयान में आतंकवादी संगठन अल उमर मुजाहिदीन ने सरकार के इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. संगठन के सरगना मुश्ताक अहमद जरगर ने कहा, 'भारत के साथ बातचीत एक बेकार का प्रयास है और कश्मीर मुद्दे के लिए सशस्त्र रास्ता ही अपनाया जा सकता है.'

 

Loading...


गृह मंत्रालय ने ट्वीट कर कहा है कि 'इस्लाम से आतंक और हिंसा को अलग करना जरूरी है.' गृह मंत्रालय ने कहा, जब तक मासूम जनता पर कोई आतंकी हमला ना हो तब तक फायरिंग ना करें. मंत्रालय ने यह भी कहा है कि यह फैसला मुस्लिम भाई, बहनों की हिफाजत के लिए लिया गया है, ताकि वह रमजान के दौरान अमन-चैन से रह सके.


हालांकि, सरकार ने यह कहा है कि किसी निर्दोष की जान बचाने या अगर सुरक्षा बलों पर हमला हो तो वो जवाबी कार्रवाई कर सकते हैं. सरकार उम्मीद करती है कि हर कोई इस पहल में सहयोग करे.

इस बीच, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने सरकार की ओर से किए गए सीजफायर का स्वागत किया और गृह मंत्री राजनाथ सिंह और प्रधानमंत्री मोदी को उनके व्यक्तिगत हस्तक्षेप के लिए धन्यवाद दिया है.

एक ट्वीट में मुफ्ती ने कहा, 'इस तरह के फैसलों से निरंतर बातचीत के लिए एक वातावरण बनेगा.'
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर